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जीवन शैलीदिल्ली हाट में तफरी करने जाता था : मनीष पॉल

हिन्दुस्तान टीम ,नई दिल्ली Published By: Pratima
Sun, 15 Mar 2020 12:01 PM
दिल्ली हाट में तफरी करने जाता था : मनीष पॉल

मनीष पॉल टीवी के जाने-माने चेहरे हैं। बतौर होस्ट वह सबके पसंदीदा हैं। मनीष का दिल्ली से खास लगाव है। उनसे बातचीत की ज्योति द्विवेदी ने
फिल्म ‘मिक्की वायरस’ में आपका काम काफी पसंद किया गया था। क्या किसी और भी बॉलीवुड फिल्म में नजर आने की योजना है?
मैंने दो-तीन फिल्मों में काम किया। ईमानदारी से कहूं तो ये ज्यादा सफल नहीं रहीं। आज भी मेरे पास फिल्म प्रस्तावों को लेकर कॉल आते रहते हैं, पर कोई किरदार अब तक मुझे इतना पसंद नहीं आया है कि मैं उसे स्वीकार करूं।
 

दिल्ली से जुड़ी आपके जेहन में क्या यादें हैं?
मेरा प्यार है दिल्ली। मैं आज भी खुद को दिल्लीवाला बोलता हूं। अक्षय सर और मैं हमेशा पंजाबी में ही बात करते हैं। दिल्ली का खाना, यहां की सड़कें, यहां का अपनापन—सब याद आता है। जब मैं यहां रहता था, तो जब भी किसी पड़ोसी के यहां कुछ खास खाना बनता था तो वे हमारे घर भेज देते थे। हम भी ऐसा ही करते थे। इस तरह की चीजों की कमी मुंबई में खलती है।


दिल्ली के खानपान में आपको क्या पसंद है?
दाल मखनी, बटर चिकन, छोले कुल्चे। मैं दिल्ली के पंडारा रोड अकसर जाता था। आज भी जाता हूं।


यहां घूमने, तफरी करने के लिए कहां जाते थे?
मैं दिल्ली हाट बहुत जाता था। मेरी गर्लफ्रेंड, जो अब मेरी पत्नी है, उससे मिलने मैं दिल्ली हाट ही जाता था। पीवीआर साकेत के बाहर भी हम मिलते थे।


रियलिटी शो ‘सारेगामापा’ शो का ताजातरीन सीजन पिछली बार के सीजन से कैसे अलग है?
यह ‘सारेगामापा’ का आठवां सीजन है। मैं बेहद खुशकिस्मत हूं कि मुझे इसका होस्ट बनने का मौका मिला। शो में उदित जी, कुमार सानू जी और अलका याज्ञनिक जी जैसे बेहतरीन जज हैं। पिछले सीजन के जज अलग थे। साथ ही, इस साल के प्रतिभागियों में कमाल की प्रतिभा है। इस साल का शो 90 के दौर के संगीत पर केंद्रित रहेगा।


आप म्यूजिक शो होस्ट कर रहे हैं, इससे पहले डांस और फिल्म अवॉर्ड शो भी होस्ट कर चुके हैं। क्या फर्क होता है इनमें?
हर शो अलग होता है। इससे पहले मैं वयस्कों का म्यूजिक रियलिटी शो होस्ट कर चुका हूं। उसमें अलग तरह का मजाक और मस्ती होती थी। वहीं इस बार यह बच्चों का म्यूजिक रियलिटी शो है, जो बच्चों से जुड़ा है। बच्चे थोड़े ज्यादा संवेदनशील होते हैं। उनके मूड का ध्यान रखना पड़ता है। मुझे इस बात की खुशी है कि कई बार मुझसे प्रतिभागी कहते हैं कि जब मैं उनके सामने मौजूद होता हूं तो उन्हें डर नहीं लगता। कोई गाना गड़बड़ भी हो गया तो कुछ ऐसा बोलकर उनकी चिंता दूर करने की कोशिश करता हूं- ‘कुछ नहीं हुआ यार, अगला गाना अच्छा करना।’ इसके अलावा फिल्म अवॉर्ड शो और कॉमेडी शो की होस्टिंग में अलग तरह की चुनौतियां होती हैं। जैसे हर फिल्म की कहानी अलग होती है, उसी तरह हर रियलिटी शो का कथानक अलग होता है।
 

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