मंदिरों की नगरी बोला जाता है ये शहर, 1 दिन में करें इन जगहों को एक्सप्लोर
Bhubaneshwar Places to visit: जगन्नाथ पुरी की रथयात्रा में शामिल होने के लिए लाखों श्रद्धालु भुबनेश्वर होकर ही जाएंगे। इस शहर में अगर ठहरने का मौका मिले तो इन अद्भुत मंदिरों के दर्शन जरूर करें।

उड़ीसा की राजधानी भुबनेश्वर केवल पुरी पहुंचने का जरिया नहीं है। भुबनेश्वर को टेंपल नगरी के नाम से जाना जाता है। पुरी जा रहें रथयात्रा में शामिल होने के लिए तो भुबनेश्वर की सैर किए बिना आपकी ट्रिप अधूरी रह जाएगी। वैसे तो इस शहर में और आसपास घूमने के लिए एक दो नहीं पूरे 23 प्लेसेज हैं। लेकिन समय कम है और आपके पास मात्र 1 दिन भुबनेश्वर में रुकने के लिए है तो आप इन जगहों को जरूर एक्सप्लोर करें।
लिंगराज टेंपल
भुबनेश्वर के कुछ टॉप पॉपुलर मंदिर की लिस्ट में लिंगराज टेंपल शामिल है। सुबह साढ़े छह से लेकर शाम को साढ़े सात बजे तक खुला रहने वाला ये मंदिर शहर का सबसे पुराना और हिंदूओं का सबसे बड़ा मंदिर है। 11वीं शताब्दी में बने इस मंदिर में भगवान शिव की पूजा होती है। भुबनेश्वर के पुराने शहर में ये मंदिर स्थित है। जो एयरपोर्ट से मात्र साढ़े चार किमी ही दूर है। वहीं रेलवे स्टेशन की दूरी भी मंदिर से लगभग 5 किमी ही है।
बिंदू सरोवर
लिंगराज मंदिर के पास ही बना है बिंदू सरोवर, इस सरोवर के बारे में मान्यता है कि इसे भगवान शिव ने माता पार्वती की प्यास बुझाने के लिए बनाया है। ये काफी पवित्र जगह है और लोग इस सरोवर में डुबकी लगाते हैं। बिंदू सरोवर घाट की सुबह छह से रात के आठ बजे तक खुला रहता है।
धौलीगिरी शांति स्तूप
भुबनेश्वर के कुछ पुराने स्मारकों में से एक धौलीगिरि स्तूप है। जिसे पीसपैगोड़ा भी बोला जाता है। इस स्तूप में जाने के लिए एंट्री फीस लगती है जो 50 रुपये हैं। वहीं शाम के समय यहां पर लाइट एंड साउंड शो भी होता है। सुबह 6 बजे से लेकर शाम के 7 बजे तक ये जगह खुली रहती है।
राजारानी टेंपल
कलिंग काल के मंदिरों में से एक मंदिर ये भी है। 11वीं शताब्दी का इस मंदिर को भी माना जाता है जिसमे भगवान शिव की पूजा होती है। इस मंदिर का नाम राजा रानी इसके पत्थरों की वजह से पड़ा है जो पीले और लाल रंग के होते हैं और इन पत्थरों को ही राजारानी पत्थर बोला जाता है। इस मंदिर में एंट्री फीस इंडियन के लिए 25 रुपये और 250 रुपये विदेशी नागरिक के लिए होती है।
मुक्तेश्वरा टेंपल
मंदिरों की नगरी भुबनेश्वर में आप किसी भी मंदिर में जाएंगे तो वहां की वास्तुकला हैरान कर देगी। लाल बलुआ पत्तों से तैयार तोरण काफी हैरान करने वाला दिखता है। वहीं इस मंदिर की बिल्डिंग चौकोर है वहीं छत तो पिरामिड की तरह तिकोना बनाया गया है। इस मंदिर में एंट्री फ्री है।
इन जगहों पर भी घूम सकते हैं
भुवनेश्वर में मंदिरों के अलावा नंदनकानन जू,निक्को पार्क, उड़ीसा स्टेट म्यूजियम, परसुरामेश्वरा मंदिर जैसी जगहें भी हैं। जिन्हें आप एक्प्लोर कर सकते हैं।
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Aparajitaअपराजिता शुक्ला पिछले छह सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
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