Hindi Newsलाइफस्टाइल न्यूज़यात्राkanthalloor is known as Kerala kashmir hills turn blue every 12 years places to visit liquid gold sandal neelakurinji
जम्मू ही नहीं केरल का 'कश्मीर' भी है बेहद खूबसूरत, हर 12 साल में पहाड़ियां हो जाती हैं नीली

जम्मू ही नहीं केरल का 'कश्मीर' भी है बेहद खूबसूरत, हर 12 साल में पहाड़ियां हो जाती हैं नीली

संक्षेप:

Kashmir Of Kerala : यह फूल हर 12 साल में खिलता है और खिलने के बाद पूरी घाटी नीले रंग की चादर से ढक जाती है। यह दुर्लभ दृश्य इतनी भीड़ खींचता है कि देश-विदेश से पर्यटक इसे देखने आते हैं।

Dec 09, 2025 05:16 pm ISTManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

Kanthalloor called Kashmir of Kerala: धरती के स्वर्ग की बात जब कभी होती है तो पहला जिक्र जम्मू के कश्मीर का होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं केरल में भी एक छोटा सा हिल स्टेशन है, जो देखने में इतना खूबसूरत है कि उसकी तुलना लोग सीधा कश्मीर से करने लगते हैं। ठंड के मौसम में यहां का नजारा पर्यटकों के दिल को छू लेता है। मुन्नार की हलचल से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित यह शांत, खूबसूरत और रहस्यमय गांव कंथलूर अपनी ठंडी जलवायु, सेब के बगीचों, चंदन के जंगल, 12 साल में खिलने वाले नीलकुरिंजी फूल और दशकों से चली आ रही अनोखी बार्टर प्रणाली के कारण ‘केरल का कश्मीर’ कहलाता है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

इस गांव में आज भी चलता है बार्टर सिस्टम

कंथलूर में पुरानी परंपराओं की झलक आज भी देखने को मिलती है। यहां एक अनोखी दुकान है, जिसमें 1962 से आज तक बार्टर सिस्टम चलता आ रहा है। स्थानीय लोग अपने खेतों की फसल जैसे लहसुन, अदरक, सरसों, धनिया या बीन्स लेकर आते हैं और बदले में चावल व अन्य आवश्यक सामान ले जाते हैं। लगभग 160 परिवार इस दुकान पर निर्भर हैं, जो इस परंपरा को और भी खास बनाता है।

12 साल में एक बार पहाड़ियां हो जाती हैं नीली

कंथलूर का एक और अद्भुत आकर्षण है यहां की पहाड़ियों में उगने वाला नीलकुरिंजी फूल है। यह फूल हर 12 साल में खिलता है और खिलने के बाद पूरी घाटी नीले रंग की चादर से ढक जाती है। यह दुर्लभ दृश्य इतनी भीड़ खींचता है कि देश-विदेश से पर्यटक इसे देखने आते हैं। बता दें, आखिरी बार 2018 में नीलकुरिंजी खिले थे, जिसे देखने का अगला मौका पर्यटकों को 2030 में मिलेगा।

प्राकृतिक रूप से उगता है चंदन

कंथलूर और इसका पड़ोसी इलाका मरयूर, केरल की एकमात्र ऐसी जगहें हैं जहां चंदन के पेड़ प्राकृतिक रूप से उगते हैं। यहां हवा में एक भीनी-भीनी मिठास और मिट्टी की खुशबू घुली रहती है। यहां स्थानीय लोग चंदन के तेल को 'लिक्विड गोल्ड' कहते हैं।

कंथलूर घूमने का सबसे अच्छा समय

कंथलूर घूमने का सबसे अच्छा समय सितंबर से मार्च के बीच होता है। इस समय यहां की हवा ठंडी हो जाती है, और पहाड़ आपको दक्षिण भारत की गर्मी से दूर ले जाते हैं।

Manju Mamgain

लेखक के बारे में

Manju Mamgain
मंजू ममगाईं लाइव हिन्दुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। मंजू ने अपना पीजी डिप्लोमा भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली और ग्रेजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया हुआ है। इन्हें पत्रकारिता जगत में टीवी, प्रिंट और डिजिटल का कुल मिलाकर 16 साल का अनुभव है। एचटी डिजिटल से पहले मंजू आज तक, अमर उजाला, सहारा समय में भी काम कर चुकी हैं। आज तक में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन लीड करने के बाद अब मंजू एचटी डिजिटल में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए काम कर रही हैं। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।