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23 फरवरी, 2020|4:32|IST

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ऑफिस में ध्यान रहें ये 10 बातें, टेंशन से रहेंगे दूर

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ऑफिस आजकल हर किसी की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। यहां अपने दिल और दिमाग का दबदबा बनाने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखें। बता रही हैं मोनिका अग्रवाल

एक आईटी कंपनी में कार्यरत अंजलि सक्सेना बताती हैं, ‘हमारी कंपनी में महिला कर्मियों के साथ बहुत भेदभाव होता है। शुरू में मुझे लगा कि मैं नयी हूं, इसलिए ऐसा मेरे साथ हो रहा है, लेकिन बाद में सही बात समझ आई।  किसी इवेंट या मीटिंग में बॉस  हमेशा मेरे पुरुष सहकर्मियों  को ही आगे रखते हैं। उन्हें लगता है कि एक महिला ढंग से उन बातों को समझा नहीं सकती।’

वैसे कामकाजी महिलाओं में से कम ही होंगी, जिन्हें ऐसा महसूस न करना पड़ा हो। महिला होने के नाते हम अपने कामकाजी जीवन में पूर्वाग्रहों का शिकार हो जाते हैं। मसलन, महिलाओं को तो केवल फैशन और खानपान से मतलब होता है, साइंस और टेक्नोलॉजी की बात नहीं की जा सकती। अगर वर्कप्लेस में आप भी ऐसे पूर्वाग्रहों का शिकार हो रही हैं, तो अपना प्रभाव जमाने के लिए कुछ बातों पर गौर जरूर कीजिए।

1. मीटिंग का हिस्सा बनें-
नए ऑफिस में अपने व्यवहार में संयम और संतुलन बरतें। आपको जो भी काम मिले, उसे तत्परता और उत्साह से तय समय पर पूरा करने की कोशिश करें। यदि कुछ समझ नहीं आ रहा तो चुप बैठने की बजाय संबंधित व्यक्ति से मदद लें। ये न सोचें कि इससे गलत प्रभाव पड़ेगा। 

किसी मीटिंग में हिस्सा लेने जा रही हैं, तो सहकर्मियों से उसके बारे में छोटी बातचीत करें। साथ ही मीटिंग में सक्रिय भागीदारी करें। बोलें जरूर, लेकिन ऐसा जो मीटिंग के मुद्दे में कुछ उपयोगी बात जोड़े। अपने काम को संक्षिप्त और प्रभावी ढंग से रखें। न  किसी दूसरे की बात काटें और न यह दर्शाएं कि आप ही सही हैं। वक्त और मौके की नजाकत का ध्यान रखें।

2. हम शब्द का प्रयोग कम करें-
शोध बताते हैं कि महिलाएं ‘हम’ शब्द का उपयोग अधिक करती हैं, जबकि पुरुष ‘मुझे’ शब्द का अधिक प्रयोग करते हैं। जहां तक संभव हो ‘हम’ का प्रयोग कम करें, इससे आत्मविश्वास की कमी दिखाई देगी। आज के समय में अपने लिए किए गए कार्य का श्रेय लेना, न केवल आपके करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आपकी कंपनी के लिए भी जरूरी है। ‘मेरा मानना है’ या ‘मेरी राय में’ जैसे वाक्यों से आपका आत्मविश्वास झलकेगा। सामने वाले व्यक्ति पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

3. सिर्फ श्रेय लेने की न सोचें-
एक्सपर्ट के अनुसार, श्रेय के लिए परेशान रहने की जगह, पहचान बनाने की कोशिश करें। आपके पास पहला इम्प्रेशन देने के लिए कुछ सेकेंड ही होते हैं। याद रखिए हमारी आंखों का काम भी वही होता है, जो कैमरे का। बस कुछ सेकेंड में ही इम्प्रेशन तय हो जाता है। उसी से आपकी छवि बनती है। अगर आप चाहती हैं कि आफिस में आपका पॉजिटिव इम्प्रेशन पड़े, तो अपनी छवि साफ रखें। सिर्फ श्रेय के लिए लालायित रहने वाली महिलाकर्मी की बजाय कुछ ऐसी सहयोगी बनें, जिसके नजरिए की सभी तारीफ करते हों।

4. बॉडी लैंग्वेज- 
यह बहुत जरूरी है कि बातचीत करते समय आपकी बॉडी लैंग्वेज से आत्मविश्वास झलके। मुस्कुराइए और आत्मविश्वास के साथ सीधे आंखों में आंखें डालकर बात कीजिए। आपको ‘6डी’ को अपने में लाना है। यानी डिजायर (इच्छा), डायरेक्शन (दिशा), डिसिप्लिन (अनुशासन), डिटर्मिनेशन (दृढ़ता), ड्रीम (सपना), डेस्टिनेशन (मंजिल)। 
 
5. तोल-मोल के बोल- 
ऑफिस में बनावटी लहजे या बनावटी बातों में किसी की दिलचस्पी नहीं होती। यह आपकी गरिमा को कम करने वाला होता है। सही और सरलता से बोलने पर आपकी बात का सुना भी जाएगा और इससे आपकी अलग इमेज भी उभर कर आएगी। आप जो भी बात करें, उनमें  द्विअर्थी शब्दों का प्रयोग न हो, इसका ध्यान रखिए। केवल महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ही बात करें। यह आपके टैलेंट में चार चांद लगाएगा।

6. स्वस्थ प्रतियोगिता रखें, ईर्ष्या नहीं-
जैसे पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं, ठीक उसी तरह किसी की क्षमता में समानता नहीं होती। इसलिए खुद की तुलना दूसरे सहकर्मी से करने पर नुकसान हमारा ही है। हमारी ही कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। बेहतर है कि आप ऑफिस में जो भी काम कर रही हों, मन लगाकर कर करें। भले ही सामने वाला आपकी बुराई कर रहा हो, पर विचलित होने की जगह सामान्य रहें। यह आपका सकारात्मक कदम होगा।

7. दिखावा न करें-
हर आदमी अपनी वो खूबियां दिखाने में अपना वक्त गंवाता है, जो उसमें नहीं हैं। ऑफिस में अगर आप ऐसा करते हैं, तो अधिकारियों के लिए आप सिरदर्द भी बन सकते हैं।  जो आप नहीं कर सकतीं, उसे हाथ में लेकर वह काम खराब मत कीजिए। अगर अपनी क्षमताओं को लेकर यथार्थ सोच के साथ उत्साही कर्मचारी बनेंगी, तो सभी का भरोसा जीत पाएंगी। 

8. पहचानें सफलता की एबीसी-
एबीसी यानी कि एबिलिटी (क्षमती), ब्रेक (विश्राम) और करेज (हौसला)। ये तीन बातें सफलता के लिए जरूरी हैं। अगर आप ऑफिस में सफल होना चाहती हैं तो सबसे पहले खुद को पहचानिए कि आपकी सीमाएं क्या हैं। बिना अपनी सामर्थ्य और निजी स्थितियों को पहचाने अपने लक्ष्य मत तय कीजिए। आप अपना लक्ष्य खुद अपनी क्षमताओं को परखकर चुनेंगी, तो चुनौतियों को तोड़ आगे बढ़ पाएंगी। आपके साहसिक कदम से आपको कार्यक्षेत्र में सफलता जरूर मिलेगी और आप एक प्रगतिशील कर्मचारी के तौर पर पहचानी जाएंगी। 

9. तनाव का प्रबंधन सीखें-
पेशेवर जीवन में एक महिला का जीवन नाव की तरह होता है, जिसमें कई छेद होते हैं और प्रत्येक छेद उसके जीवन के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे स्वास्थ्य, काम, शौक, जीवनसाथी, बच्चे और दोस्त।  इस नाव में सवार होकर यात्रा शुरू की तो हर जगह से नाव में आ रहे पानी को रोक नहीं सकते। पेशेवर जिंदगी में महिलाओं के सामने निजी जीवन की बहुत सारी चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं और वे तनाव से भर जाती हैं। 

कार्यस्थल से जुड़े तनाव का आपकी समग्र प्रोडक्टिविटी और सेहत पर असर पड़ता है। वहीं आपकी टीम भी इस तनाव का शिकार हो सकती है। लिहाजा, जरा रुकें और काम के तनाव को कम करने का प्रयास करें। ध्यान और खुद पर संयम बनाने के कुछ योगाभ्यास से आप प्रोफेशनल लाइफ में होने वाले तनावों को उसी वक्त में नियंत्रण में रखना सीख सकती हैं।

10. रिश्तों का हुनर तराशें- 
यदि आपके पास अच्छे इंटर-पर्सनल स्किल्स हैं, तो आप अपने सहकर्मियों के बीच आसानी से पहचानी जाएंगी। साथ ही ये कौशल सामने वाले के दिमाग पर आपका सकारात्मक असर छोड़ आपको ऑफिस में ऊर्जावान बनाएगा।

प्रतिस्पर्धा के इस युग में सभी सफलता चाहते हैं। इसके लिए वर्क-प्लेस पर पूर्ण समर्पण से काम करें । सकारात्मक सोच, काम में आपकी भागीदारी, साझेदारी व सहयोग से ही  आप अपने कार्यस्थल पर अपना दबदबा बना सकती हैं।

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  • Web Title:Keeping these 10 things in mind while working in office can keep you tension free