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12 अप्रैल, 2021|4:17|IST

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लोक परंपरा व संस्कृति के रंगों से सराबोर हुई कुंभनगरी हरिद्वार

haridwar

आगामी कुंभ के लिए तैयार हो रही धर्म नगरी हरिद्वार लोक परंपराओं व संस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठी है जो श्रद्धालुओं के मन में आस्था का भाव जागृत करने के साथ ही उन्हें यहां की पौराणिक विरासत से भी रूबरू कराएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस संबंध में कहा कि राज्य सरकार 'दिव्य और भव्य' कुंभ के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रयास किए जा रहे हैं कि यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालु उत्तराखंड की लोक व सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू हों।
देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे गंभीर प्रयासों के तहत कुंभ के दौरान चित्रकला के जरिए इसे दर्शाया जा रहा है।हरिद्वार- रुड़की विकास प्राधिकरण के 'पेंट माई सिटी अभियान ने हरिद्वार की फिजा ही बदल दी है। यहां दीवारों व खाली स्थानों पर देवभूमि की परंपराओं और संस्कृति के रंग उकेरे गए हैं। कहीं देवी-देवताओं, धार्मिक परम्पराओं के तो कहीं लोक संस्कृति के चित्र सजीव हो उठे हैं।
कुंभ क्षेत्र में सरकारी भवनों समेत पुल, घाट आदि की दीवारों को धार्मिक मान्यताओं के पौराणिक और सांस्कृतिक चित्रों से सजाया गया है। इसके पीछे का उद्देश्य यही है कि देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं के मन में आस्था भाव जागृत होने के साथ ही वे यहां की परंपरा, संस्कृति और पौराणिक विरासत से भी रूबरू हो सकें।प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और हरिद्वार के स्थानीय विधायक मदन कौशिक ने बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र को चित्रकला से सजाने में विभिन्न संस्थाओं का सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि कुंभ की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और इस बार का कुंभ दिव्य और भव्य होगा। 
     

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  • Web Title:Kumbhanagri Haridwar becomes filled with colors of folk tradition and culture