भीड़-भाड़ से दूर समय बिताने के लिए घूम आएं जिस्पा, ऐसे प्लान करें 3 दिन का ट्रिप
भीड़ से दूर सुकून के पल बिताने के लिए किसी जगह को खोज रहे हैं तो आप जिस्पा जाएं। ये जगह दिल्ली से लगभग 630 किलोमीटर दूर है। ऐसे में यहां जानिए इस जगह का तीन दिन का ट्रिप कैसे प्लान करें।

भागदौड़ भरी जिंदगी से आराम पाने के लिए लोग घूमने फिरने की शांत जगहों को खोजते हैं। शांत जगहों पर थोड़ा बहुत समय बिताने से ही सुकून मिलता है और शरीर और मन को भी आराम मिलता है। सुकून के पल बिताने के लिए अगर हर बार शिमला मनाली पहुंच जाते हैं तो आपको इस बार जिस्पा जाना चाहिए। मनाली की तुलना में यहां भीड़ काफी कम है और लैंडस्केप सुंदर दिखाई देता है। आप भी भीड़ से दूर किसी शांत जगह पर सुकून के पल बिताना चाहते हैं तो जिस्पा जाएं। यह हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले में भगा नदी के किनारे बसा एक बेहद खूबसूरत छोटा पहाड़ी गांव है। यह मनाली–लेह हाईवे पर स्थित है और केलॉन्ग से लगभग 22 किमी दूर है। ये गांव नदी के बिल्कुल किनारे है और आसपास के सूखे, ऊंचे पहाड़ और नदी का नजारे बहुत शानदार लगते हैं।
दिल्ली से जिस्पा के लिए 3 दिन का ट्रिप कैसे प्लान करें
पहले दिन
जिस्पा पहुंचें और इस जगह से केवल 5 किलोमीटर की दूर दारचा गांव घूमें। इस शांत गांव में टहलें और पहाड़ों के शानदार नजारों का मजा लें। फोटोग्राफी का शौक है तो अपनी कुछ अच्छी तस्वीरें जरूर क्लिक करें। गांव से 2 से 2.5 किलोमीटर का एक खूबसूरत ट्रेक है जिसे पूरा करने के बाद आप 130 साल पुराने मठतक पहुंच सकते हैं। इस मठ को देखने जरूर जाएं।
दूसरे दिन
सुबह जिस्पा से केलॉन्ग जाने वाली बस लें और शशुर मठ जाएं। सुबह के समय आप छोटा ट्रैक करके यहां सूर्योदय के सुंदर नजारे देखने के लिए जा सकते हैं। इसके आस-पास की जगहों को देखने के लिए लोकल टैक्सी किराए पर ले सकते हैं। यहां करदांग मठ घूमें और शाम के समय जिस्पा लौटने वाली आखिरी बस पकड़ें किराया। जिस्पा वापिस आने के बाद भागा नदी के किनारे समय बिताएं और यहां आसपास के मठों को देखें। आप जिस्पा से 5 किमी दूर गेमुर गांव भी घूमने जा सकते हैँ।
तीसरा दिन
तीसरे दिन घूमने के लिए टैक्सी किराए पर लें और लाहौल के कुछ सबसे शानदार नजारों वाली जगहों को देखें। अगर बर्फ देखना पसंद है तो बारालाचा ला जाएं, गर्मियों के मौसम में भी यहां ठंड रहती है। इसके अलावा सूरज ताल, दीपक ताल भी घूमने जाएं और फिर जिस्पा से रात के समय दिल्ली के लिए वापसी करें।
कब जाएं
मई जून के महीने में मौसम सुहावना होता है और रास्ते खुलने लगते हैं। बर्फ देखने के लिए ये सबसे अच्छा समय है।
जुलाई-अगस्त में सड़कें आम तौर पर खुली रहती हैं और हरियाली सबसे अच्छी दिखती है, लेकिन बारिश के कारण मनाली की तरफ रास्ते प्रभावित हो सकते हैं।
सितंबर का मौसम साफ और कम भीड़ वाला होता है। पहाड़ों के शानदार नजारों को देखने के लिए बेहतरीन है।
अक्टूबर और अप्रैल में बहुत ठंड और बर्फबारी हो सकती है। जिसकी वजह से कई सुविधाएं सीमित हो जाती हैं, इसलिए सामान्य पर्यटक यात्रा के लिए यह समय सही नहीं है।


