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15 जनवरी, 2021|10:37|IST

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मानसिक उलझन को शांत करके आपके तन-मन को आराम पहुंचाता है परिवृत जानू शीर्षासन, जानें फायदे 

photo credit   psyogasana instagram

मन की उलझन को को शांत करने के लिए कई लोग दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं, वहीं कई लोग ऐसे भी हैं जो स्मोकिंग या अल्कोहल का सेवन करके मन को स्थिर करने की कोशिश करते हैं लेकिन ये सभी तरीके अस्थायी रूप से ही आपकी इस समस्या को दूर करते हैं। वहीं, लम्बे समय तक इन तरीकों के इस्तेमाल से आपको न सिर्फ सेहत से जुड़ी परेशानियां होने लगती है बल्कि आपको दवाइयों, धूम्रपान की आदत भी लग जाती है। ऐसे में अगर आप मानसिक शांति के लिए योग को अपनाते हैं, तो इससे न सिर्फ आपको स्थायी रूप से समाधान मिलेगा बल्कि इससे आप कई बीमारियों से भी बचे रहेंगे। आज हम आपको बता रहे हैं परिवृत्त जानू शीर्षासन। यह छाती की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग करने वाला एक योगासन है। योग का कुछ समय से अभ्यास कर रहे लोग परिवृत जानू शीर्षासन का अभ्यास कर सकते हैं।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

Parivrtta Janu Sirshasana (Revolved Head to Knee Pose) The Revolved Head to Knee Pose involves a forward bend with a twist to give you a great stretch. You will most often see it in the second half of a yoga session after your body had had time to limber up. It is good addition to a seated yoga practice. Benefits👍 1. This pose stretches the hamstrings and open the shoulders, chest and groin. 2. The side stretch can help open up your ribcage and could improve your breathing. 3. Improve digestion and relieve headaches and insomnia. 4. It is also considered to be a calming pose. Precautions 👉 You should avoid this pose if you have a hamstring injury or herniated disc. If you have an injury to your hips, back, shoulder or knee. Remember one more thing avoid this pose when you have diarrhea. #yogaeverydaydamnday #yogagirl #yogatribe #yogacommunity #yogapose #yogalover #instafit #instagram #instayoga #yogapoint #fitnessfreaks #fitnessgoal #fitnesstransformation #fitnessaddict #revolvedheadtokneepose #parivrttajanusirsasana #yogabenefits #yogaforever

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कैसे करें परिवृत जानू शीर्षासन
-धीरे से सांस छोड़ते हुए बायें ओर से कंधे को ऐसे झुकाएं कि वह घुटनों के पीछे के हिस्से को टच करें, आपकी कोहनी ज़मीन पर हो और हथेली बाएं पैर की एड़ी को छुएं।
-दाहिने हाथ की बांह को सर के ऊपर ले जाएं ताकि वह बाएं पैर के अंगूठे तक पहुंच सके।
-दाहिने पैर की कोहनी ऊपर की तरफ हो और सुविधाजनक स्थिति में आने के बाद अपना सिर छत की तरफ घुमाएं। इस वक़्त आपका धड़ बायें जांघ के पास ले -जाने की कोशिश करें, और सर का पिछला हिस्सा बाएं पैर के घुटने को टच करें।
-इस स्थिति में 30 सेकंड्स से 1 मिनट तक रहें , उसके बाद अपना धड़ ज़मीन की तरफ घुमाएं और दाहिनी तरफ जितना हो सके उतना नीचे ले जाएं और ऊपर ले जाएं।
-अब दूसरी तरफ से दोहराएं।

इस आसान के फायदे 
-इस आसन से आपके मन की उलझन शांत होती है, जिससे आपको नींद अच्छी आती है। 
-इस आसन से कंधों, हैमस्ट्रिंग और रीढ़ की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है।
-यह पेट से जुड़े अंगों, लीवर और किडनी को उत्तेजित करता है।
-किडनी, लीवर और पेट से जुड़े अंगों को काम करने में मदद करता है।
-यह छाती की मांसपेशियों को खोलने का काम करता है।
-चिंता, थकान और अनिद्रा से राहत प्रदान करता है।
 

Photo Credit :ps_yogasana

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  • Web Title:Parivrtta Janu Sirshasana is best yogasana to get mental peace and healthy body know benefits