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World Heart Day : दिल को जवां रखना है, तो नींद का रखें खास ख्याल

healthshotsPublished By: Yogita Yadav
Tue, 28 Sep 2021 04:10 PM
World Heart Day : दिल को जवां रखना है, तो नींद का रखें खास ख्याल

अच्‍छी नींद आपके शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो आपकी अच्‍छी सेहत के लिए भी जरूरी होती है। नींद वास्‍तव में, एक जैविक प्रक्रिया है, जिसमें शरीर दिन भर की टूट-फूट की मरम्‍मत करता है। यह शरीर के तनाव को भी नियंत्रण में रखने में सहायक होती है। अच्‍छी नींद लेना काफी जरूरी होता है, क्‍योंकि यह अगले दिन के सभी कार्यों को सामान्‍य तरीके से निष्‍पादित करने में महत्‍वपूर्ण होती है।

औसतन दो घंटे कम हुई है हम सभी की नींद

पिछले 50 वर्षों में अच्‍छी नींद की मात्रा हर रात हर व्‍यक्ति के मामले में दो घंटे तक घट चुकी है और यह अच्‍छी खबर नहीं है। अच्‍छी नींद न सिर्फ आपके दिन की ताज़गी भरी शुरुआत के लिए जरूरी है, बल्कि आपके दिल की सेहत के लिए भी जरूरी है।

जब आप अच्‍छी नींद ले रहे होते हैं तो आपके दिल की धड़कन, ब्‍लड प्रेशर और मैटाबॉलिज्‍़म कम होता है, जिससे हृदय की मांसपेशियों को आराम करने का समय मिलता है।

हार्ट हेल्थ और अच्छी नींद

यह याद रखना जरूरी है कि आपका दिल आपके जीवन में हर पल काम करता रहता है। उसे भी खुद को तरोताज़ा बनाने के लिए कुछ सुस्‍ताने का समय चाहिए। सभी वयस्‍क लोगों के लिए नींद की अवधि 7 से 8 घंटे होती है। जो लोग छह घंटे से कम सोते हैं, उन्‍हें स्‍ट्रोक या नींद के दौरान मृत्‍यु का खतरा अधिक होता है।

इसी तरह, जो लोग 8 घंटे से ज्‍यादा सोते हैं उनको भी मृत्‍यु, हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक का खतरा रहता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्‍यक्ति में हार्ट अटैक का खतरा 1.4 है और वह 8 घंटे से अधिक सोता है, तो हर दिन 7 घंटे सोने वाले व्‍यक्ति की तुलना में उसका जोखिम 10 गुना बढ़ जाता है।

इस जोखिम में नींद की कम अवधि, नींद आने में परेशानी, गहरी नींद न आना, बार-बार जागना, देर तक नींद के बाद भी तरोताज़ा महसूस नहीं करना, नींद की गोली आदि का सेवन आदि शामिल हैं। इन सभी से हृदय की सेहत के लिए जोखिम बढ़ जाता है।

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हर दसवां व्यक्ति है नींद से परेशान

यह समस्‍या इतनी गंभीर है कि हर दस में से कम से कम एक व्‍यक्ति को नींद आने, सोते रहने या ये दोनों समस्‍याएं हो सकती हैं। नींद का सीधा संबंध उच्‍च रक्‍तचाप और हृदय रोग से है। कुछ समय तक अगर कम नींद की समस्‍या बनी रहती है, तो इसकी वजह से शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। और खानपान की अस्‍वस्‍थकर आदतों की वजह से हृदय की सेहत पर सीधा असर पड़ता है।

हृदय वास्‍तव में, मांसपेशियों का पुंज है और उसे भी रिलैक्‍स तथा रिकवर करने के लिए समय चाहिए। स्‍वस्‍थ नींद के दौरान रक्‍तचाप गिर जाता है और हृदय को रिलैक्‍स करने का समय मिलता है। अब ज़रा ऐसी मशीन की कल्‍पना कीजिए जिसे लगातार काम करना पड़ता है, ऐसे में टूट-फूट होना स्‍वाभाविक है।

आप हृदय की सेहत की खातिर बेहतर नींद के लिए क्‍या कर सकते हैं?

  1. हर दिन एक निश्चित समय पर सोने जाएं। नियमित स्‍लीप शैड्यूल का पालन करें और वीकेंड पर भी ऐसा करना जारी रखें।
  2. सवेरे या लंचटाइम के दौरान सैर करें।
  3. अपने पैरों पर खड़े हों, यानी हर दिन कम से कम दो घंटे पैदल अवश्‍य चलें।
  4. रात में सोने से पहले कुछ भी नहीं खाएं या पिएं। कम से कम दो घंटे का अंतराल अवश्‍य रखें।
  5. अपने बेडरूम का तापमान मौसम के मुताबिक सैट करें, कमरे में अंधेरा और शांति बनाए रखें।
  6. मोबाइल फोन को बिस्‍तर की साइड टेबल पर रखें न कि बिस्‍तर पर लेकर सोएं। फोन को साइलेंट मोड पर रखें।

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