DA Image
5 जून, 2020|8:40|IST

अगली स्टोरी

Lockdown : चिड़चिड़े होने पर बच्चों में बढ़ने लगती है दांत काटने की आदत, ऐसे रखें उनका ख्याल

w

कोरोना वायरस लॉकडाउन में घर में रहने के कुछ ऐसे साइड इफेक्ट्स हैं, जिनका सामना हम सभी को करना पड़ रहा है। जैसे- बोरियत, अनिद्रा, गुस्सा, चिड़चिड़ापन, उदासी आदि ऐसे साइड इफेक्ट्स हैं, जो बाहर न जाने की वजह से देखे जा रहे हैं। खासकर ऐसे वक्त में बच्चों में चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। बच्चों में चिड़चिड़ापन होने के कई लक्षण देखे जा सकते हैं। इसका एक लक्षण यह भी कि बच्चों में दांत काटने की आदत बढ़ जाती है। ऐसे में अगर आपके बच्चे में भी दांत कांटने की आदत बढ़ती जा रही है, तो समझें कि आपका बच्चा चिड़चिड़ापन का शिकार हो रहा है। आइए, जानते हैं कि ऐसे में किन बातों पर ध्यान देना चाहिए- 

चिड़चिड़ापन क्या होता है 
चिड़चिड़ापन एक उत्तेजना की भावना होती है। जब आप चिड़चिड़े होते हैं, तो आप आसानी से निराश हो जाते हैं या आसानी से परेशान हो जाते हैं। तनावपूर्ण स्थितियों में आप चिड़चिड़ाहट का अनुभव कर सकते हैं। यह एक मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य समस्या का लक्षण भी हो सकता है। शिशु और छोटे बच्चे अक्सर चिड़चिड़ाहट महसूस करते हैं, खासकर जब वे थके हुए या बीमार होते हैं। उदाहरण के लिए, जब बच्चों को कोई शारीरिक परेशानी या फिर वे घर से बाहर नहीं जा पाते,  तो बच्चे अक्सर चिड़चिड़े हो जाते हैं। बच्चों में चिड़चिड़ेपन को कई तरह से समझा जा सकता है जिसमें से प्रमुख है दांत काटना।

 

बच्चों को उकसाएं नहीं
बच्चें के सामने ऐसी स्थंति न पैदा होने दें कि वह किसी को दांत काटे। अगर वह कुछ दिन दांत नहीं काटेगा तो उसकी यह आदत अपने आप ही चली जाएगी। ऐसी चीजें कहने या करने से बचें जिससे उन्हें गुस्सा आए। खासकर इसे मजाक का हिस्सा न बनने दें। 

 

बच्चों  को रोने न दें 
बच्चे जब दुखी हो कर रोने लगते हैं तो अक्संर गुस्सेन में दांत काटते हैं। ऐसे में आप उसका ध्याान किसी दूसरी ओर भटका सकती हैं। ताकि वह उन बातों को भूल कर शांत हो सके।

 

उन्हें कोई खिलौना दें
चिड़चिड़पन का एक कारण यह भी होता है कि बच्चों के दांत निकलना शुरू होते हैं, तो उन्हें दर्द होता है। दांत निकलने के दौरान बच्चे  अक्सकर दांत काटना शुरू कर देते हैं। ऐसे में आप उन्हें एक रबर वाला या पानी से भरा टीथर दी सकती हैं। 

 

बच्चों को प्यार और अटेंशन दें 
लॉकडाउन के चलते घर के सदस्य घर पर ही हैं, ऐसे में बारी-बारी से बच्चों को संभालने की कोशिशि करें। वर्क फ्रॉम होम के दौरान कुछ देर ब्रेक लेकर बच्चों को भी संभालें। अपने बच्चे को दिन भर में पर्याप्त समय दें ताकि वह अटेंशन पाने के लिए किसी को काटे नहीं। जब आपका बच्चा बड़ा हो रहा होता है तब उसे अतिरिक्त ध्यान की विशेष रूप से जरुरत होती है।
 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Lockdown side effects anger irritability aggression in kids how to deal with it