भोलेनाथ के 5 पवित्र मंदिर, सावन में उमड़ती है श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा भीड़
सावन का महीना भोलेनाथ के नाम होता है। इस महीने में भक्त अलग-अलग शिव मंदिरों में जाकर भगवान शिव के दर्शन करते हैं। यहां हम 5 चमत्कारी शिव मंदिर के बारे में बता रहे हैं जहां सावन के महीने में भक्तों की खूब भीड़ उमड़ती है।

सावन के महीने की बात आते ही भोलेनाथ के सुंदर मंदिर आंखों के सामने आने लगते हैं। इस महीने में ज्यादातर लोग भोलेनाथ के अलग-अलग मंदिरों में जाना पसंद करते हैं। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव सर्वोच्च शक्ति हैं और भारतीय संस्कृति में उनकी अहम भूमिका रही है।हिंदू मान्यता के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करते हैं। भारत में भगवान शिव के अनेक मंदिर हैं और इस दौरान खास सजावट, धार्मिक अनुष्ठान और भक्तों का विशाल मेला देखने को मिलता है। यहां उन अनेकों मंदिरों में ऐसे 5 के बारे में बता रहे हैं जहां सावन में भक्तों की सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है।
भोलेनाथ के 5 मंदिर
1) महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
उज्जैन में भगवान शिव को समर्पित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग एक हिंदू शिव मंदिर है और यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। रुद्र सागर झील के किनारे बना ये मंदिर आस्था और विश्वास के कारण भक्तों के सबसे प्रिय है। भगवान शिव इस मंदिर के मुख्य देवता हैं, जो यहां लिंग के रूप में विराजमान हैं। माना जाता है कि वे अपने भीतर शक्ति की एनर्जी को समाहित किए हुए हैं।
2) त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर, नासिक
त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक हिंदू मंदिर है। इस मंदिर में तीन लिंग हैं जो शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित हैं। इस शिव मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और सावन के महीने में भी यहां भक्तों की भीड़ रहती है।
3) काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी
काशी विश्वनाथ मंदिर भारत के सबसे पवित्र शिव मंदिरों में से एक है, जो उत्तर प्रदेश राज्य के पवित्र शहर वाराणसी में स्थित है। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से भी एक है। भोलेनाथ के भक्तों में इस मंदिर की खास जगह है।
4) सोमनाथ मंदिर, गुजरात
भारत के प्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में फेमस यह मंदिर अरब सागर के तट पर स्थित है। सावन में यहां खासतौर से अभिषेक, शिव पूजन और धार्मिक कार्यक्रमों होते हैं। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में इस मंदिर को प्रथम माना जाता है।
5) बैद्यनाथ धाम, झारखंड
बैद्यनाथ धाम को भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में गिना जाता है। इसे एक प्रमुख शक्तिपीठ भी माना जाता है, जिससे इसका धार्मिक महत्व खास बन जाता है। सावन महीने में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों की लंबी यात्रा और भक्तों का विशाल मेला यहाँ की पहचान है।


