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24 जनवरी, 2021|9:05|IST

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World Diabetes Day: वजन में दो किलो की कटौती भी कर सकती है डायबिटीज के खतरे से बचाव

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टाइप-2 डायबिटीज दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है। हालांकि, नॉरफ्लॉक और नॉरविच यूनिवर्सिटी के हालिया अध्ययन की मानें तो वजन में मामूली कटौती भी इससे बचाव में खासी मददगार साबित हो सकती है। 

शोधकर्ताओं ने लगातार आठ साल तक प्री-डायबिटीज अवस्था से गुजर रहे 1028 वयस्कों के ब्लड शुगर के स्तर पर नजर रखी। इस दौरान पाया कि जो प्रतिभागी पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम के जरिये अपने वजन में 4.4 से 6.6 पौंड (लगभग दो से तीन किलोग्राम) तक की भी कमी लाने में कामयाब होते हैं, उनमें भी टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 40 से 47 फीसदी तक घट जाता है।

शोधकर्ता प्रोफेसर माइक सैंपसन के मुताबिक मोटापा टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शुमार है। 2020 की शुरुआत में अमेरिका में जारी नेशनल डायबिटीज स्टैटिस्टिक्स रिपोर्ट में डायबिटीज से जूझ रहे 89 फीसदी मरीजों का वजन सामान्य से अधिक मिला था। 39 फीसदी रोगियों में शारीरिक असक्रियता को इस जानलेवा बीमारी के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया था। 

सिंपसन ने दावा किया कि पौष्टिक आहार और शारीरिक सक्रियता में इजाफा डायबिटीज की रोकथाम में बेहद कारगर है। लोग रोज पार्क में 15 से 20 मिनट की चहलकदमी करके भी खुद के प्री-डायबिटीज से उबरकर स्वस्थ होने की संभावना तीगुनी कर सकते हैं। अध्ययन के नतीजे ‘जामा इंटरनल मेडिसिन’ के हालिया अंक में प्रकाशित किए गए हैं।

कैलोरी में कमी से फायदा
पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी के हालिया अध्ययन में लो-कैलोरी डाइट बिन दवा ही ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में असरदार मिली थी। शोधकर्ताओं ने पाया था कि जिन 12 फीसदी डायबिटीज रोगियों ने लगातार तीन से चार महीने तक अपनी दैनिक खुराक 600 से 800 कैलोरी तक सीमित रखी, वे दवा के बगैर ही ब्लड शुगर को काबू में रखने की अवस्था में पहुंच गए। वहीं, 11 फीसदी मरीजों की दवा की खुराक दो-तिहाई से भी कम हो गई।

दो तरह की डायबिटीज
-टाइप-1 डायबिटीज : इसमें अग्नाशय इंसुलिन का उत्पादन करने में सक्षम नहीं होता, इंजेक्शन के जरिये इंसुलिन लेने की जरूरत पड़ती है, टाइप-1 डायबिटीज आमतौर पर जन्मजात होती है
-टाइप-2 डायबिटीज : इसमें या तो अग्नाशय पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन पैदा नहीं करता या फिर उसके इस्तेमाल की शरीर की क्षमता कमजोर पड़ जाती है, मोटापा और खराब जीवनशैली मुख्य वजह

लापरवाही जानलेवा साबित होगी
-ब्लड शुगर अनियंत्रित होने पर आंखों की रोशनी जाने, किडनी खराब होने और अंग सड़ने के साथ ही हार्ट अटैक व स्ट्रोक से मौत का खतरा बढ़ जाता है।

महामारी बनती बीमारी
-46.3 करोड़ वैश्विक आबादी के डायबिटीज पीड़ित होने का अनुमान
-7.8 करोड़ मरीज दक्षिणपूर्वी एशिया में, इनमें 7.7 करोड़ भारतीय शामिल
-25 फीसदी से अधिक रोगी खुद के बीमारी से जूझने की खबर से अनजान
-70 करोड़ तक पहुंच सकता है डायबिटीज रोगियों का आंकड़ा 2045 तक
(स्रोत : अंतरराष्ट्रीय डायबिटीज संघ की साल 2019 की रिपोर्ट।)

 

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  • Web Title:World Diabetes Day: loosing Two kilogram weight can also prevent the risk of diabetes