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बिजनेस वुमन बनने से पहले हर महिला को ध्यान रखनी चाहिए ये बातें, जानें क्या है एक्सपर्ट की राय

आजकल के बदलते दौर में महिलाएं बड़ी संख्या में अपने व्यवसाय की ओर रुख कर रही हैं। आप भी अपने विचार को व्यवसाय में तब्दील सकती हैं, बस इसके लिए पहले कुछ बातों को ध्यान में जरूर रखें।

बिजनेस वुमन बनने से पहले हर महिला को ध्यान रखनी चाहिए ये बातें, जानें क्या है एक्सपर्ट की राय
Manju Mamgainहिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 23 Feb 2024 01:53 PM
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International Women's Day 2024: वंदना लूथरा, सुचि मुखर्जी, फाल्गुनी नायर या फिर शहनाज हुसैन...इन सब में एक समानता है। व्यवसाय की दुनिया में ये सब अपना एक अनूठा विचार लेकर आईं और उसके बल पर अपना एक साम्राज्य खड़ा किया। आप भी अपने विचार को व्यवसाय में तब्दील सकती हैं, बस इसके लिए पहले कुछ बातों को ध्यान में जरूर रखें। कौन-सी हैं ये बातें, बता रहे हैं बिजनेस कोच गोविंद भादू

आजकल के बदलते दौर में महिलाएं बड़ी संख्या में अपने व्यवसाय की ओर रुख कर रही हैं। वह अब पुराने दौर की बात हो गई, जब महिलाएं खुद को घर-परिवार या ज्यादा-से-ज्यादा नौकरी तक सीमित रखती थीं। आज महिलाएं बिजनेस में आगे बढ़कर नया इतिहास रच रही हैं। मगर यह जरूरी नहीं कि आपका हर बिजनेस सफल हो, इसलिए अगर आप अपना नया व्यवसाय शुरू करने जा रही हैं, तो उससे पहले आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा।

पहले करें जरूरी जांच-पड़ताल
बिजनेस हमेशा अपनी रुचि के अनुसार ही चुनें। आप जो भी बिजनेस करने जा रही हैं, पहले उसकी पूरी जानकारी हासिल करें, उसके बारे में पूरी जांच-पड़ताल करें कि आखिर उस बिजनेस को शुरू करने से पहले कितना बजट लगेगा और उस बजट के लिए आप पैसों की कहां से व्यवस्था करेंगी। इसके लिए आपको उस बिजनेस के ऐतिहासिक पहलुओं को समझना होगा। इस समय मार्केट में किस तरह की डिमांड है, उसके बारे में जानें। आप अपने बिजनेस ग्रोथ को कहां तक ले जा पाएंगी इसको भी समझिए। जरूरी कानूनी पहलुओं को भी समझिए। बिजनेस शुरू करने और बिजनेस चलाने के दौरान क्या-क्या कठिनाई आ सकती है, इस पर भी गहन अध्ययन  कीजिए।

हासिल करें पूरी जानकारी
आप जो भी बिजनेस कर रही हैं, उसके बारे में पूरी प्लानिंग करें, पूरी जानकारी हासिल करें। इसके लिए आप गूगल की मदद के अलावा इस बिजनेस से जुड़े लोगों की भी मदद लें। हो सके तो उस बिजनेस की अधिक जानकारी लेने के लिए किसी बड़े संस्थान में आप ट्र्रेनिंग भी लें, जिससे आपको पूरा भरोसा हो जाए कि आप उस बिजनेस में आगे बढ़ पाएंगी। बिजनेस शुरू करने से पहले उसका ब्लूप्रिंट तैयार करें। कहां-कहां से आपको अनुमति लेनी होगी, कौन-से लाइसेंस लेने होंगे और किन कागजातों की जरूरत पड़ेगी, ये सारी जानकारी जुटाएं। यह सब कुछ प्लानिंग के अंतर्गत ही आता है, इसलिए अच्छी प्र्लांनग सबसे जरूरी है।

ट्र्रेंनग होगी कारगर
बिजनेस शुरू करने से पहले उसकी जानकारी आपको किताबी ज्ञान के माध्यम से मिल सकती है, परंतु प्रैक्टिकल जानकारी से आप बिजनेस की कई ऐसी बारीकियां सीख पाएंगी, जो भविष्य में आपके लिए बहुत ही लाभदायक सिद्ध होंगी। यह ट्र्रेंनग आप इस बिजनेस से संबंधित किसी अच्छे संस्थान से ले सकती हैं, इसमें कई तकनीकी स्किल के साथ ही बिजनेस को लेकर बड़ी से बड़ी रणनीतियों को कैसे सफल बनाया जाए, यह सब सिखाया जाता है। यही नहीं, जब आपका बिजनेस चलने लगे, तब भी कॉरपोरेट ट्रेनिंग की मदद से आपके कर्मचारी भी तकनीकी ज्ञान हासिल कर सकते हैं और कई ऐसी रणनीतियां सीख सकते हैं, जो आपके बिजनेस को सफल बनाने में काफी मददगार साबित होगी।

लोन लेने की तैयारी
यदि आप अपने व्यवसाय के लिए लोन ले रही हैं, तो उससे पहले चार-पांच बैंकों से इस बारे में जानकारी इकट्ठा करें। यह पता करें कि आपको किस बैंक में कितना ब्याज देना पड़ेगा और इसके लिए कौन-से डॉक्यूमेंट की जरूरत होगी। साथ ही आप किसी अच्छे चार्टर्ड अकाउंटेंट से भी संपर्क करें, जो आपको अन्य प्रकार की जानकारी दे पाएगा और आगे आपको बिजनेस के दौरान भी मदद करेगा।

बजट की व्यवस्था करें
आप कोई भी बिजनेस शुरू करने जा रही हैं, तो उसके बजट में आपको 6 महीने या फिर साल भर तक के बजट की पूरी व्यवस्था करनी होगी क्योंकि बिजनेस शुरू करते ही आपको मुनाफा होने लगे, इसकी कोई गारंटी नहीं। इस पूंजी को इकट्ठा करने के लिए आप बैंक से लोन ले सकती हैं या फिर अपने बचत का इस्तेमाल कर सकती हैं। पर, अपनी बचत को व्यवसाय में लगाने का रिस्क लेने से बचें। उदाहरण के तौर पर यदि आपके पास 10 लाख रुपए की पूंजी जमा है और आप 5 लाख रुपए से  एक साल तक बिजनेस को अच्छी तरह से चला सकती हैं, तब आप अपनी इस पूंजी को बिजनेस में लगा सकती हैं क्योंकि इसके बाद भी आपके पास 5 लाख रुपए अतिरिक्त बचेंगे। पर, यदि आपके पास सिर्फ 5 लाख रुपए हैं, तब आप उन्हें सुरक्षित रखें और 1 लाख या 2 लाख ही अपने पास से लगाएं बाकी के पैसे आप बैंक से लोन पर ले सकती हैं।

पार्टनरशिप में विश्वास है बहुत जरूरी
यदि आप किसी के साथ पार्टनरशिप में व्यवसाय शुरू कर रही हैं, तो इसके लिए एक-दूसरे पर पूरा विश्वास बहुत जरूरी है। कई बार अच्छे-अच्छे पार्टनर भी धोखा दे जाते हैं, तो इसके लिए किसी ऐसे व्यक्ति को चुनें, जिस पर आप आंख मूंदकर भरोसा कर सकें। किसी ऐसे व्यक्ति को बिजनेस पार्टनर चुनें, जो व्यवसाय से जुड़े तमाम उतार-चढ़ाव में आपके साथ खड़ा रहे। यह व्यक्ति कोई बहुत पुराना मित्र भी हो सकता है या फिर आपका कोई पारिवारिक संबंधी भी, मगर आपसी विश्वास होना बहुत जरूरी है।

जरूरी हैं ये स्किल्स
नेटवर्किंग: जो महिलाएं नया व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं, उनके लिए अन्य व्यावसायिक व्यक्तियों से बात करना महत्वपूर्ण है। नेटवर्किंग उन्हें वकीलों, वित्तीय विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों आदि जैसे पेशेवरों से जुड़ने में भी मदद कर सकती है।

ब्रांडिंग और मार्केटिंग: जिन व्यवसायों की ब्रांड वैल्यू होती है वे सफलतापूर्वक अपना इरादा और अपना उद्देश्य दिखा सकते हैं। यदि आप अपने व्यवसाय में कोई छाप छोड़ना चाहती हैं उद्यमशीलता की दुनिया में जीवित रहना चाहती हैं तो आपको अच्छे प्रोडक्ट और अच्छी सर्विस के साथ-साथ अपने व्यवसाय की ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर भी उतना ही ज्यादा ध्यान देना होगा।

आपके लिए हैं ये सरकारी योजनाए
क्रेडिट गारंटी योजना

सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए एमएसएमई मंत्रालय की क्रेडिट गारंटी योजना सामान्य दर के मुकाबले महिलाओं को ऋण के लिए 85 प्रतिशत तक गारंटी कवरेज के साथ 5 करोड़ रुपये की सीमा तक कोलैट्रल-फ्री ऋण प्रदान करती है।

प्रधान मंत्री मुद्रा योजना 
व्यापारियों को अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को स्थापित करने या उसके विस्तार में सक्षम बनाने के लिए 10 लाख रुपये तक कोलैट्रल-फ्री ऋण देने के लिए यह योजना 2015 में शुरू की गई। इसमें तीन श्रेणियों (50 हजार, पांच लाख और दस लाख) में ऋण आबंटित किए जाते हैं, जिसका नेतृत्व और संचालन महिला उद्यमियों द्वारा किया जाता है। ऋण चुकाने की अधिकतम समय अवधि 5 वर्ष है, और न्यूनतम समय अवधि 3 वर्ष है।

महिला समृद्धि योजना
महिला समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को ब्याज में छूट के साथ 1,40,000/- रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, पिछड़े समुदाय की महिलाएं और जिनकी पारिवारिक आय प्रति वर्ष तीन लाख रुपये से कम है, वे इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं।

व्यापार संबंधित उद्यमिता सहायता और विकास
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण करना है। महिलाओं को कुल परियोजना लागत का 30 प्रतिशत तक भारत सरकार (जीओआई) अनुदान के रूप में सहायता प्रदान की जाती है, जबकि परियोजना लागत का शेष 70 प्रतिशत ऋण देने वाली एजेंसी द्वारा ऋण के रूप में वित्तपोषित किया जाता है।

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