DA Image
31 मई, 2020|1:10|IST

अगली स्टोरी

लॉकडाउन में नींद से हो गया है ब्रेकअप! तो रात में किताब पढ़ना कर दें शुरू 

e

एक अच्छी और आरामदायक रात की नींद एक ऐसी चीज है जिसके लिए हर कोई तरसता है। लॉकडाउन के समय में बेशक आपको बाहर जाना नहीं पड़ता लेकिन वर्क फ्रॉम होम और घर के काम आपको थकाने के लिए काफी हैं। नींद हर किसी के लिए इतनी आसान नहीं है। खासकर जब हम रूटीन के हिसाब से न चलकर खाने-पीने और आराम से दूरी बनाकर रखते हैं। इसमें लंबे समय तक फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर टाइम बिताना भी शामिल है। कई बार तो ऐसा होता है कि हम बिना किसी मकसद के अपनी नींद को छोड़कर घंटों तक स्क्रॉल करते रहते हैं और इसका रीजन भी हमें पता नहीं होता। यह सबसे बड़ी वजह है अपनी नींद को खुद खराब करने की। 


हालांकि, हाल के अध्ययन और सर्वेक्षण सभी नींद की समस्याओं के समाधान का सुझाव देते हैं। एक गद्दे और स्लीप प्रोडक्ट रिव्यू साइट के सर्वे के अनुसार, बिस्तर पर जाने से पहले पढ़ने से चैन की नींद लेने में मदद मिलती है। सर्वे में नींद पर लिखने वाले राइटर्स ने 1000 व्यक्तियों के बेड टाइम और रूटीन की समीक्षा की। इसके परिणामों से पता चला कि जो लोग रात में सोने से पहले बिस्तर पर पढ़ते हैं, उन्हें न केवल अधिक आराम मिला, बल्कि यह भी पाया गया कि यह तनाव को कम करता है, नींद को प्रेरित करता है, मन को केंद्रित करता है, नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है और यहां तक कि उन्हें बाहर निकालने में भी मदद करता है। 

रात में पढ़ने से अच्छी नींद आती है, इसके कई फायदे हैं। इसी सर्वे में यह भी पाया गया कि जो लोग अच्छी नींद लेते थेवे बेहतर कमाते थे। यह इस तथ्य के कारण है कि रात में उचित नींद तनाव के स्तर को कम करती है और अगले दिन के लिए मन को रिबूट करती है। यह काम में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है, जिससे अधिक कैरियर और वेतन लाभ होता है। साथ ही, एक जर्नल में प्रकाशित एक शोध से पता चलता है कि जो लोग बिस्तर पर जाने से पहले लिटरेचर पढ़ते हैं, वे सहानुभूति या भावनात्मक बुद्धि में अधिक विकसित होते हैं यानी लोगों को समझने में उन्हें काफी कामयाबी मिलती है। 


खास बात यह भी है कि कोई कैसे पढ़ता है, यह भी बहुत महत्वपूर्ण है। आज के तकनीकी युग में बहुत से लोग फोन या टैबलेट पर पढ़ना पसंद करते हैं। हालांकि, शोध में, कई लोगों ने स्वीकार किया कि वे टैबलेट या फोन पर पढ़ते हुए सो जाने के लिए स्ट्रगल करते हैं, यानी इससे उन्हें नींद नहीं आ पाती। इसका कारण यह है कि  इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से एक खास तरह की रेज निकलती है, जो आंखों और दिमाग के लिए सही नहीं हैं, इससे आंखें भारी होती और इनमें दर्द की शिकायत होने लगती है। इसका मतलब यह है कि तकनीकी युग में भी किताबें आपकी सबसे अच्छी दोस्त हैं। 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:insomnia problem reading before going to sleep can solve rough sleep problem