भारत की 7 अनोखी जगहें, जहां आम लोगों के लिए बंद हैं दरवाजे!

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भारत में कई ऐसी जगहें हैं जो आम घूमने वाली जगहों से बिल्कुल अलग हैं। कहीं देश की`सुरक्षा जुड़ी है, तो कहीं वहां रहने वाले लोगों और नेचर को बचाने के लिए टूरिस्ट की एंट्री पर रोक या सख्त नियम हैं। जानते हैं इनके बारे में -

Places where tourists are not allowed in India
भारत में ऐसी कुछ जगहें हैं जहां नॉर्मल टूरिस्ट की एंट्री बैन है या फिर परमिशन के बाद ही जा सकते हैं।

भारत में घूमने के लिए एक से बढ़कर एक जगहें हैं। पहाड़, समुद्र, जंगल, रेगिस्तान और पुराने किले- यहां हर तरह की जगह देखने को मिलती है। लेकिन क्या आपको पता है कि देश में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहां आप अपनी मर्जी से घूमने नहीं जा सकते? कुछ जगहों पर आम लोगों की एंट्री पूरी तरह बंद है, जबकि कुछ जगहों पर जाने के लिए खास परमिशन लेनी पड़ती है। इसकी वजह भी काफी खास है।

कहीं देश की सुरक्षा जुड़ी है, कहीं सेना की मौजूदगी है, तो कहीं बेहद संवेदनशील ट्राइबल कम्युनिटीज को बाहरी लोगों से बचाना जरूरी है। आइए जानते हैं भारत की ऐसी 7 जगहों के बारे में, जहां घूमने का प्लान बनाने से पहले नियम जानना बहुत जरूरी है।

1. बैरन आइलैंड, अंडमान और निकोबार

समुद्र के बीच मौजूद बैरन आइलैंड भारत का इकलौता एक्टिव वोल्केनो वाला आइलैंड है। यही बात इसे बेहद खास बनाती है। हालांकि, इसे दूर से नाव के जरिए देखा जा सकता है, लेकिन टूरिस्ट को द्वीप पर उतरने की अनुमति नहीं है। अगर कभी अंडमान घूमने जाएं तो इस जगह को देखने के नियम पहले जरूर जान लें।

2. भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर, मुंबई

मुंबई में मौजूद भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर देश की बड़ी न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर्स में से एक है। यह कोई आम टूरिस्ट प्लेस नहीं है। यहां देश से जुड़े बेहद जरूरी वैज्ञानिक और परमाणु काम होते हैं। इसलिए इसके परिसर में आम लोगों की तरह घूमने की अनुमति नहीं होती और एंट्री पर भी स्ट्रिक्ट कंट्रोल रहता है।

3. नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड, अंडमान और निकोबार

यह भारत की सबसे सेंसेटिव जगहों में से एक है। यहां सेंटिनली ट्राइब रहती है, जो बाहरी दुनिया से काफी हद तक अलग रहकर जीवन बिताती है। आइलैंड और इसके आसपास समुद्र के एक हिस्से को जनजातीय आरक्षित क्षेत्र बनाया गया है। यहां बाहरी लोगों का जाना बैन है। इसकी सबसे बड़ी वजह वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा है। बाहरी लोगों से संपर्क होने पर बीमारी फैलने का खतरा भी रहता है।

नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड, अंडमान और निकोबार

4. सियाचिन ग्लेशियर, लद्दाख

सियाचिन का नाम सुनते ही सेना और बर्फ से ढके ऊंचे पहाड़ों की तस्वीर सामने आती है। यह दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्रों में से एक है और इसका सैन्य महत्व बहुत ज्यादा है। हालांकि, अब यह कहना सही नहीं होगा कि सियाचिन का पूरा इलाका आम लोगों के लिए पूरी तरह बंद है। साल 2021 में डोमेस्टिक टूरिस्ट के लिए सियाचिन बेस कैंप खोला गया था। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पर्यटक अपनी मर्जी से ग्लेशियर या सैन्य इलाके में कहीं भी जा सकते हैं। संवेदनशील इलाकों में आवाजाही के लिए नियम और अनुमति जरूरी है।

5. निकोबार के ट्राइबल इलाके

निकोबार घूमना आम ट्रिप जैसा नहीं है। यहां कई इलाके जनजातीय समुदायों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। इन जगहों पर जाने के लिए खास अनुमति की जरूरत होती है। इसलिए अगर कभी निकोबार घूमने का प्लान बनाएं तो सिर्फ टिकट और होटल बुक करने से काम नहीं चलेगा। पहले वहां जाने के नियम और जरूरी अनुमति जरूर पता करें।

6. इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च, कलपक्कम

तमिलनाडु के कलपक्कम में मौजूद यह देश का एक बड़ा परमाणु रिसर्च सेंटर है। यहां न्यूक्लियर एनर्जी और उससे जुड़े कई महत्वपूर्ण काम किए जाते हैं। जाहिर है, ऐसी जगह पर सुरक्षा सामान्य जगहों जैसी नहीं हो सकती। आम पर्यटकों को यहां घूमने की खुली अनुमति नहीं होती और परिसर में प्रवेश पूरी तरह नियमों के तहत होता है।

7. नंदा देवी इनर सैंक्चुअरी, उत्तराखंड

उत्तराखंड का नंदा देवी इलाका अपनी खूबसूरत पहाड़ियों और नेचुरल ब्यूटी के लिए जाना जाता है। यह जगह वर्ल्ड हैरिटेज में भी शामिल है, लेकिन इस पूरे इलाके में आप अपनी मर्जी से घूम नहीं सकते। नंदा देवी नेशनल पार्क के कुछ हिस्सों में तय रास्तों से जाया जा सकते हैं, लेकिन अंदर का संवेदनशील इलाका पर्यटकों के लिए खुला नहीं है। इसकी वजह साफ है- यह इलाका प्रकृति के लिहाज से बेहद नाजुक है।

ट्रैवल टिप! भारत में ऐसी कई जगहें हैं जो देखने में जितनी दिलचस्प हैं, उतने ही खास उनके नियम भी हैं। इसलिए किसी भी रिस्ट्रिक्टेड जगह पर सिर्फ एडवेंचर के लिए जाने की कोशिश ना करें। अगर किसी जगह पर परमिशन जरूरी है, तो पहले नियम जानें और उन्हीं के हिसाब से यात्रा करें।

Shubhangi Gupta

लेखक के बारे में

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शुभांगी गुप्ता एक अनुभवी जर्नलिस्ट हैं जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह पिछले 4+ वर्षों से देश के प्रतिष्ठित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म लाइव हिंदुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़ी हुई हैं। यहां वह बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। इससे पहले शुभांगी लगभग एक साल अमर उजाला डिजिटल में भी काम कर चुकी हैं।


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