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7 जून, 2020|9:38|IST

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Lockdown : हमेशा तनाव और चिंता करने की आदत बन सकती है इन 3 मेंटल डिसऑर्डर की वजह, इन लक्षणों से पहचानें 

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लॉकडाउन के दौरान कई लोगों को घर में रहते-रहते तनाव की शिकायत होने लगती है। ऐसे में लम्बे समय तक तनाव, चिंता कई और मेंटल डिसऑर्डर को निमंत्रण दे सकता है। आपको भी अगर ऐसी ही परेशानी है, तो कोशिश करें कि अपना ध्यान चिंता और तनावभरी बातों से हटाकर ऐसी चीजों पर लगाएं, जिससे आपको खुशी मिलती है। आइए, जानते हैं लम्बे समय तक चिंता और तनाव की वजह कौन-से मेंटल डिसऑर्डर का खतरा रहता है। 

सलेक्टिव म्यूरटिज्म  डिसऑर्डर (Selective Myutism Disorder) 
सेलेक्टिव म्यूजटिज्मि एक ऐसा विकार है, जिसमें व्य क्ति बोलने में घबराहट महसूस करता है। यह एक सोशल एंग्जािइटी डिसऑर्डर है। इसमें लोग कुछ विशेष स्थितियों में बोलने में विफल होते हैं, जैसे अनजान लोगों से बात नहीं कर पाते, बाहरी लोगों से डर आदि। सेलेक्टिव म्यू टिज्म  में व्येक्ति के आत्मविश्वास की कमी उस स्थिति में पैदा हुई चिंता से उपजी होती है। यह डिसऑर्डर खासकर बच्चों में होता है, लेकिन यह वयस्कों में भी हो सकता है। 

बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर (Body Dysmorphic Disorder)
बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर, सेलेक्टिव म्यूsटिज्मम से बिलकुल अलग तरह का डिसऑर्डर है। इसमें व्यवक्ति को अपने चेहरे या शरीर में कुछ खराबी या दोष उत्परन्नव होने का डर रहता हे। बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति की ये खामिया दूसरों के लिए अनजान होती हैं, लेकिन उसे खुद को लगता है कि उसके चेहरे में कुछ अजीब बदलाव हो रहे हैं या बॉडी का आकार बदल रहा है।  जैसे कि व्यनक्ति को लगता है कि उसकी नाक का आकार बदल रहा है, उसके होंठ भद्दे दिखने लगे हैं। इसलिए वह हमेशा अपनी दिखावट या पर्सनैलिटी के बारे में सोचता रहता है और उसे सुधारने के लिए काफी समय खर्च करता है। वही  वह लोगों से छिपते और मिजना-जुलना पसंद नहीं करते। 

ट्रिकोटिलोमेनिया डिसऑर्डर (Trichotillomania Disorder)
ट्रिकोटिलोमेनिया को एक तरह का हेयर पुल्लिंग डिसऑर्डर भी कहा जाता है। क्यों कि यह विकार व्यिक्ति को अपने अपने शरीर में मौजूद बालों को खींचने के लिए मजबूर करता है। इसमें रोगी अपने बालों भोंहों और पलकों को खींचता या उखाड़ने की कोशिश करता है। ट्रिकोटिलोमेनिया रोगी जब चिंतित या डरा हुआ महसूस करता है, तो उसे अपने बालों को उखाड़ने पर शांमि मिलती है। जब उसे महसूस होता है कि उसके बाल झड़ गए हैं या गंजापन हो गया है, तो वह खुद को लोगों से दूर रखने की कोशिश करता है।

खुद को समय दें और खुश रहें
आप किसी भी कारण से तनावग्रस्त हों, अपनी समस्या अपने पति, पत्नी या किसी निकट मित्र से खुलकर चर्चा करें। इस चर्चा से ही आपका आधा तनाव दूर हो जाता है। बाकी समस्या खाने, हल्के व्यायाम और खुलकर सोने से दूर की जा सकती है।
जिनके जीवन में अधिक तनाव रहता हो, उन्हें दिन में कुछ समय अकेले बिताने का प्रयास करना चाहिए। कुछ लोग अकेले सैर करना पसंद करते हैं। कुछ लोगों को अकेले पुस्तक पढ़ने से शांति मिलती है। कई बार अँधेरे कमरे में लेटना ही मन को शांत रखने के लिए काफी होता है। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान खुद के लिए ऐसे काम जरूर करें, जिससे आपको खुशी मिलती है। 
 

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  • Web Title:Lockdown stress and worry can be reason of these three mental disorders know symptoms