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6 जुलाई, 2020|7:54|IST

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International Women Health Day:जानिए क्या है लगातार दर्द वाली यह बीमारी जिसकी ज्यादातर महिलाएं होती हैं शिकार

fibromyalgia

कई बार शरीर की मांसपेशियों और हड्डियों में लगातार दर्द महसूस होता है, सोने के बाद भी थका हुआ महसूस होता है लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है और इस दर्द की आदत भी पड़ जाती है। खास बात तो यह है कि यह कोई रोजमर्रा की भागदौड़ के कारण नहीं बल्कि एक विकार है, जिसे फाइब्रोमायल्जिया कहते हैं। यह विकार पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा नजर आता है। आर्थराइटिस इंडिया के अनुसार पूरी आबादी में से 0.5 से लेकर 2 प्रतिशत लोग ही इस बीमारी से जूझते हैं। महिलाएं, पुरुषों के मुकाबले तीन से सात गुना ज्यादा इस बीमारी की शिकार होती हैं।
 
एम्स के डॉ. केएम नाधीर का कहना है कि इस विकार में मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द, थकान के अलावा मस्तिष्क और नींद से जु़ड़ी कई मुश्किलें आनी शुरू हो जाती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि फाइब्रोमायल्जिया में मस्तिष्क के दर्द के संकेतों के प्रभावित होने से इस रोग के दर्द में सनसनी महसूस होती है। शोधकर्ता और डॉक्टर अभी तक यह पता नहीं लगा पाए हैं कि इस विकार का असल कारण क्या है। लेकिन दशकों के शोध के बाद कुछ कारकों को इसका जिम्मेदार ठहराया जाता है। इसमें किसी तरह का पहले से संक्रमण इस विकार का कारण बन सकता है और लक्षण बिगड़ सकते हैं। आनुवंशिक भी हो सकता है, यानी परिवार में किसी व्यक्ति को है तो इससे अन्य सदस्यों में होने का जोखिम बढ़ जाता है। किसी भावनात्मक या शारीरिक आघात से जूझ चुके लोगों को भी हो सकता है। इस बीमारी के लक्षण 30 से 50 वर्ष की उम्र में दिखते हैं लेकिन बच्चों और बुजुर्गों सहित किसी भी उम्र के लोगों में हो सकती है।
 
 एम्स के डॉ. उमर अफरोज का कहना है कि अस्वस्थ आहार, बदलती जीवनशैली, नींद की कमी, आर्थिक परेशानी, प्रियजन को खोना, वातावरण का प्रभाव, खराब रिश्ते आदि तनाव का कारण बन सकते हैं। लंबे समय तक किसी बात का तनाव भी हार्मोनल गड़बड़ी कर सकता है और फाइब्रोमायल्जिया की वजह बन सकता है। फाइब्रोमायल्जिया से ग्रस्त दस में से नौ लोगों में अवसाद के लक्षण होते हैं और दस में से कम से कम छह लोगों को अपने जीवनकाल के दौरान एक गंभीर अवसाद का अनुभव होगा। रूमेटिक रोग से पीड़ित व्यक्ति में फाइब्रोमायल्जिया विकसित होने की अधिक आशंका हो सकती है।
 
हालांकि, इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन ऐसी कई दवाएं हैं जो इस बीमारी के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं। खासतौर पर आराम, व्यायाम और तनाव में कमी के उपायों को अपनाकर फाइब्रोमायल्जिया के लक्षणों को नियंत्रित रखने रख सकते हैं। इससे बचाव के लिए व्यक्ति को पर्याप्त नींद, भावनात्मक और मानसिक तनाव में कमी, नियमित रूप से व्यायाम, संतुलित आहार की जरूरत है। भरपूर आराम भी इसके लिए जरूरी है। अपने काम को पूरे दिन में बांट लें। अगर एक दिन में ही बहुत अधिक काम करने की कोशिश करते हैं, तो थका हुआ महसूस कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए देखें : https://www.myupchar.com/disease/fibromyalgia

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  • Web Title:International Day of Action for Womens Health 2020:Know about the constant pain disease of which mostly women suffers