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11 अक्तूबर, 2020|8:52|IST

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आईआईटी बीएचयू ने खोजी ट्रिपल निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर की दवा, जानें क्या है इसके लक्षण

आईआईटी बीएचयू के बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग ने ट्रिपल निगेटिव कैंसर की दवा खोजने का दावा किया है।  इस घातक कैंसर का कारगर इलाज न होने से पीड़िता की जान बचाना कठिन होता था। डॉ. प्रदीप पाइक ने अपने शोधार्थियों की मदद से एक ऐसा नैनो कैप्सूल डेवलप किया है,जिसमें मौजूद दवा कैंसर प्रभावित कोशिका में पहुंचकर उसे मार देगी। दावा है कि नैनो मेडिसिन ट्रिपल निगेटिव ब्रेस्ट कैंसर की सेल को भेदने तथा प्रभावित कैंसर को खत्म करने की क्षमता रखती है। 

प्रो. प्रदीप पाइक ने बताया कि ट्रिपल निगेटिव स्तन कैंसर महिलाओं की मृत्यु का बड़ा कारण है। ट्रिपल निगेटिव स्तन कैंसर (टीएनबीसी) की ज्यादातर मरीज 50 वर्ष से कम उम्र की महिलाएं हैं। उपचार के बावजूद टीएनबीसी के वापस आने का खतरा बना रहता है। खासकर अगले तीन से पांच वर्षों तक चिकित्सकों के लिए ऐसे मरीजों को बचा पाना बड़ी चुनौती है। प्रो. प्रदीप पाइक का यह शोध अंतरराष्ट्रीय पत्रिका रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिकल में 13 जून 2020 को  प्रमुखता से प्रकाशित हुआ। चूहों पर प्रयोग के बाद इस दवा का मानवों पर क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा। 

क्या है ट्रिपल नेगिटिव ब्रेस्ट कैंसर -
कैंसर टेस्ट के दौरान अगर एस्ट्रोजेन, प्रोजेस्ट्रोन और प्रोटीन की रिपोर्ट नेगटिव आती है, तो इसे ट्रिपल-नेगिटिव ब्रेस्ट कैंसर कहते हैं। ट्रिपल-नेगिटिव ब्रेस्ट कैंसर का इलाज अन्य ब्रेस्ट कैंसर के इलाज की तुलना में ज्यादा कठिन होता है। स्तन कैंसर को बढ़ाने वाले एस्ट्रोजेन रिसेप्टर, ह्यूमन ऐपिडर्मल ग्रोथ फैक्टर रिसेप्टर-2 और प्रोजेस्टोरेन रिसेप्टर टीएनबीसी में मौजूद नहीं होते हैं। जबकि आम स्तन कैंसर के उपचार में इन्हीं तीनों रिसेप्टरों का कीमोथेरेपी सहित अन्य थेरेपी से इलाज किया जाता है।
 
ट्रिपल-नेगिटिव ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण- 
स्तन का सख्त होना, स्तन के रंग में बदलाव, निप्पल के आकार में बदलाव के साथ-साथ निप्पल से तरल पदार्थ का आना।

नैनो मेडिसिन ऐसे करती है काम-
आईआईटी बीएचयू की ओर से तैयार नैनोमेडिसिन बहुत ही सूक्ष्म कैप्सूल है। इसमें कैंसर की दवा भरी रहती है। इंजेक्शन के माध्यम से इसे शरीर में पहुंचाया जाता है। नैनो कैप्सूल कैंसर प्रभावित सेल की ओर आकर्षित होती है। यह उसमें प्रवेश कर कैंसर सेल को मार देती है। नैनो कैप्सूल में बंद दवा धीरे-धीरे रिलीज होती है। इससे केवल कैंसर कोशिकाएं ही प्रभावित होती हैं। 

नोट- 
ट्रिपल निगेटिव कैंसर की नैनो मेडिसिन मानवों पर क्लीनिकल ट्रायल के बाद बाजार में उपलब्ध हो पाएगी। कैंसर सेल को मारने की क्षमता वाली दवा कैंसर के उपचार में कारगर साबित होगी। 
प्रो. प्रदीप पाइक, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी बीएचयू  

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  • Web Title:IIT BHU discovered triple negative breast cancer drug know the symptoms of triple negative breast cancer