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22 जनवरी, 2021|9:10|IST

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आत्मनिर्भर भारत योजना: चीनी खिलौनों को टक्कर देंगे देसी ट्वायकून

desi toys will compete with chinese toys

अगर आपके पास इलेक्ट्रॉनिक खिलौने बनाने का इनोवेटिव आइडिया है तो उसे आईआईटी पटना के इंक्यूबेशन सेंटर को भेज सकते हैं। आईआईटी पटना ने आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक खिलौने बनाने के छात्रों के इनोवेटिव व्यवसायिक प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। 

तीस सितंबर तक आप अपना प्रस्ताव इंक्यूबेशन सेंटर के मेल पर भेज सकते हैं। तीन चार कैटेगरी में ये प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं जिनमें चलंत, गैर चलंत, रोबोटिक्स और एसटीईएम खिलौने शामिल हैं। अगर आईआईटी को आपका आइडिया पसंद आया तो वहां के मेंटर आपको इंफ्रास्ट्रक्चरल सपोर्ट देंगे। साथ ही आपको इंक्यूबेशन सेंटर के लैब का एक्सेस भी मिल सकेगा। इतना ही नहीं, कुछ शर्तों के आधार पर आपको दस लाख तक के सीड फंड की सुविधा भी मिल सकती है। ऐसे प्रस्ताव भेजने वाले को ट्वायकून नाम दिया गया है। 

चीनी खिलौनों को टक्कर देने की तैयारी- 
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के बाजार में चीनी खिलौने की डिमांड कम करने और भारतीय खिलौने की डिमांड बढ़ाने के नजरिए से इसे देखा जा सकता है। पिछले कुछ महीनों से लगातार चल रहे भारत चीन सीमा विवाद के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने में यह पहल कारगर हो सकती है। इससे एक तो भारतीयता की भावना बढ़ेगी दूसरे चीन की अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ेगा। 

पीएमओ से आया है पत्र-
आईआईटी के इंक्यूबेशन सेंटर इंचार्ज प्रमोद कुमार तिवारी ने बताया कि पिछले दिनों देशभर की आईआईटी को पीएमओ की ओर से पत्र आया है। पटना आईआईटी को इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के लिए इनोवेटिव आइडिया पर काम करने की जिम्मेवारी मिली है। इसमें भागीदारी के लिए उम्र और योग्यता की सीमा का कोई निर्धारण नहीं है। यानि कोई भी व्यक्ति जिसके पास नया आइडिया हो, वह प्रस्ताव भेज सकता है। इसके लिए आपको iciitp@iitp.ac पर जाकर अपना बिजनेस प्लान साझा करना होगा। 

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  • Web Title:Self-reliant India plan: Desi toys will compete with Chinese toys