स्किन केयर के लिए स्किन फास्टिंग का ट्रेंड पता है आपको, अपनाने से पहले जान लें ये बातें

हिन्दुस्तान फीचर टीम , नई दिल्ली Last Modified: Sat, Feb 29 2020. 16:34 PM IST
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जीवनशैली हो या स्किन केयर... सब पर सोशल मीडिया का स्पष्ट असर नजर आता है। त्वचा की देखभाल के लिए हाल के दिनों में ऐसा ही एक ट्रेंड उभरकर सामने आया है, जिसका नाम है स्किन फास्टिंग। इससे जुड़े तमाम पहलुओं के बारे में बता रही हैं दिव्यानी त्रिपाठी


ट्रेंड आते-जाते रहते हैं। किसी का संबंध त्वचा से होता है तो किसी का फैशन से। पिछले कुछ समय से त्वचा की देखभाल से संबंधित एक नया ट्रेंड हर किसी की जुबान पर है, जिसका नाम है, स्किन फास्टिंग। इस ट्रेंड को अपनाने वाले लोगों का मानना है कि इस तरीके से त्वचा प्राकृतिक रूप से खूबसूरत होती है। हालांकि कुछ जानकार इसकी सहमति देते हैं तो कुछ इससे इत्तेफाक नहीं रखते। जानकार की सही सलाह के बाद ही इस ट्रेंड को अपनाएं, पर इस दौरान आपको कुछ बातों का खास ख्याल रखने की जरूरत पड़ेगी। इस बाबत त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रान्शू मिश्रा कहती हैं कि हमारा वातावरण प्रदूषण से भरा है। इसके साथ ही फोटो डैमेज की आशंका भी काफी बढ़ गई हैं। लिहाजा, स्किन फास्टिंग के इस नए ट्रेंड को अपनाने से पहले आपको यह ध्यान रखना होगा कि आप कहां रहती हैं और आपकी जीवनशैली कैसी है और आपके आसपास कितना प्रदूषण है? 

क्या है स्किन फास्टिंग 
स्किन र्फांस्टग यानी त्वचा का उपवास। यह प्रक्रिया त्वचा को बेहतर बनाने के लिए उसकी देखभाल की दिनचर्या में एक ब्रेक की अवधारणा पर निर्भर है। जानकारों की मानें तो यह त्वचा को सांस लेने लायक बनाता है। इसमें त्वचा के रुटीन में थोड़े से बदलाव किए जाते हैं, जिसे आप प्राकृतिक रखरखाव वाली प्रणाली भी कह सकती हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?
अगर आप स्किन फास्टिंग  को अपनाना और कारगर बनाना चाहती हैं तो कुछ बातों को पहले आजमा कर देख लें। ऐसा करने के दो फायदे होंगे। पहला, आपको ज्यादा से ज्यादा लाभ महसूस होगा और दूसरा आप यह भी जान पाएंगी कि यह तरीका आपके लिए कारगर रहेगा या नहीं। कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद करने से पहले थोड़ी टेस्टिंग कर लें। आपको इसकी शुरुआत रात में सोने से पहले करनी है। सोने से पहले अपने चेहरे को अच्छे से धो लीजिए। एक रात आपको किसी भी स्किन केयर प्रोडक्ट का प्रयोग नहीं करना है। अगली सुबह हल्के गुनगुने पानी से चेहरे को धो लीजिए। चेहरे पर प्राकृतिक तेल बना रहने दीजिए। उस दिन ढेर सारा पानी पीजिए ताकि आपकी त्वचा हाइड्रेट रहे। अगर त्वचा मुलायम व नमी युक्त बनी रहती है, तो धीरे-धीरे ज्यादा लंबे वक्त के लिए स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बंद करें। कुछ लोग एक माह में एक सप्ताह त्वचा पर किसी तरीके के प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं करते और तीन सप्ताह अपना पुराना स्किन केयर रुटीन अपनाते हैं। आपकी त्वचा स्किन फास्टिंग पर कैसी प्रतिक्रिया देती है, उसी के अनुरूप उसकी अवधि तय करें।
 

एक्ने हैं तो बोलें ना
यदि आपको एक्ने की परेशानी है और आपकी त्वचा तैलीय है तो भूलकर भी स्किन फास्टिंग के फंडे में नहीं फंसें। स्किन फास्टिंग  आपके लिए बुरा अनुभव भी हो सकता है। फास्टिंग  के दौरान जैसे ही आप अपने एंटी एक्ने प्रोडक्ट का इस्तेमाल बंद करेंगी, वैसे ही आपकी त्वचा पर अतिरिक्त तेल रहना शुरू हो जाएगा। नतीजा, मुहांसों की वापसी।
 

यह भी है एक तरीका
जिस तरह आम उपवास अपनी सहूलियत और सेहत को ध्यान में रखकर करती हैं, उसी तरह त्वचा का मामला भी है। इस बाबत डॉ. प्रान्शू की मानें तो फास्टिंग  मतलब अपने स्किन रुटीन में बदलाव है। यानी मेकअप का इस्तेमाल बंद कर और प्राकृतिक प्रसाधनों का इस्तेमाल करके भी आप अपनी त्वचा को राहत की सांस दे सकती हैं। 
 

त्वचा को है इनकी जरूरत
बकौल डॉ. प्रान्शू, त्वचा की अच्छी सेहत के लिए अपने रुटीन में क्र्लींजग, टोनिंग, मॉइस्चराईजिंग और सनस्क्रीन को शामिल करना बेहद जरूरी है। ऐसा न करना आपकी त्वचा की सेहत को बिगाड़ सकता है। हां, आपको इस बात का ख्याल रखना है कि केमिकल फ्री नेचुरल उत्पाद का प्रयोग आपकी त्वचा के लिए बेहतर विकल्प है। साथ ही उत्पाद आपकी त्वचा की प्रकृति के हिसाब से हों।  

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