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23 अक्तूबर, 2020|6:09|IST

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आपके दिमाग पर बोझ डालती है कर्ज लेने की आदत, जानें मेंटल हेल्थ पर कैसे पड़ता है इसका असर 

mental health

कभी-कभी ऐसा होता है कि हमारी लाइफ हमारी प्लानिंग के हिसाब से नहीं चल पाती, खासतौर पर फाइनेंशियल मामलों में बजट को लेकर हमेशा दिक्कत आ जाती है। ऐसे में कई लोग लोन लेते हैं, तो वहीं कई लोग दोस्तों से कर्ज लेकर काम को आगे बढ़ाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कर्ज लेने का असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। 
कर्ज लेने से आपका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है और आखिरकार आपकी शारीरिक स्थिति खराब हो जाती है। हर व्यक्ति की जीवनशैली अलग होती है और परिवार के साथ आवश्यकताएं भी बदलती रहती हैं। उच्च स्तर की जीवनशैली के लिए कर्ज लेने का आइडिया वाकई बुरा है। अगर आपकी आय सीमित है, तो कर्ज लेकर किस्तों में छुट्टी बिताने का महंगा अंदाज निश्चित रूप से गलत है।


ऐसे प्रभावित होती है मानसिक स्थिति
-जो लोग आर्थिक मुश्किल में होते हैं, कर्ज का विकल्प चुनते हैं और कर्ज का बोझ यह एहसास कराता है कि सब कुछ नियंत्रण से बाहर है। इससे तनाव बढ़ता है। 
-अगर व्यक्ति कर्ज चुकाने में अक्षम हो तो स्थिति और खराब हो जाती है। वह हताश महसूस कर सकता है, जिससे उसका आत्मविश्वास कम हो जाता है।
-कर्जदार लोग अपनी आर्थिक स्थिति साझा करने में शर्माते हैं और सामाजिक होने से बचते हैं। 
-कर्ज लेने वाले लोग खुद को दोषी महसूस करते हैं और मानते हैं कि कर्ज लेना उनकी गलती है। 
-ऐसे व्यक्ति में अवसाद और चिंता घर कर जाती है। 
-कर्ज के बोझ से दबा व्यक्ति तनाव महसूस करता है और कर्ज से निकलने की अपनी योग्यता पर शक करने लगता है। 
-वित्तीय असुरक्षा का एहसास मानसिक गड़बड़ियों जैसे शिजोफ्रेनिया को बढ़ाता है। 
-कर्ज में दबे लोगों की व्यवहार शैली में अकसर बदलाव देखा जाता है। 
-मानसिक तनाव बढ़ने से नींद कम आती है, चिंता होती है और फोकस कम होता है। 

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  • Web Title:The habit of taking loans puts a burden on your mind know its effect on mental health