होटल के कमरे में घुसते ही करें ये 1 मिनट मिरर टेस्ट, सुरक्षित रहेंगी हमेशा
ट्रैवलिंग का शौक है और किसी भी होटल में चेक इन के बाद आराम से सोने लगती हैं तो रुकें। अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए एक छोटा सा मिरर टेस्ट जरूर करें, जिससे पता चल जाए कि कहीं कोई आपके कमरे में तांकझांक तो नहीं कर रहा।

शहर से बाहर जाना हो तो रुकने के लिए होटल सबसे कंफर्टेबल जगह होती है। होटल के कमरे में घुसते ही नर्म गद्दा देख सारी थकान दूर हो जाती है और यहां पर आपको कोई डिस्टर्ब भी नहीं करता। लेकिन एक गलती आपकी प्राइवेसी और सुरक्षा पर भारी पड़ सकती है। कमरे की सफाई, वाई-फाई और जरूरी चीजों को चेक करने के बाद एक मिनट का मिरर टेस्ट जरूर करें। ट्रैवलिंग के दौरान ये सावधानी आपकी प्राइवेसी को सुरक्षित रखेगी।
क्या है 1 मिनट मिरर टेस्ट
वन मिनट मिरर टेस्ट के बारे में आपको इंटरनेट पर आसानी से मिल जाएगा। ये एक तरीका है जिससे दो तरफा शीशे का पता लगाया जा सकता है। काफी सारे होटल इस तरह के काम करते हैं और कमरों में या बाथरूम में ऐसे शीशे फिट करवाते हैं जिनके पार दूसरी तरफ से बड़ी ही आसानी से दिख जाता है। यहां तक कि इन शीशों से बहुत कम लाइट में भी बिल्कुल साफ देखा जा सकता है। दरअसल ये खास तरह का शीशा होता है जिसमे बहुत पतली रिफ्लेक्टिव कोटिंग होती है, जिससे शीशे के दूसरी तरफ से आराम से देखा जा सकता है और आपको शीशे में केवल खुद की शक्ल नजर आएगी।
होटल के कमरों और बाथरूम में तांकझांक का ये तरीका बेहद खतरनाक है।
कैसे करें 1 फिंगर मिरर टेस्ट
वन फिंगर मिरर टेस्ट के लिए पहले अपनी उंगली के सिरे को धीरे से शीशे की सतह पर रखें। अगर आपकी उंगली के सिरे और शीशे में दिख रहे रिफ्लेक्शन के बीच कोई गैप दिखता है, तो यह आम तौर पर एक स्टैंडर्ड शीशा होता है क्योंकि रिफ्लेक्टिव कोटिंग शीशे के पीछे होती है। अगर आपकी उंगली का सिरा बिना किसी गैप के सीधे उसके रिफ्लेक्शन को छूता हुआ लगता है, तो कुछ लोग कहते हैं कि यह सामने की सतह वाला शीशा हो सकता है, जिसे कभी-कभी टू-वे मिरर समझ लिया जाता है।
काफी नहीं फिंगर मिरर टेस्ट
हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि केवल उंगली से टेस्ट करने से शीशे का पता लगाना मुश्किल होता है और ये काफी नहीं। ये तरीका साइंटिफिकली भी अप्रूव नही है क्योंकि मॉडर्न शीशे अलग तरह से बने होते हैं। कई बार सामान्य शीशे भी सर्विलांस शीशे जैसा ही रिफ्लेक्शन देते हैं।
साउंड रिफ्लेक्शन से करें पता करें
चूंकि फिंगर टेस्ट काफी नहीं इसलिए शीशे का पता लगाने के लिए दूसरे तरीकों को चुनें। जैसे शीशे पर हाथ की मुट्ठी बनाकर ठोंके। अगर किसी खाली स्पेस का साउंड गूंजता है तो चेक करें कि दूसरी तरफ कोई कमरा है या मेंटेनेंस एरिया है। किसी भी तरह का शक होने पर फौरन होटल मैनेजमेंट से शिकायत जरूर करें।
लाइट टेस्ट
एक तरीका और है जो आपके मिरर के सर्विलांस मिरर होने का शक दे सकता है। कमरे की लाइट को बुझा दें और मोबाइल या टॉर्च की रोशनी शीशे पर डालें। बहुत ध्यान से देखने पर आपको हल्का सा पीछे का साइड दिख सकता है। अगर कुछ भी अजीब सा लगे तो फौरन अपने कमरे को बदलने की रिक्वेस्ट फौरन करें।


