
20 साल में पहली बार अमेरिकी पासपोर्ट टॉप-10 से बाहर, जानें कितने नंबर पर भारत
संक्षेप: Henley Passport Index List: साल 2014 में अमेरिकी पासपोर्ट पहले स्थान पर था, जो अब मलेशिया के साथ मिलकर 12वें नंबर पर खड़ा है। जिसका सीधा मतलब है कि अमेरिकी और मलेशियाई नागरिक 227 देशों और क्षेत्रों में से 180 देशों में ही वीजा-मुक्त यात्रा कर सकते हैं।
Passport Ranking 2025 : पिछले 20 साल से दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट होने का सम्मान अब अमेरिकी पासपोर्ट से छीन गया है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स की ताजा रैंकिंग में अमेरिका पहली बार दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट वाले देशों की सूची से बाहर हो गया है। पासपोर्ट इंडेक्स की इस रैंकिंग को आप पासपोर्ट की ताकत का ‘रिपोर्ट कार्ड’ भी मान सकते हैं, जिस देश का पासपोर्ट जितना ताकतवर, उस देश के लोग उतने ही देश में बिना वीजा सीधा घूमने के लिए जा सकते हैं। बता दें, साल 2014 में अमेरिकी पासपोर्ट पहले स्थान पर था, जो अब मलेशिया के साथ मिलकर 12वें नंबर पर खड़ा है। जिसका सीधा मतलब है कि अमेरिकी और मलेशियाई नागरिक 227 देशों और क्षेत्रों में से 180 देशों में ही वीजा-मुक्त यात्रा कर सकते हैं। आइए जानते हैं अमेरिकी पासपोर्ट की रैंकिंग कमजोर होने के पीछे क्या असल वजह रही और भारत इस रैंकिंग में कहां खड़ा है।

कैसे तैयार होता है यह इंडेक्स?
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स, लंदन स्थित हेनले एंड पार्टनर्स द्वारा तैयार किया जाता है, जो अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) के सहयोग से संकलित होता है। यह सूची पासपोर्ट की 'शक्ति' के आधार पर तैयार होती है। जितने ज्यादा देशों में बिना वीजा यात्रा की जा सके, उतना ही पासपोर्ट मजबूत माना जाता है।
अमेरिका की पासपोर्ट रैंकिंग गिरने की वजह
अमेरिका की पासपोर्ट रैंकिंग गिरने का असली कारण कई देशों का अमेरिका को पहले जैसा महत्व ना देना है। उदाहरण के लिए यदि कोई देश यह कहे कि अमेरिका हमारे नागरिकों से वीजा मांगता है, तो हम भी उसके नागरिकों से वीजा लेंगे। जबकि चीन ने यूरोप के कई देशों को बिना वीजा यात्रा की अनुमति दे रखी है, लेकिन अमेरिका को इस सूची से बाहर कर रखा है। इसके अलावा कई अन्य देशों ने भी अमेरिका के लिए वीजा नियम सख्त कर दिए हैं। जिसकी वजह से अमेरिकी पासपोर्ट की गिर गई है। बता दें, चीन पासपोर्ट रैंकिंग में साल 2015 में 94वें स्थान पर था, जो साल 2025 में 64वें स्थान पर पहुंच गया है। अब चीनी नागरिक 37 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं।
पासपोर्ट रैंकिंग में भारत का क्या है हाल
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स रैंकिंग में भारत देश भी 5 कदम नीचे उतर गया है। पिछले साल भारत 80वें नंबर पर था जो इस साल 85वें नंबर पर पहुंच गया है। जिसका मतलब है कि भारतीय लोग विश्व के सिर्फ 57 देशों में ही बिना वीजा लिए घूम सकते हैं।
पासपोर्ट रैंकिंग में किस देश का है पहला नबंर
अमेरिका और इंग्लैंड जैसे पुराने ताकतवर देश, जहां इस पासपोर्ट रैंकिंग में नीचे उतरते दिख रहे हैं, वहीं एशिया के छोटे-छोटे देश अपनी पासपोर्ट ताकत को बढ़ाने में लगे हए हैं। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2025 की रैंकिंग में सिंगापुर पहले स्थान पर है, जिसके नागरिक 193 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। उसके बाद दक्षिण कोरिया 190 देशों और जापान 189 देशों की पहुंच के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




