
गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा के लिए गए हैं मथुरा, ये 6 जगह ट्रैवल करना ना भूलें
Famous Places in Govardhan : अगर आप भी इस साल गोवर्धन परिक्रमा करने का प्लान बना रहे हैं तो इन 6 जगहों पर ट्रैवल करना बिल्कुल ना भूलें। यहां पहुंचकर आपको एक अच्छा अनुभव मिलने के साथ भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़े कई दिव्य स्थान देखने को भी मिलेंगे।
दिवाली 2025 के पांच दिवसीय त्योहार में गोवर्धन पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है। बता दें, गोवर्धन पूजा 2025 हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है। इस दिन भगवान कृष्ण और गायों की पूजा करने का विधान बताया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान कृष्ण ने इस पर्वत को इंद्र के क्रोध से बचाने के लिए अपनी उंगली पर उठा लिया था। इस दिन कई श्रद्धालु गोवर्धन पर्वत की 21 किलोमीटर की परिक्रमा करने के लिए विशेष रूप से जाते हैं। माना जाता है कि गोवर्धन पर्वत की एक परिक्रमा दुनिया के सभी पवित्र स्थलों के दर्शन के बराबर है। गोवर्धन पर्वत का दूसरा नाम गिरिराज पर्वत है। जो भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले के आन्योर में स्थित एक शक्तिशाली पवित्र स्थल है। अगर आप भी इस साल गोवर्धन परिक्रमा करने का प्लान बना रहे हैं तो इन 6 जगहों पर ट्रैवल करना बिल्कुल ना भूलें। यहां पहुंचकर आपको एक अच्छा अनुभव मिलने के साथ भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़े कई दिव्य स्थान देखने को भी मिलेंगे।

राधा कुंड और श्याम कुंड
गोवर्धन हिल के पास स्थित ये पवित्र सरोवर भगवान कृष्ण और राधा रानी से जुड़ा हुआ है। यहां स्नान करने का विशेष महत्व बताया जाता है। पूजा के बाद यहां आकर शांति का अनुभव करें। यह जगह गोवर्धन से 5 किमी की दूरी पर है।
द्वारकाधीश मंदिर
मथुरा का सबसे बड़ा मंदिर, काले संगमरमर की कृष्ण मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर में आपको वास्तुकला का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। यहां से गोवर्धन की दूरी 25 किमी है।
प्रेम मंदिर
वृंदावन में स्थित यह आधुनिक मंदिर राधा-कृष्ण की प्रेम कथाओं से सजा है। रात में लाइटिंग शो अद्भुत लगता है। गोवर्धन से यहां की दूरी 20 किमी है।
कुसुम सरोवर
गोवर्धन और राधा कुंड के बीच स्थित यह खूबसूरत झील प्राचीन राजसी भवनों से घिरी हुई है। कृष्ण की लीलाओं का साक्षी यह स्थान ट्रेकिंग और फोटोग्राफी के लिए आदर्श है। गोवर्धन से इस सरोवर की दूरी 10 किमी है।
बांके बिहारी मंदिर
मथुरा जिले के वृंदावन धाम में बिहारीपुरा में स्थित बांके बिहारी मंदिर भारत के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहां का झूलन उत्सव देखने लायक होता है। गोवर्धन से यहां पहुंचने की दूरी 22 किमी है।
मथुरा का कृष्ण जन्मस्थान
यह मथुरा में 'कटरा केशव देव' क्षेत्र में स्थित एक अत्यंत पूजनीय स्थल है, जिसे भगवान कृष्ण का जन्मस्थान माना जाता है। यह मंदिर परिसर के अंदर श्रीगर्भ गृह और केशवदेव मंदिर जैसे मुख्य मंदिरों से मिलकर बना है, जहां भक्तों के दर्शन के लिए वर्ष भर पूजा की जाती है। गोवर्धन से यहां की दूरी लगभग 25 किमी है। गोवर्धन पूजा के बाद यहां दर्शन जरूर करें।

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