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19 सितम्बर, 2020|1:57|IST

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एड्स-मलेरिया से ज्यादा जानें लेगी गर्मी, शोधकर्ताओं ने दी चेतावनी

scorching heat

एक तरफ पूरी दुनिया कोरोनावायरस महामारी से जूझ रही है तो वहीं दूसरी तरफ शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि बढ़ती गर्मी कई लोगों की जान ले लेगी। जलवायु परिवर्तन के कारण दुनियाभर में गर्मी बढ़ रही है। यह गर्मी वर्तमान में मौजूद संक्रामक रोगों से कहीं ज्यादा घातक है। 

शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि अगर ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन पर लगाम नहीं लगाई गई जो 2100 तक प्रति एक लाख व्यक्ति में से 73 लोगों की मौत गर्मी और लू की वजह से होगी। यह संख्या एचआईवी, मलेरिया और येलो फीवर से होने वाली संयुक्त मौतों के बराबर है। 

दिल के मरीजों को ज्यादा खतरा-
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो द्वारा किए गए शोध में गर्मी और मौतों के बीच संबंध पाया गया है। शोध के निष्कर्षों के अनुसार जिन लोगों को दिल की बीमारियां हैं उनमें गर्मी से मौत का जोखिम ज्यादा है। यह चेतावनी क्लाइमेट इंपैक्ट लैब में 30 वैज्ञानिकों की टीम ने दी है। शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए 41 देशों से 39.9 करोड़ मौतों का आंकड़ा जुटाया है। 

अध्ययन से पता चलता है कि तेज गर्मी के कारण होने वाले हीट स्ट्रेस या हीट स्ट्रोक से होने वाली मौतों का आंकड़ा कम है। वहीं, बढ़ती गर्मी के कारण हृदयरोगियों को पड़ने वाले दिल के दौरे से ज्यादा मौत दर्ज किए गए। प्रमुख शोधकर्ता अमिर जीना ने कहा कि जब कोई हृदयरोगी तेज गर्मी के संपर्क में आता है तो शरीर खुद को ठंड करने के लिए ज्यादा मात्रा में खून पंप करने लगता है। इससे प्रणाली पर दबाव पड़ता है और दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है।  

पूर्व के शोधों में अनुमान लगाया गया है कि दुनिया के सबसे गर्म इलाके में मौतों का आंकड़ा सबसे ज्यादा होगा। इनमें बांग्लादेश, पाकिस्तान और सूडान मौजूद है। यहां 100,000 लोगों में गर्मी के कारण 200 लोगों की मौत हो सकती है। शोधकर्ता ने कहा कि अगर ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन को कम नहीं किया गया तो दुनिया की 3.2 फीसदी आबादी की मौत गर्मी के कारण हो जाएगी। 

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  • Web Title:researchers gives warning scorching heat will kill more people than AIDS and malaria