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भारतीयों में बढ़ती जा रही फास्ट फूड की तलब

एजेंसी,नई दिल्लीPublished By: Manju Mamgain
Wed, 24 Feb 2021 07:58 AM
 भारतीयों में बढ़ती जा रही फास्ट फूड की तलब

दुनियाभर में फास्ट फूड के शौकीनों की कमी नहीं है। मगर भारत में फास्ट फूड पसंद करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एडलवाइस सिक्योरिटीज की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत के क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) मार्केट में अब से लेकर वित्त वर्ष 2025 तक 23 प्रतिशत तक इजाफा होने की उम्मीद है, क्योंकि फास्ट फूड की आपूर्ति करने वाले तमाम बड़े ब्रांड भारत के छोटे शहरों में अपनी पहुंच बना रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस मामले में कोविड क्यूएसआर के लिए फायदेमंद साबित हुआ है। खासकर उपभोक्ता परिचित ब्रांडों की तरफ शिफ्ट हुए हैं। महामारी के कारण लगे लॉकडाउन ने बाजार से निश्चित सप्लाई को भी पूरी तरह हटा दिया।

सबसे ज्यादा इजाफे का अनुमानः
रिपोर्ट में इस बात का भी संकेत दिया गया है कि क्यूएसआर चेन मार्केट अगले पांच वर्षों में खाद्य सेवाओं के बाजार में सबसे अधिक बढ़ने वाला होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 20-25 में क्यूएसआर चेन मार्केट के सबसे ज्यादा इजाफा होने वाले सब-सेगमेंट होने का अनुमान लगाया गया है।

यह करीब 23 प्रतिशत होगा। फास्ट फूड चेन भारत के फूड सर्विस मार्केट की अब भी पांच प्रतिशत से कम हैं। जबकि वैश्विक स्तर पर यह करीब 20 प्रतिशत हैं। एडलवाइस ने टेक्नोपैक के डेटा का हवाला देते हुए अपने शोध में कहा कि वित्त वर्ष 2020 में भारत के फूड सर्विस मार्केट के 4,236 बिलियन रूपए रहने का अनुमान था। 

कोविड से पड़ा प्रभावः
कोविड के कारण लगे लॉकडाउन के चलतॉ फूड सर्विस इंडस्ट्री को एक झटका लगा है। हालांकि बड़े ब्रांड अपनी मौजूदा वितरण क्षमताओं को बढ़ाकर बिजनेस पर पड़ने वाले प्रभावों की भरपाई करने के लिए तत्पर हैं। क्यूएसआर ने कोविड-19 से सबक लेते हुए स्टोर/ नॉन-डिलीवरी पर फोकस किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि संयोग से इन फूंड चेन में महामारी फैलने से बहुत पहले से ही बुनियादी सुविधाएं और वितरण सेवाओं के लिए प्रक्रिया थी, जो उन्हें  सरकारी नियमों के अनुकूल बनाने में सक्षम थी।

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