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27 अक्तूबर, 2020|6:01|IST

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Mann Ki Baat 2020: जानें 'मन की बात' में मुकुटधारी बैगन की कहानी सुनकर क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी

story telling in mann ki baat 27 september 2020

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम की इस कड़ी में परिवारों को जोड़े रखने के कहानियों के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने रविवार (27 सितंबर 2020) को कहानी सुनने-सुनाने को आगे बढ़ाने के काम में जुटे लोगों की सराहना की और देश के लोगों से अपनी इस समृद्ध परंपरा से जुड़े रहने का आग्रह किया।

पीएम मोदी ने रेडियो पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' में कहानी कहने की परंपरा को जारी रखने के लिए काम करने वाले कुछ लोगों से बात की और यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें इस काम की प्रेरणा कैसे मिली और किस तरह से वे अपने काम को अंजाम दे रहे हैं। इस दौरान उन्होंने बेंगलुरु की स्टोरी टेलिंग सोसाइटी की अर्पणा अथरेया तथा उनके सहयोगियों से बात की और उनसे कहानी भी सुनाने का आग्रह किया। उन्होंने जो कहानी सुनाई वह इस प्रकार है।

“चलिए चलिए सुनते हैं कहानी एक राजा की। राजा का नाम था कृष्णदेव राय और राज्य का नाम था विजयनगर। अब राजा हमारे थे तो बड़े गुणवान। अगर उनमें कोई खोट बताना ही था तो वह था अधिक प्रेम अपने मंत्री तेनाली रामा की और और दूसरा भोजन की ओर। राजा जी हर दिन दोपहर के भोजन के लिए बड़े आस से बैठते थे - कि आज कुछ अच्छा बना होगा और हर दिन उनके बावर्ची (कुक, या रसोइया या खाना बनाने वाला) उन्हें वही बेजान सब्जियां खिलाते थे - तुरई, लौकी, कददू, टिंडा उफ़। ऐसे ही एक दिन राजा ने खाते-खाते गुस्से में थाली फ़ेंक दी और अपने बावर्ची को आदेश दिया या तो कल कोई दूसरी स्वादिष्ट सब्ज़ी बनाना या फिर कल मैं तुम्हें सूली पे चढ़ा दूंगा।

बावर्ची बेचारा डर गया। अब नयी सब्ज़ी के लिए वह कहां जाये। बावर्ची भागा -भागा चला सीधे तेनाली रामा के पास और उसे पूरी कहानी सुनाई। सुनकर तेनाली रामा ने बावर्ची को उपाय बताया। अगले दिन राजा दोपहर के भोजन के लिए आये और बावर्ची को आवाज़ दी। आज कुछ नया स्वादिष्ट बना है या मैं सूली तैयार कर दूं। डरे हुए बावर्ची ने झटपट थाली सजाई और राजा के लिए गरमा-गर्म खाना परोसा। थाली में नयी सब्जी थी। राजा उत्साहित हुए और थोड़ी -सी सब्ज़ी चखी। ऊंह वाह! क्या सब्जी थी! न तुरई की तरह फीकी थी न कददू की तरह मीठी थी। बावर्ची ने जो भी मसाला भून के, कूट के, डाला था, सब अच्छी तरह से चढ़ी थी। उंगलिया चाटते हुए संतुष्ट राजा ने बावर्ची को बुलाया और पूछा कि यह कौन -सी सब्ज़ी हैं। इसका नाम क्या हैं। जैसे सिखाया गया था वैसे ही बावर्ची ने उत्तर दिया। महाराज ये मुकुटधारी बैंगन है। प्रभु ठीक आप ही की तरह यह भी सब्जियों का राजा है और इसीलिए बाकी सब्ज़ियों ने बैंगन को मुकुट पहनाया। राजा खुश हुए और घोषित किया कि आज से हम यही मुकुटधारी बैंगन खाएंगे। सिर्फ हम ही नहीं हमारे राज्य में भी सिर्फ बैंगन ही बनेगा और कोई सब्ज़ी नहीं बनेगी। राजा और प्रजा दोनों खुश थे। यानी पहले-पहले तो सब खुश थे कि उन्हें नई सब्जी मिली है लेकिन जैसे ही दिन बढ़ते गये सुर थोड़ा कम होता गया। एक घर में बैंगन भरता तो दूसरे के घर में बैगन भाजा, तो कहीं यहां वांगी भात। एक ही बैंगन बेचारा कितना रूप धारण करे। धीरे-धीरे राजा भी तंग आ गया। हर दिन वही बैगन। एक दिन ऐसा आया कि राजा ने बावर्ची को बुलाया और खूब डांटा। तुमसे किसने कहा कि बैंगन के सिर पर मुकुट है। इस राज्य में अब से कोई बैगन नहीं खायेगा। कल से बाकी कोई भी सब्ज़ी बनाना लेकिन बैंगन मत बनाना। जैसी आपकी आज्ञा महाराज, कहके बावर्ची सीधा गया तेनाली रामा के पास। तेनाली रामा के पांव पड़ते हुए कहा कि मंत्री जी धन्यवाद, आपने हमारे प्राण बचा लिये। आपके सुझाव की वजह से अब हम कोई भी सब्जी राजा को खिला सकते हैं। तेनाली रामा ने हंसते हुए कहा वो मंत्री ही क्या जो राजा को खुश न रख सके। और इसी तरह राजा कृष्णदेवराय और मंत्री तेनाली रामा की कहानियां बनती रही और लोग सुनते रहे।”

इस कहानी पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अभी पोषण माह चल रहा है ऐसे में खाने-पीने जुड़ी यह कहानी काफी प्रासंगिक है। लोगों को कहानियों को जरिए पोषण के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। 

यहां सुने पूरी कहानी -

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  • Web Title:Mann Ki Baat 2020 : know what Prime Minister Modi said after listening to the story of the crowned brinjal in Mann Ki Baat program