आयुर्वेदिक चीजों में छिपा है याददाश्त बढ़ाने का गुण, बच्चे हो या बड़े फॉलों करें ये टिप्स

लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली
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रिसर्च में भी इस बात का खुलासा हुआ है कि मस्तिष्क के बेहतर विकास के लिए संपूर्ण और पौष्टिक आहार काफी जरूरी होता है। ऐसे में अगर आपको भी लगता है कि आपकी  याददाश्‍त कमजोर हो रही है तो ये आयुर्वेदिक उपाय

आयुर्वेदिक चीजों में छिपा है याददाश्त बढ़ाने का गुण, बच्चे हो या बड़े फॉलों करें ये टिप्स

Ayurvedic foods to boost memory: उम्र बढ़ने पर याददाश्‍त का कमजोर होना स्वाभाविक बात है। लेकिन कम उम्र में ही अगर आप चीजें रखकर भूल जाते हैं या फिर आपको किसी की कही बात याद नहीं रहती हैं तो यह आपकी याददाश्‍त कमजोर होने की तरफ इशारा है। ये समस्या आजकल सिर्फ युवाओं में ही नहीं बल्कि कुछ बच्‍चों में भी देखी जाती है, उन्हें भी बातें और चीजें याद रखने में दिक्‍कत होती है। ऐसा अक्सर पोषण की कमी या किसी चोट या बीमारी की वजह से भी हो सकता है। रिसर्च में भी इस बात का खुलासा हुआ है कि मस्तिष्क के बेहतर विकास के लिए संपूर्ण और पौष्टिक आहार काफी जरूरी होता है। ऐसे में अगर आपको भी लगता है कि आपकी  याददाश्‍त कमजोर हो रही है तो ये आयुर्वेदिक उपाय आपकी याददाश्त बढ़ाने में आपकी मदद कर सकते हैं।  

याददाश्त बढ़ाने के लिए अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपाय-
-ब्राह्मी दूध का नियमित रूप से सेवन करने से याददाश्त तेज होती है, सबसे अच्छी बात यह है कि इसका कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता है। ब्राह्मी दूध को तैयार करने के लिए 1 गिलास दूध में आधा चम्मच ब्राह्मी डालकर इसे करीब 2 मिनट तक उबालें। अब सोने से पहले इस दूध को पिएं। 

-केसर और गाजर का जूस का सेवन करने से याददाश्त क्षमता में सुधार आता है। इनमें कैरोटेनॉयड्स की उपस्थिति होती है, जो मेमोरी पावर को  बूस्ट करता है। गाजर का जूस बनाने के लिए 3 फ्रेश गाजर लें, इसमें 1/4 चुकंदर, 1 चम्मच अलसी और कुछ बूंदे ऑलिव ऑयल की मिक्स करें और अच्छे से पीस लें। इस जूस का सेवन करने से मेमोरी अच्छी होती है।

-अच्छी मेमोरी पावर के लिए सप्ताह में कम से कम 5 बार एक्सरसाइज या वॉक जरूर करें। खासतौर पर ब्रिस्क वॉक हमारे ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है, जो मेमोरी पावर को बढ़ता है। इसलिए सप्ताह में कम से कम 5 बार जरूर वॉक करें

-आप अपनी याददाश्त बढ़ाने के लिए कुछ योगासन की मदद भी ले सकते हैं।  हलासन, शीर्षासन, कोबरा, धनुष योग जैसे आसन ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर कर सकते हैं। इन योगासन की मदद से आप अपने मेमोरी पावर को बूस्ट कर सकते हैं।
 
- डाइट में हरी सब्जियों के अलावा अखरोट, बादाम, दूध और घी जैसी चीजें शामिल करने से आपके मस्तिष्क की कार्य क्षमता अच्छी होती है। इसके अलावा बैंगनी रंग का अंगूर खाने से भी याददाश्त की क्षमता में सुधार आता है। 

ये चीजें बनाती हैं याददाश्त को कमजोर-
जैसे- कीटनाशक, हाइड्रोजनीकृत फूड्स, मांस, वनस्पति तेल, कृत्रिम रंग इत्यादि जैसी चीजें आपकी याददाश्त को कमजोर बनाने का काम करती है। 

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Manju Mamgain

लेखक के बारे में

Manju Mamgain

शॉर्ट बायो
मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।


परिचय एवं अनुभव
मंजू ममगाईं वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिख रही हैं। बीते साढ़े 6 वर्षों से इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है, बल्कि यूजर बिहेवियर और पाठकों की बदलती रुचि को समझते हुए कंटेंट को नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाया है। पत्रकारिता के तीनों मुख्य स्तंभों— टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल 18 वर्षों का लंबा अनुभव उनकी पेशेवर परिपक्वता का प्रमाण है।

करियर का सफर (प्रिंट की गहराई से डिजिटल की रफ्तार तक)
एचटी डिजिटल से पहले मंजू ने 'आज तक' (इंडिया टुडे ग्रुप), 'अमर उजाला' और 'सहारा समय' जैसे देश के शीर्ष मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। 'आज तक' में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन को लीड करने का उनका अनुभव आज भी उनकी रिपोर्टिंग में झलकता है। वे केवल खबरें नहीं लिखतीं, बल्कि पाठकों के साथ एक 'कनेक्ट' भी पैदा करती हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि और विशेषज्ञता:
दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी (ऑनर्स) और भारतीय विद्या भवन से मास कम्युनिकेशन करने वाली मंजू, साल 2008 से ही मेडिकल रिसर्च और हेल्थ विषयों पर अपनी लेखनी चला रही हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत जटिल वैज्ञानिक तथ्यों और मेडिकल रिसर्च को 'एक्सपर्ट-वेरिफाइड' मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज के रूप में सरल भाषा में प्रस्तुत करना है। स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी हर खबर डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित होती है, जो डिजिटल युग में विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी उतरती है।

बहुमुखी प्रतिभा और विजन
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