अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: शिव-शक्ति को समर्पित यह ‘काल शक्ति’

अंकिता बंगवाल , नई दिल्ली Last Modified: Sun, Mar 08 2020. 13:34 PM IST
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एक स्त्री आज के जमाने में क्या नहीं कर सकती। ऐसी कौन सी बाधा है, जिसे आज की महिलाओं ने पार नहीं किया? 8 मार्च को महिला दिवस के उपलक्ष्य में आज महिला शक्ति को समर्पित एक खास आयोजन होने जा रहा है। महिलाओं को समर्पित इस दिन में उन्हें उनके खास होने का अनुभव कराया जाता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर उर्वशी डांस म्यूजिक आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी की तरफ से एक खास आयोजन हो रहा है। इस मौके पर कथक डांस बैले की प्रस्तुति होगी, जिसमें संस्थान के कई सदस्य हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम का नाम ‘काल शक्ति’ रखा गया है।

इसके पीछे की कहानी के बारे में संस्था की प्रेसीडेंट डॉ. रेखा मेहरा कहती हैं, ‘काल शब्द का अर्थ है समय, अंधकार या शून्यता। इसीलिए एक शब्द में तीनों का वर्णन किया गया है। वहीं  शक्ति की महत्वाकांक्षा और एक असमान दुनिया के भाग्य को बदलना आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। काल शक्ति नर और नारी दोनों में है।  
आज के समय में, क्रोध, असमानता और निराशा के इस वातावरण में हमने इस बात को दोबारा समझाने की कोशिश की है कि शक्ति चाहे तो क्या नहीं कर सकती है। हमारे इस कार्यक्रम में हमने उस शक्ति की बात की है, जो शिव में कहीं समाहित है। शिव को अद्र्धनारीश्वर कहा जाता है, चूंकि वह शिव-शक्ति का प्रतीक हैं। हमने अपने कथक बैले में शुरुआत भी इसी से की है। हमने  पार्वती को सती के रूप में दर्शाया है। कैसे वह अपने और अपने पति के अपमान से क्रोधित होती हैं और फिर अग्नि में सती हो जाती हैं। शिव इससे क्रोधित हो जाते हैं और हाहाकार मच जाता है। या जब असुरों का विनाश करने के लिए काली जन्म लेती हैं।’

उन्होंने बताया कि आज भी समाज में ऐसी महिलाएं हैं, जो कई चीजों से संकोच करती हैं। वे आगे आने में घबराती हैं। महिलाओं को यह बताना जरूरी है कि वह हर रूप में शक्ति हैं। उन्हें आशा है कि उनके इस कार्यक्रम को लोग पसंद करेंगे। कल यानी  8 मार्च को यह कार्यक्रम मंडी हाउस स्थित कमानी ऑडिटोरियम में शाम 6:30 बजे से होगा।

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