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लाइफस्टाइलWorld Milk Day: कोरोनाकाल में कवच बना दूध, जानें दूध पीने से मिलते हैं सेहत को क्या गजब के फायदे

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Manju Mamgain
Tue, 01 Jun 2021 07:50 AM
World Milk Day: कोरोनाकाल में कवच बना दूध, जानें दूध पीने से मिलते हैं सेहत को क्या गजब के फायदे

इम्यूनिटी यानी प्रतिरोधक क्षमता कोरोना काल का सबसे बिकाऊ शब्द रहा। इसके नाम पर कंपनियों ने टनों-टन दवाएं और सिरप बेच डाले। सैकड़ों की तादाद में उत्पादन बाजार में उतरे, मगर डॉक्टरों की सलाह पर गौर करें तो पाएंगे कि सभी ने हल्दी वाले दूध यानी गोल्डन मिल्क को हमेशा कोविड प्रोटोकॉल का हिस्सा बनाए रखा। मेदांता अस्पताल की ओर से जारी कोविड गाइड में भी आप इसका जिक्र पाएंगे और आयुर्वेदिक प्रोटोकॉल में भी ये मौजूद रहा। यह एकमात्र ऐसा उत्पाद है, जिसके बारे में एक भी नकारात्मक कमेंट आपको इंटरनेट पर नहीं मिलेगा, सिवाए इसके कि ये कुछ लोगों को हजम नहीं होता। जानिए कैसे दूध आपको कोविड से लड़ने में मदद करता है।

ब्लड शुगर को रखेगा सामान्य
हाल में हुए एक शोध से पता लगा कि सुबह दूध पीने से रक्त का ग्लूकोस स्तर संतुलित रहता है जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा घटता है। कनाडा स्थित गुएलफ विश्वविद्यालय के डॉ. डगलस गोफ का कहना है कि अगर सुबह सबसे पहले उच्च कार्बोहाइड्रेट वाले अनाज के साथ उच्च प्रोटीन युक्त दूध लिया जाए तो यह शरीर में गैस्ट्रिक हार्मोन निकालेगा जो कि शरीर की पाचन की प्रक्रिया को धीमा कर देगा। इससे उस व्यक्ति को बार-बार भूख नहीं लगेगी और उसके शरीर का ब्लड शुगर स्तर व मोटापा नियंत्रण में रहेगा।

एलर्जी से बचाता कच्चा दूध
गाय के कच्चे दूध से बैक्टीरिया का खतरा बहुत कम है और इस दूध में प्रोबायोटिक्स, विटामिन डी और इम्युनोग्लोबुलिन जैसे पोषक तत्व होते हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देते हैं और बदले में एलर्जी के जोखिम को कम करते हैं। 

हृदयरोगों से सुरक्षा 
वैज्ञानिक अध्ययन से पता लगा है कि दूध पीने से हृदयरोगों का खतरा घटता है और स्ट्रोक आने का जोखिम भी कम होता है। दूध में मैग्नेशियम और पोटेशियम पाया जाता है जो कि खून को पतला करने और शरीर के मुख्य अंगों में रक्त प्रवाह को बढ़ाने में सहायक है जिससे हृदय व कार्डियोवेस्कुलर तंत्र पर दबाव घटता है। 

सोने-जागने में संतुलन 
दूध में मौजूद विटामिन-बी के कारण मस्तिष्क का तंत्र सही ढंग से काम करता है। इसी वजह से शरीर के सोने-जागने के चक्र में असामान्य बदलाव नहीं आते, व्यक्ति पूरी नींद लेता है और स्वस्थ रहता है।  

मांसपेशियों को आराम 
न सिर्फ दूध मांसपेशियों को मजबूत बनाता है बल्कि यह उन्हें आराम मुद्रा में भी पहुंचाने में मददगार है। दूध में पाए जाने वाले पोटेशियम और मैग्नीशियम पोषक तत्वों के कारण शरीर की नसें शांत होती हैं और मांसपेशियों को आराम मिलता है। महिलाओं के लिए दूध पीने का यह भी एक अहम लाभ है कि दूध पीने से उन्हें ऐंठन महसूस नहीं होती।

सीने में जलन से राहत 
जब ज्यादा मसालेदार भोजन करने के कारण सीने में जलन की समस्या महसूस होती है तो ठंडा दूध पीना सबसे जल्दी राहत देता है। सीने में पैदा होने वाली जलन को ठंडे दूध के तापमान और उसमें मौजूद पोषक तत्वों से राहत मिलती है। 

-22% वैश्विक आबादी के लिए दूध की आपूर्ति करने वाला भारत, दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक है। 
-एक गिलास दूध यानी ढाई सौ ग्राम दूध की मात्रा में 12% कैल्शियम और 3.4 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है ।
-आईसीएमआर के अनुसार, 01 गिलास दूध पीने से हर भारतीय वयस्क की कैल्शियम आवश्यकता पूरी होगी।
 -नौ से 13 साल तक के बच्चे को 02 कम दही, एक गिलास दूध और 50 ग्राम पनीर रोज दिया जाना चाहिए।

 

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