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जीवन शैलीWorld Hypertension Day: कोरोना काल में दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा रहा तनाव

वरिष्ठ संवाददाता,मुरादाबादPublished By: Manju Mamgain
Mon, 17 May 2021 08:08 AM
World Hypertension Day: कोरोना काल में दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा रहा तनाव

कोरोना काल में हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप)  के मामले भी बढ़ रहे हैं। चिकित्सकों की माने, तो पिछले दो महीने में रोजाना हाइपरटेंशन के शिकार होने वाले मरीज उनसे संपर्क कर रहे हैं। कोविड के चलते फोन पर भी हाइपरटेंशन को लेकर परामर्श का सिलसिला पहले की तुलना में बढ़ गया है। चौंकाने वाली बात ये है कि हाइपरटेंशन का शिकार पुरुषों के अलावा महिलाएं और युवा भी हो रहे हैं। चिकित्सक इसका सीधा कारण कोविड काल में पनप रहा मानसिक तनाव है। इसी के चलते निरंतर चिकित्सक मानसिक तनाव और चिंता से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। 

मुरादाबाद के ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ गीतेश मानिक ने बताया कि पिछले दिनो में हाइपरटेंशन की शिकायत के कई मामले उनके पास आए हैं। डॉ मानिक ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन का खतरा अमूमन महिलाओं से अधिक पुरुषों में होता है। इसके अलग-अलग कारण हो सकते हैं। फैमिली हिस्ट्री, तनाव, गलत खानपान और लाइफ स्टाइल। इससे बचने के लिए खानपान के साथ ही लाइफ स्टाइल का खास ख्याल रखने की जरूरत है।

कोविड के चलते फिजिकल गतिविधि कम होने से और नेगेटिव सोच की वजह से यह समस्या अधिक पनप रही है। डॉ मानिक ने आगे बताया कि इन दिनो पुरुषों के अलावा महिलाओं और युवाओं में भी हाइपरटेंशन की शिकायत अधिक हो रही है। यदि सिर में तेज दर्द, नाक से खून और सांस लेने में दिक्कत और थकान हो। देखने में परेशानी और दिल की धड़कन अप्रत्याशित रूप से पहले की तुलना में अधिक बढ़ जाए, तो तुरंत अपने चिकित्सक से सलाह लेने की आवश्यकता है।

हाई ब्लड प्रेशर का सीधा असर फेफड़ों और दिल पर होता है। नियमित व्यायाम इसमें कारगर है। इससे दिल तेजी से धड़कता है। सामान्य से अधिक ऑक्सीजन का उपयोग करता है। तनाव और चिंता, मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं होते। इससे रक्त वाहिकाएं संकुचित हो जाती हैं। जो दिल पर अतिरिक्त दवाब डालती हैं। हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।    

पोस्ट कोविड मरीजों में कई बार सही होने के बाद बेचैनी, नींद कम आना और बीपी बढ़ने की शिकायत आ रही है। ऐसी स्थिति में कोई दवा बिना चिकित्सकीय परामर्श के नहीं लें। बीपी को कभी सिंगल रीडिंग में हाई बीपी नहीं माना जाता। इसके लिए घर में रहकर कुछ देर शांत बैठकर दिन में तकरीबन तीन बार की रिकॉर्डिंग नोट करें। सात दिन की बीपी रिकॉर्डिंग का औसत लेवल यदि 130 और 180 के ऊपर आता है, तो तुरंत चिकित्सक की परामर्श लेकर दवा लें। इसे होम मॉनिटरिंग ऑफ ब्लड प्रेशर (एचएमबीपी) कहते हैं। 
डॉ गीतेश मानिक, ह्रदय रोग विशेषज्ञ

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