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जीवन शैलीशादी के लिए फंकी फोटो,ड्रोन्स का ट्रेंड हुआ पुराना, जानें क्या है आज युवाओं की पसंद

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Manju
Sun, 16 Feb 2020 01:47 PM
शादी के लिए फंकी फोटो,ड्रोन्स का ट्रेंड हुआ पुराना, जानें क्या है आज युवाओं की पसंद

दियों और उनकी सजावट के बारे में सोचते ही वैभवशाली और भारी-भरकम आयोजन जेहन में आने लगते हैं। यूं तो ट्रेंड के मामले में रीयल लाइफ में भी रील लाइफ की ही नकल की जाती रही है, लेकिन अब देसी कपल्स बॉलीवुड को भी पीछे छोड़ने लगे हैं और बहुत आगे की टेक्नोलॉजी को अपना रहे हैं। लेकिन ई-वाइट्स, फंकी फोटो फिल्टर्स और ड्रोन्स भी अब पीछे छूट गए हैं। 

टेक-सेवी युवा जोड़ों के पास इस समय नायाब आइडियाज की भरमार है, जैसे- वेटर्स मेहमानों को सेगवे या होवरबोड्र्स  के जरिए खाना परोस रहे हैं, तरह-तरह के सलाद से भरी कन्वेयर बेल्ट (मूविंग बेल्ट, जिस पर सामान इधर-उधर ले जाया जाता है) हो या मोशन-सेंसिंग गेम्स या मेहमानों के लिए मसाज मशीन्स... शादी को खुशनुमा और न भूलने वाला इवेंट बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही। दिल्ली की वेडिंग प्लानर कावेरी विज कहती हैं, ‘वेडिंग एप्स, जीआईएफ फोटो बूथ्स, डीजे की धुनों पर नाचते रोबोट से लेकर स्टेज की पृष्ठभूमि की थ्रीडी मैपिंग...शादी को यादगार और खास बनाने के लिए कुछ भी नहीं छोड़ा है इन युवा जोड़ों ने।’

क्या खर्चीली शादियां (जिसके लिए भारतीय शादियां जानी जाती हैं) ही काफी नहीं थीं कि इनके आगे के फीचर्स को जोड़ने की जरूरत आ पड़ी? मुंबई की वेडिंग प्लानर आंचल बगारिया कहती हैं, ‘ये युवा जोड़े न सिर्फ अपनी शादी में बेहतरीन फीचर्स जोड़ रहे हैं, बल्कि वे चाहते हैं कि मेहमान उनकी शादी की यादें अपने साथ लेकर लौटें। 

लिहाजा वे कुछ खास तरह के डांस फ्लोर्स तैयार कर रहे हैं, जिनकी  लागत 50-60 हजार तक आती है। वे खास तरह के फोटो बूथ्स तैयार करवा रहे हैं, जिनका खर्च 10 से 30 हजार तक आता है। इसके साथ ही वेन्यू में एलईडी वॉल्स और सेल्फी स्टेशंस भी होते हैं।’

दिल्ली के एक बैंक्वेट की मार्केटिंग मैनेजर मीना मखलोगा, जिन्होंने अपने यहां केरोयूजल और होवरबोर्ड जैसी सुविधा प्रदान की है, कहती हैं, ‘हमारा मकसद अपने ग्राहकों को यादगार अनुभव प्रदान करना है। बैंक्वेट पहले अपने स्टाफ को होवरबोर्ड राइड के जरिये खाना सर्व करने की ट्रेनिंग देता है।’

27 वर्षीय हिमांशी के. सेठ हाल ही में एक शादी में गईं, जहां मेहमानों के लिए फेरों के दौरान फूट मसाज मशीन्स लगी थीं। वह कहती हैं, ‘मुझे तो यह आइडिया बहुत पसंद आया। आमतौर पर शादियों के कार्यक्रम लगभग एक सप्ताह तक चलते हैं। लगातार डांस और भागदौड़ होती रहती है। फेरों के दौरान मेहमानों के पास कुछ खास करने को नहीं होता, ऐसे में थकान के बीच सुकून पाने के लिए मसाज से बेहतर कुछ नहीं है।’

यही नहीं, दूल्हा-दुल्हन शादी में अपनी शानदार एंट्री भी चाहते हैं, जो बिल्कुल अलग और खास तरह की हो। यहां भी टेक्नोलॉजी काम आती है, कहते हैं कावेरी विज के बिजनेस पार्टनर अक्षय चोपड़ा। वह बताते हैं, ‘दूल्हा-दुल्हन सेगवे पर अपनी एंट्री की डिमांड करने लगे हैं या फिर वे चाहते हैं कि सेगवे पर शैंपेन सर्व की जाएं।

कुछ ऐसे भी हैं, जो खास एप के जरिये शादी का लाइव प्रिव्यू उन मेहमानों के लिए करते हैं, जो किन्हीं कारणोंवश शादी अटेंड नहीं कर सके।  डिजिटल प्लेटफॉम्र्स ने सुनिश्चित कर दिया है कि शादी में मौजूद हर व्यक्ति दूल्हा-दुल्हन के इस खास दिन से दिली तौर पर जुड़ सके।

संचिता कालरा 

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