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लाइफस्टाइलइम्यूनिटी बढ़ाने का कारगर उपाय है अच्छा खानपान, सप्लीमेंट तो हैं सिर्फ छलावा

हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्लीPublished By: Manju Mamgain
Mon, 17 May 2021 09:01 AM
इम्यूनिटी बढ़ाने का कारगर उपाय है अच्छा खानपान, सप्लीमेंट तो हैं सिर्फ छलावा

कोरोना के भय से भारतीय जनमानस में इम्यूनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) के लेकर कई भ्रांतियां घर कर गई हैं। यही वजह है कि विटामिन सी, जिंक, च्यवनप्राश, काढ़े, ड्रॉप से लेकर तमाम ऐसे उत्पादों की बिक्री ने रिकॉर्ड तोड़ दिए, जिनके साथ इम्यूनिटी शब्द जुड़ गया। बाजार में ब्रेड से लेकर दूध तक पर इम्यूनिटी बूस्टर लिखा आ रहा है। मगर विशेषज्ञ कहते हैं कि गोलियां या सप्लीमेंट फांकने से इम्यूनिटी नहीं बढ़ती। आज के समय में ये तथ्य स्वीकार करने में आपको कठिनाई हो सकती है मगर सच यह है कि आज भी आपकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का सबसे कारगर उपाय उम्दा भोजन और खानपान है। 

भोजन ही देगा जरूरी पोषण : डब्यूएचओ 
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि घर का बना भोजन ही वे सभी जरूरी पोषण तत्व देगा जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। अगर वाकई किसी को सप्लीमेंट की जरूरत होगी तो वह डॉक्टरी सलाह पर ही लिया जाना चाहिए। 

अच्छी नींद बेहद जरूरी 
अच्छे पोषण की तरह अच्छी नींद भी बहुत आवश्यक है। वयस्कों को रात में छह से आठ घंटे सोना चाहिए। एक अंधेरे कमरे में सोएं और नियमित रूप से सोने और जागने का एक ही समय रखें।

कम से कम तनाव लें 
वैज्ञानिक अध्ययन ये साबित कर चुके हैं कि तनाव लेने पर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है जिससे शरीर के संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बढ़ता है। तनाव हार्मोन कॉर्टिकोस्टेरॉइड के कारण प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता घट जाती है इसलिए खुद को सकारात्मक बनाए रखें। 

हर दिन व्यायाम करें
हर दिन 20 से 30 मिनट तक व्यायाम करने से आपके पूरे शरीर में स्फूर्ति आती है और यह फिटनेस हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मददगार है। इससे संक्रमण के खिलाफ शरीर को लड़ने की शक्ति मिलती है। कई अध्ययनों में यह भी पाया गया कि हर दिन मध्यम तीव्रता का व्यायाम करने से सर्दी-जुकाम भी कम होता है। 

नुस्खों की बाढ़ का कारण 
दूसरी लहर की भयावहता के कारण भारत में एकाएक घरेलू नुस्खों की बाढ़ आ गई है। हार्वर्ड मेडिसिन के विशेषज्ञ रिचर्ड डेविड का कहना है कि भारतीय इस तरह का व्यवहार इसलिए करने लगे हैं क्योंकि यहां चिकित्सा संसाधनों पर अत्यधिक बोझ है, जिससे लोगों ने सुरक्षित रहने के लिए अपने मुताबिक उपायों को अपनाना शुरू कर दिया है।

प्रतिरोधक क्षमता को लेकर खोजे गए टॉप 5 सवाल
1. शरीर में प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाएं?
2. घर पर प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाएं?
3. कोविड 19 के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाएं?
4. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के घरेलू नुस्खे?
5. प्रतिरोधक क्षमता कैसे सुधारें?

स्रोत : गूगल ट्रेंड 2020 

सबसे ज्यादा चंडीगढ़ ने खोजी इम्यूनिटी
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को लेकर गूगल पर सबसे ज्यादा खोज चंडीगढ़ के इंटरनेट यूजर्स ने की। उसके बाद गोवा फिर कर्नाटक, महाराष्ट्र और पांचवें नंबर पर आंध्र प्रदेश के इंटरनेट यूजर्स ने इसे खोजा।

स्रोत : गूगल ट्रेंड 2020 

बिक्री ने रिकॉर्ड तोड़े  
 भारतीयों ने इम्यूनिटी से जुड़े उत्पादों की इतनी ज्यादा खरीद की कि इससे डायबिटीज की दवाओं की बिक्री का रिकॉर्ड टूट गया। पिछले साल अक्तूबर में जिंक की ब्रिकी रिकॉर्ड 50 करोड़ हुई जबकि इन्सुलिन की खरीद 48 करोड़ ही हुई। पिछले साल विटामिन सी की ब्रिकी 23% बढ़कर 1267 करोड़ पर पहुंच गई। इसे देखते हुए एक अनुमान है कि 2026 तक भारत में इम्यूनिटी बूस्टिंग उत्पादों का बाजार 34.5 करोड़ का हो जाएगा। 

-भारत में 70% तक आहार पूरक या डायटरी सप्लीमेंट नकली और अपंजीकृत हैं। 
-भारत में विटामिन-सी गोलियों की सालाना बिक्री महामारीकाल में 23% बढ़ गई।
(स्त्रोत : उद्योग मंडल एसोचैम )

जिंक : नर्वस सिस्टम फेल कर सकता है 
साधारण जुकाम की अवधि घटाने में जिंक की गोलियां कारगर हैं पर ये जुकाम की गंभीरता को कम नहीं करतीं। पर इस बात के कोई साक्ष्य नहीं हैं कि जिंक से कोरोना संक्रमण में लाभ मिल सकता है। 
खतरा : इसके अत्यधिक प्रयोग से एनीमिया होने, स्वाद-गंध खत्म हो जाने और नर्वस सिस्टम के फेल हो जाने का खतरा रहता है। 

विटामिन-सी : पथरी और अनिद्रा 
इस सप्लीमेंट का उपयोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खूब किया जा रहा है पर विश्व स्वास्थ्य संगठन इस तरह के लाभ के दावों को खारिज कर चुका है। 
खतरा : अत्यधिक सेवन से दस्त, जी मिचलाना, उल्टी, पथरी, पेट में जलन-ऐंठन, सिर-दर्द और अनिद्रा हो सकती है।

विशेषज्ञों की राय-
स्वस्थ व्यक्ति को सप्लीमेंट लेने से कोई लाभ नहीं मिलता। उसके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पहले की तरह रहती है। लेकिन अगर शरीर में विटामिन ए और विटामिन डी की कमी है जो शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र के लिए जरूरी है तो ऐसी स्थिति में सप्लीमेंट लिया जा सकता है। सप्लीमेंट कुपोषण की स्थिति में फायदा देता है।
डॉ.जुगल किशोर, प्रमुख, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, सफदरजंग अस्पताल

इस समय सप्लीमेंट लेने में कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि हम इतना पौष्टिक आहार नहीं लेते है, तो ऐसे में सप्लीमेंट का लाभ मिलेगा। अगर शरीर में किसी पोषण की कमी है तो उसे सप्लीमेंट पूरा करता है। अगर शरीर में पहले से उसकी मौजूदगी हो तो सप्लीमेंट लेने का कोई फायदा नहीं है।
प्रोफेसर डॉ. संजय राय, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, एम्स

 

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