श्याम बाबा के दर्शन करने पहली बार जा रहे हैं खाटू? जान लें ये कुछ जरूरी बातें

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खाटू श्याम राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गांव में स्थित है। श्याम बाबा के दर्शन करने के लिए अगर आप पहली बार खाटू जा रहे हैं तो आपको कुछ जरूरी बातों को जानना चाहिए। 

khatu shyam temple
यहां जानिए खाटूश्याम मंदिर के बारे में पूरी डिटेल्स (फाइल फोटो)

भारत में अलग-अलग मंदिर है। कुछ मंदिरों की कहानी को अलग-अलग युगों से जोड़ा जाता है। भारत के ऐसे ही प्राचीन मंदिरों में से एक है खाटू गांव के श्याम बाबा का मंदिर। ये मंगिर सालों पुराना है और इसे द्वापर युग से जोड़ा जाता है। दरअसल, खाटू श्याम जी महाभारत के महान योद्धा बर्बरीक का कलयुगी अवतार हैं, जिन्हें दुनियाभर में लोग पूजते हैं। श्याम बाबा का मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में है। इस मंदिर के दर्शन करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। अगर आप पहली बार खाटू श्याम जी जा रहे हैं, तो आपको कुछ बातों को जानना चाहिए।

खाटू श्याम पहली बार जाने वाले जान लें ये जरूरी बातें

पहले जानें कौन हैं खाटू श्याम

बहुत से लोग देखा-देखी में अलग-अलग मंदिरों के दर्शन करने के लिए तो पहुंच जाते हैं, लेकिन उन लोगों को जगहों के इतिहास के बारे में पता ही नहीं होता। अगर आप खाटू श्याम जी के दर्शन करने के लिए जा रहे हैं तो जान लें कि खाटू श्याम को महाभारत के बर्बरीक का स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, बर्बरीक ने श्रीकृष्ण को अपना शीश दान किया था और श्रीकृष्ण ने उन्हें कलियुग में श्याम नाम से पूजे जाने का वरदान दिया था।

मंदिर खुलने की टाइमिंग

खाटू श्याम मंदिर के खुलने और बंद होने की टाइमिंग फिक्स रहती हैं। हालांकि मौसम, खास मौकों और प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार ये बदल सकती है। गर्मियों में मंदिर सुबह लगभग 4:30 बजे से दोपहर 12:30बजे तक खुलता है और फिर शाम को लगभग 4:00 बजे से 10:00 बजे तक खुलता है। सर्दियों में टाइमिंग बदल जाती हैं और इस मौसम में मंदिर सुबह लगभग 5:30 बजे से 1:00 बजे तक खुलता है और शाम को लगभग 5:00 से 9:00 तक खुला रहता है। आप मंदिर में मंगला, श्रृंगार, भोग, संध्या और शयन आरती देख सकते हैंं।

दर्शन के लिए कितना समय लगता है?

मंदिर में दर्शन के लिए काफी समय लग सकता है, क्योंकि सामान्य दिनों में भी यहां पर भीड़ होती है और ये भीड़ एकादशी, शनिवार, रविवार, त्योहार या खास मौकों पर त्रिपल हो सकती है। इसलिए दर्शन के लिए 3 से 4 घंटों का समय सोचकर रखें।

'निशान' क्या होता है?

खाटू श्याम यात्रा की सबसे फेमस परंपराओं में से एक है निशान। आम तौर पर भक्त एक झंडा लेकर बाबा के दरबार तक जाते हैं और अपनी श्रद्धा के रूप में उसे अर्पित करते हैं। भक्त खासतौर से फाल्गुन मेले के दौरान रींगस से खाटू तक निशान लेकर जाते हैं। हालांकि, निशान लेकर जाना आपकी इच्छा है, दर्शन के लिए यह अनिवार्य नहीं है।

खाटू श्याम कैसे पहुंचें?

पहली बार जाने वालों के लिए ये एक बहुत बड़ा सवाल है कि मंदिर तक कैसे पहुंचा जाए। रींगस जंक्शन खाटू श्याम का प्रमुख और सबसे पास का रेलवे स्टेशन है। जहां से मंदिर लगभग 17 किमी दूर है और यहां से टैक्सी, जीप, ऑटो आदि आसानी से मिल जाते हैं। यानी अगर आप दिल्ली से ट्रेन से आ रहे हैं तो दिल्ली रेलवे स्टेशन से रींगस तक के लिए ट्रेन टिकट बुक करे और फिर खाटू श्याम मंदिर ऑटो या टेक्सी से पहुंचे। हवाई यात्रा करने वालों के लिए नजदीकी बड़ा एयरपोर्ट जयपुर है। वहां से कैब से खाटू जा सकता है।

Avantika Jain

लेखक के बारे में

Avantika Jain
अवंतिका जैन ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री ली है। फिलहाल वह बतौर सीनियर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर लाइव हिंदुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों को लिखने और वीडियोज बनाने में भी इनकी रुचि है। 5 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहीं अवंतिका लाइव हिन्दुस्तान से पहले ईटीवी भारत के दिल्ली डेस्क पर काम कर चुकी हैं। नई जगहों को एक्सप्लोर करना, नए लोगों से जुड़ना और फिल्में/वेब सीरीज देखने की शौकीन हैं। और पढ़ें

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