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18 जनवरी, 2021|11:18|IST

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Navratri 2019: नवरात्रि व्रत में ऐसी रखें डाइट, न होने दें पानी की कमी

सक्रिय रहने व अच्छी तरह से काम करने के लिए साफ-सफाई की जरूरत हर किसी को होती है। हमारे शरीर को भी। इसके लिए व्रत से बेहतर कुछ और नहीं। नवरात्र के व्रत को कैसे शरीर को भीतर से शुद्ध करने की प्रक्रिया में करें तब्दील, बता रही 
हैं स्वाति शर्मा


उपवास या व्रत का मतलब होता है, प्रतिज्ञा करना। तो इस नवरात्र व्रत के दौरान आप भी प्रतिज्ञा करें, खुद को भीतर व बाहर से शुद्ध करने की। नवरात्र के नौ दिन हमें इस बात का भरपूर मौका भी देते हैं। एक तरफ मां की भक्ति हमें मानसिक रूप से प्रबल बनाती है, वहीं दूसरी ओर उपवास हमें अनुशासित करने के साथ ही शारीरिक प्रबलता भी प्रदान करता है। पर उपवास के मामले में की गई कुछ गलतियां कई बार हमें शारीरिक रूप से कमजोर भी बना  देती हैं। इस बार ऐसा न होने दें। खानपान के मामले में सही चुनाव और सही तरीके अपनाकर इस नवरात्र खुद को हर तरह के विषाक्तों से दूर करें।

खुद को नियमबद्ध करने का सही समय
नवरात्र यानी सेहत के नौ दिन। किसी भी नई दिनचर्या को अपनाने के लिए ये समय उपयुक्त है। तो क्यों न इस वक्त अच्छी आदतें अपनाई जाएं! खुद को नियम में बांधने के लिए भी ये समय आपके काम आ सकता है। इस नवरात्र आप भी सेहत व फिटनेस से अपनी दोस्ती थोड़ी गाढ़ी कर लें। नौ दिनों तक अपनाई गई दिनचर्या धीरे-धीरे आपकी आदत बन सकती है, जो आपको फिट रखने में हमेशा मदद करती रहेगी। व्रत के नौ दिन आपको अपनी इंद्रियों को नियंत्रण में करने का मौका देते हैं। इस नियंत्रण को बरकरार रखने से आप भविष्य में भी क्रेविंग और अनुचित खानपान से बच सकती हैं। शरीर को विषाक्तों से दूर रखने के लिए ये बड़ा कदम होगा।

चुनें सही आहार
व्रत का मतलब सिर्फ अनाज से दूरी बनाना नहीं है। आपको सभी प्रकार के नुकसान करने वाले खानपान से भी बचने की जरूरत है। आपका सही चुनाव ही आपको अच्छी सेहत दे सकता है। इस बाबत न्यूट्रीशनिस्ट डॉ. पूजा अरोड़ा कहती हैं कि इस दौरान लोग अनजाने में हाई ग्लाइसेमिक फूड को अपना लेते हैं। इस तरीके के खानपान से खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। व्रत के दौरान आपको ज्यादा स्टार्च जैसे आलू, साबूदाना, तला खाना जैसे पूरियां, पकौड़ियां और बहुत ज्यादा मीठा खाना खाने से बचने की जरूरत है। लो ग्लाइसेमिक फूड देर से पचते हैं और इस वजह से इन्हें खाने के बाद पेट काफी देर तक भरा रहता है। व्रत में सूखे मेवे, हरी सब्जियां, फल, पनीर ज्यादा खाएं। इस दौरान खासतौर पर समा के चावल ज्यादा खाएं। आप इसकी रोटी भी बना सकती हैं या फिर डोसा या इडली भी। आलू की जगह शकरकंद खाएं। इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में होता है।  फाइबर युक्त खाना खाने से मेटाबॉलिज्म दुरुस्त रहता है। शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है। 

न होने दें पानी की कमी
व्रत के दिनों में शरीर को पानी की जरूरत ज्यादा होती है। दिन भर में न सिर्फ आठ गिलास पानी पिएं, बल्कि अन्य तरह के तरल पदार्थों जैसे जूस आदि को भी अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। इसके लिए पूजा इन्फ्यूस्ड वॉटर पीने की सलाह भी देती हैं। वो कहती हैं कि कई लोग सादा पानी ज्यादा नहीं पी पाते। पानी में यदि थोड़ा स्वाद आ जाए, तो वो उसे पी लेते हैं। इसके लिए पानी में नीबू, खीरा, पुदीना या कोई फल डालकर कुछ घंटों के लिए छोड़ दें। पानी में फ्लेवर आ जाएगा। बकौल पूजा, ये समय मौसम में बदलाव का होता है। हम धीरे-धीरे सर्दियों की ओर बढ़ रहे हैं। पर मौसम अभी भी थोड़ा गर्म है, इसलिए जरूरी है कि हम खुद को अंदर से शीतल रखें। इसके लिए नारियल पानी या कुछ अन्य डीटॉक्स वॉटर आपकी मदद करेंगे।

अपनाएं यह नियम
नवरात्र के व्रत के दौरान आप इंटरमिटेंट फास्टिंग कर सकती हैं। इसमें सोलह बटे आठ का नियम लागू होता है। यानी सोलह घंटे व्रत रखना और आठ घंटों के दौरान खाना। इस डाइट में नाश्ता नहीं करते। पहला खाना दोपहर को खाना है और रात का आठ बजे से पहले। बाकी का पूरा समय बिना कुछ खाए ही बिताना है। सोलह घंटों में आठ घंटे नींद के गुजर जाते हैं। बचे आठ घंटे आपको बिना खाना खाए गुजारने होंगे। दिन के खाने में पनीर, ढेर सारी सब्जियां और फल ले सकती हैं।
मान लीजिए पहला खाना आप 11 बजे खाती हैं,  तो 2 बजे कोई जूस या सूप या डीटॉक्स वॉटर पी सकती हैं। इसके बाद शाम 5 बजे कोई फल खा सकती हैं और फिर सात बजे डिनर कर लें।
यूं बनाएं चीनी से दूरी
चीनी यानी प्रोसेस्ड शुगर बेहद नुकसानदेह है। चीनी से दूरी बनाने के लिए नवरात्र सबसे उपयुक्त समय है। आप चीनी तभी लें, जब कमजोरी महसूस हो। मीठा खाना चाहती हैं तो गुड़ की चीनी या गुड़ का सेवन करें। खजूर भी चीनी का एक बेहतर विकल्प है। कोशिश करें, इस दौरान नैचुरल शुगर को अपनाएं। फलों का सेवन और प्रोटीनयुक्त खाना ज्यादा खाने से मीठे से दूरी बनाई जा सकती है। खुद को कम तनाव में रखें, इससे भी आप मीठे से दूर रह सकेंगी। कुछ खास मीठा खाने का मन करने पर एक गिलास पानी पी लें। मीठे की तलब दूर हो जाएगी।
बाहर के खाने से रहें दूर
रेस्टोरेंट में अब व्रत की स्पेशल थालियों की खास पेशकश होने लगी है। अगर व्रत का सही लाभ उठाना चाहती हैं तो इस तरह के खाने से बचें। चिकनाई युक्त यह खाना शरीर में विषाक्तों को बढ़ा देगा। इन दिनों घर पर नए-नए प्रयोग कर सकती हैं।
अच्छी नींद है बेहद जरूरी
एक मेडिकल रिसर्च रिपोर्ट बताती है कि अच्छी और पर्याप्त नींद दिमाग से विषाक्तों को साफ करती है। दिमाग की कोशिकाएं जिनको ग्लिएल सेल कहते हैं, नींद के दौरान दस गुना तेजी से सक्रिय हो जाती हैं और दिमाग से विषाक्तों को दूर करने का कार्य शुरू कर देती हैं। अच्छी नींद मेटाबॉलिज्म को भी दुरुस्त रखती है, जिससे शरीर से विषाक्तों का खात्मा  होता है। नवरात्र के दौरान भीतर से शारीरिक शुद्धि के लिए अपनी नींद से समझौता करना भी बंद करें।


प्रति 250 एमएल पानी में करीब 4 स्ट्रॉबेरी डालकर डीटॉक्स वॉटर तैयार करें। इसे दिन में कभी भी पिया जा सकता है। विटामिन-सी से भरपूर यह पानी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है, जलन कम करता है और त्वचा की सेहत को भी दुरुस्त करता है। 
दिन की शुरुआत खीरे वाले पानी से कर सकती हैं। आपको 2 लीटर पानी में खीरे की चार स्लाइस, आधे संतरे की स्लाइस और चकोतरा की दो स्लाइस मिलाकर पानी तैयार करना होगा। इससे शरीर में मौजूद अतिरिक्त पानी निकल जाता है और मेटाबॉलिजम भी तेज होता है।
स्लाइस किया हुआ एक संतरा और एक कप कटा हुआ अनन्नास एक लीटर पानी में मिलाकर डीटॉक्स वॉटर तैयार कर लें। यह पानी पीने से शरीर के सारे विषैले तत्व पेशाब के जरिये बाहर निकल जाते हैं। 
लेमन ग्रीन टी को बनाने के बाद उसे ठंडा करके पीना भी फायदेमंद होता है। इसमें अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं।
अदरक और नीबू वाला पानी भी सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाता है। आधे लीटर पानी में एक कटा हुआ नीबू और एक टुकड़ा अदरक डालकर अच्छी तरह से उबालें। छानकर इस पानी को पूरी तरह से ठंडा होने दें और पिएं।

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  • Web Title:Navratri 2019: this sould be Navaratri Fasting Diet make shure no lack of water during Navratri fast