कैंची धाम तो देखा होगा, अब नीम करौली बाबा के बनवाए इन 4 खूबसूरत मंदिरों को भी करें एक्सप्लोर
कैंची धाम और नीम करौली बाबा के बारे में आपने खूब सुना होगा लेकिन क्या जानते हैं महाराज जी ने इस आश्रम के अलावा भी कई सुंदर मंदिर बनवाए हैं।

नीम करौली बाबा के ऊपर फिल्म हनुमान अंश बनी है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं। इस फिल्म में कैंची धाम भी दिखाया गया है और जहां लोग शांति-सुकून की तलाश में जाते हैं। कैंची धाम तो शायद आपने देखा होगा और इसके कई किस्से भी सुने होंगे लेकिन क्या नीम करौली बाबा द्वारा बनवाए हुए बाकि हनुमान मंदिरों के बारे में जानते हैं। नीम करौली बाबा, जिन्हें महाराज जी के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने उत्तराखंड, दिल्ली और कई जगहों खूबसूरत मंदिर बनवाए हैं, जिन्हें एक बार देखना तो बनता है। चलिए आपको इन मंदिरों के बारे में जानकारी देते हैं।
कौन थे नीम करौली बाबा?
नीम करौली बाबा का नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था, उनका जन्म लगभग 1900 ईस्वी में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। एक बार वह ट्रेन से बिना टिकट के यात्रा कर रहे थे और ऐसे में टीटीई ने उन्हें ट्रेन से उतार दिया। जिस जगह पर उन्हें उतारा गया, उस जगह का नाम का नीम करली। बाबा ट्रेन से उतर गए लेकिन ट्रेन नहीं चली, फिर उनसे आग्रह किया गया और फिर उन्हें ट्रेन में बैठने के लिए कहा गया। जैसे ही वह ट्रेन में बैठे वह चल पड़ी, तभी से उनका नाम लोगों ने नीम करौली बाबा रख दिया। उत्तराखंड के नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम उनका मुख्य और प्रसिद्ध आश्रम है, जहां देश-विदेश से लोग दर्शन करने आते हैं। विराट कोहली से लेकर मार्क जुकरबर्ग तक सभी बड़ी हस्तियां यहां आ चुकी हैं। उनका मूल मंत्र था- “सबको प्यार करो, सबकी सेवा करो, भगवान को हमेशा याद रखो।”
कैंची धाम के अलावा बनवाए हैं ये मंदिर
1. हनुमान गढ़ी (Hanumangarhi)
नीम करौली बाबा ने कैंची धाम के अलावा हनुमान गढ़ी मंदिर बनवाया है। नैनीताल शहर के पास स्थित इस मंदिर का निर्माण भी नीम करौली बाबा ने करवाया था। बाबा ने 1950 में यहाँ कुटिया बनाई, 1953 में बड़े हनुमान जी की मूर्ति और बाद में 1955 में राम मंदिर तथा 1956-57 में शिव मंदिर की स्थापना की।
2. बिड़ला हनुमान मंदिर (Birla Hanuman Temple)
बिड़ला हनुमान मंदिर दिल्ली के उत्तरी क्षेत्र में यमुना नदी के पास महात्मा गांधी मार्ग पर स्थित है और इसका शिलान्यास दिसंबर 1965 में भारत के तत्कालीन गृह मंत्री गुलजारी लाल नंदा द्वारा किया गया था। मंदिर के वर्तमान पुजारी गोपाल स्वामी बताते हैं कि 1961 में बाबा नीम करौली बाबा द्वारा इस मंदिर की खुदाई कराई गई और खुदाई के दौरान जमीन से हनुमान जी की मूर्ति निकली थी। इस मंदिर को बनवाने में मशहूर उद्योगपति जुगल किशोर बिड़ला ने आर्थिक मदद की थी, इसी वजह से इसका नाम बिड़ला मंदिर पड़ा।
3. काकड़ीघाट आश्रम (Kakrighat Ashram)
भवाली से अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित यह वह पवित्र स्थान है जहाँ सोमवारी महाराज की तपोस्थली पर बाबा ने प्राचीन शिवलिंग और मंदिर-आश्रम का निर्माण करवाया था। यह आश्रम कैंची धाम से लगभग 15 से 20 किलोमीटर आगे बना हुआ है। यह स्थान मूल रूप से सोमवारी बाबा की तपस्थली रहा है। वर्ष 1965 में महान संत नीम करोली बाबा (महाराज जी) ने यहाँ मंदिर की स्थापना की थी।
4. वृंदावन आश्रम (Vrindavan Ashram)
वृंदावन आश्रम मथुरा रोड के पास परिक्रमा मार्ग पर स्थित है, जहां बाबा का महासमाधि मंदिर भी है। नीम करौली बाबा के दर्शन के लिए लोग यहां जाते हैं। इस आश्रम में आपको सुकून और शांति मिलेगी।


