
नहीं हो पा रही है शादी तो इन 4 मंदिरों के करें दर्शन, मिलेगा सात जन्मो का साथ
Temples put an end marriage struggle: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ इन मंदिरों के दर्शन करता है, उसके जीवन से वैवाहिक जीवन से जुड़ी सभी बाधाएं दूर होती हैं।
Visit these temple for quick marriage : भारतीय संस्कृति में शादी सिर्फ दो लोगों का ही नहीं बल्कि दो परिवारों का भी मिलन माना जाता है। यही वजह है कि शादी से पहले लड़का-लड़की की कुंडली से लेकर विचारों तक पर गहरी चर्चा की जाती है। लेकिन अगर किसी वजह से आप अपनी शादी के लिए संघर्ष ही कर रहे हैं और काफी कोशिशों के बाद भी आपको सफलता नहीं मिल रही है तो भारत के इन 4 खूबसूरत और पौराणिक मंदिरों के दर्शन जरूर करके आएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ इन मंदिरों के दर्शन करता है, उसके जीवन से वैवाहिक जीवन से जुड़ी सभी बाधाएं दूर होती हैं। माना जाता है कि ईश्वर यहां आने वाले भक्तों के मन में आशा की किरण जगाकर भक्तों को उनके सही जीवनसाथी की ओर ले जाते हैं। आइए जानते हैं आखिर कौन से हैं ये मंदिर।
भारत के इन 4 मंदिरों में दर्शन करने से जल्दी हो जाती है शादी
नित्यकल्याण पेरुमल मंदिर, तमिलनाडु
नित्यकल्याण पेरुमल मंदिर, तमिलनाडु में स्थित भगवान विष्णु (जिन्हें वराह अवतार में नित्यकल्याण पेरुमल के रूप में पूजा जाता है) और उनकी पत्नी कोमलवल्ली थायर को समर्पित है। इस मंदिर को भक्त 'एटरनल मैरिज टेंपल' के नाम से भी जानते हैं। यह 108 दिव्य देसमों में से एक है और यहां आने वाले भक्तों की विवाह में आ रही अड़चनें दूर होने और संतान प्राप्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मंदिर का निर्माण पल्लव राजाओं ने 7वीं शताब्दी में किया था और इसमें तमिल वास्तुकला की भव्यता दिखाई देती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान वराह ने ऋषि कालवा की 360 कन्याओं से एक वर्ष में 360 दिन तक विवाह किया था, इसलिए उन्हें 'नित्य कल्याण पेरुमल' (हर दिन विवाह करने वाले भगवान) कहा जाता है। यहां शादी की इच्छा लेकर आने वाले भक्त मंदिर में एक जोड़ी माला अर्पित करते हैं। जिसमें से एक माला देवता को चढ़ा दी जाती है जबकि दूसरी माला भक्त को लौटा दी जाती है। भक्त को अपनी माला पहनकर मंदिर में घूमना होता है। ऐसा माना जाता है कि यह क्रिया विवाह में बाधा डालने वाली कर्म-ग्रंथियों और व्यक्तिगत चिंताओं को सुलझाती है।
तिरुमाननचेरी मंदिर, तमिलनाडु
तिरुमाननचेरी मंदिर, कुंभकोणम के पास एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है, जो तमिलनाडु के मयिलादुथुराई जिले में स्थित है। इस मंदिर को श्री कल्याणसुंदरेश्वरर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है और यह विशेष रूप से विवाह से जुड़ी समस्याओं के निवारण और शीघ्र विवाह के लिए जाना जाता है। यहाँ भगवान शिव को कल्याणसुंदरेश्वर (श्री कल्याणसुंदरेश्वर) और देवी पार्वती को कोकिलाम्बल (श्री कोकिलाम्बल) के रूप में पूजा जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में भगवान शिव और देवी पार्वती का पुनर्मिलन हुआ था, जिससे इस मंदिर में उनके शाश्वत संबंध की नींव पड़ी थी। धार्मिक मान्यताओं की मानें तो लोग इस मंदिर के दर्शन करके अपने भाग्य को दोबारा हासिल कर सकते हैं या अविवाहित व्यक्ति अपने खोए हुए रिश्ते को दोबारा पा सकता है।
कात्यायनी मंदिर, छतरपुर, दिल्ली
छतरपुर मन्दिर, देवी कात्यायनी को समर्पित एक मन्दिर है। इस मंदिर का वास्तविक नाम श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मन्दिर है। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा मन्दिर परिसर है। राजधानी के छतरपुर इलाके में स्थित भव्य कात्यायनी मंदिर में हजारों अविवाहित महिलाएं, हर साल नवरात्रि के दौरान मनचाहे वर की इच्छा लेकर मंदिर में दर्शन के लिए आती हैं। बता दें, यह परंपरा भागवत पुराण से उत्पन्न हुई, जिसमें युवतियां आदर्श जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए कात्यायनी व्रत रखती थीं। देवी कात्यायनी, भक्तों को स्पष्टता और एकरूपता का आशीर्वाद देती हैं।
बरसाना राधा रानी मंदिर, उत्तर प्रदेश
बरसाना राधा रानी मंदिर, उत्तर प्रदेश में स्थित है। यहां बरसाना की एक पहाड़ी पर स्थित, देवी राधा को समर्पित यह खूबसूरत मंदिर एक तीर्थस्थल से कहीं बढ़कर है। राधा और कृष्ण की किंवदंतियां-उन भक्तों की भक्ति, उनकी चंचलता, उनका शाश्वत बंधन, उन लोगों को सांत्वना प्रदान करता है, जो इस बारे में अनिश्चित हैं कि उन्हें अपनी कहानी में उनका राजकुमार कब और कैसे मिलेगा।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




