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9 अगस्त, 2020|8:04|IST

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घर में मौजूद यूवी उपकरण त्वचा के लिए हो सकते हैं खतरनाक, शोध में खुलासा

ultra violet devices

घर में मौजूद यूवी उपकरण लोगों की आंखों के साथ त्वचा पर भी बेहद खतरनाक असर करते हैं। इन उपकरणों को इस्तेमाल करने से कोरोना वायरस को नष्ट कर पाने की संभावना भी बेहद कम है। हेनरी फोर्ड अस्पताल के शोधार्थी दल ने अपने अध्ययन में यह पता लगाया है, जिसका विवरण साइंस लाइव पत्रिका में प्रकाशित हुआ। 

वैज्ञानिकों का कहना है कि यूवी किरण वाले घर में इस्तेमाल होने वाले उपकरण वायरस को नष्ट करने की क्षमता नहीं रखते। वायरस को नष्ट करने के लिए विशेष प्रकार की यूवी किरणों को निश्चित मात्रा में इस्तेमाल करने की जरूरत होती है, यह काम सिर्फ प्रशिक्षित व्यक्ति ही विशेष मेडिकल उपकरणों से कर सकता है।  यूवी किरणें तीन प्रकार की होती हैं, जिनमें से मात्र यूवीसी किरणें ही वायरस को नष्ट करने में क्षमतावान हैं क्योंकि अन्य दो तरह की यूवी किरणें धरती तक नहीं पहुंचतीं, उन्हें ओजोन की परत अवशोषित कर लेती है। 

घरेलू उपयोग वाला यूवी उपकरण कोरोना पर बेअसर  
हेनरी फोर्ड अस्पताल की फोटोमेडिसिन विशेषज्ञ इंदरमीत कोहली ने बताया कि यूवीसी किरणों वाले उपकरण ही वायरस को नष्ट कर सकते हैं। घरेलू उपयोग के जो यूवी उपकरण बाजार में मौजूद हैं, उनमें यूवीसी किरणें नहीं होती अथवा आवश्यक तरंग दैर्ध्य पर नहीं होतीं। असल में खास तरह के वायरसों को नष्ट करने के लिए विशेष तरंग दैर्ध्य की जरूरत होती है, जिसकी जानकारी मात्र प्रशिक्षित लोगों को होती है। शोधकर्ता दल ने पाया कि सार्स जैसे वायरसों को नष्ट करने के लिए यूवीसी किरणों वाले उपकरण में 254 तरंग दैर्ध्य (वेबलैंथ) होनी चाहिए। 

किरणों के इस स्तर पर एच1एन1 इन्फ्लूएंजा, मार्स और सार्स वायरस के नष्ट होने के नतीजे मिले। इसलिए सार्स-कोव-2 वायरस भी इस स्तर पर ही नष्ट हो सकता है। यह काम प्रशिक्षित कर्मचारी ही कर सकते हैं।  

कॉन्टैक्ट लेस इस्तेमाल जरूरी -
शोधकर्ताओं का कहना है कि इस उपकरण का इस्तेमाल अस्तपालों व अन्य जगहों पर करने के दौरान रोबोट का इस्तेमाल किया जाना सबसे सही है। इसके अलावा कॉन्टैक्टलेस तरीके से उपकरण का इस्तेमाल हो। घर में ऐसे उपकरण इस्तेमाल नहीं होने चाहिए। 

घर में उपयोग से खतरा -
शोधकर्ता डॉ. जैकब स्कॉट का कहना है कि घर में ऐसे उपकरण का इस्तेमाल करके लोग निश्चिंत महसूस करते हैं कि वह जगह वायरसमुक्त हो गई पर असल में ऐसा होने बहुत मुश्किल है। इस भ्रम से लोग उस वस्तु के इस्तेमाल को लेकर लापरवाह हो जाते हैं और वे संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।

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  • Web Title:research reveals Ultra Violet devices present at home can be dangerous for the skin