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दूसरे बच्चों को देखते ही मारने लगता है आपका बच्चा, तो इन तरीकों से करें डील

Hyperactive Kids Problems : बच्चों की ग्रोथ के लिए उन्हें दूसरे बच्चों का साथ भी चाहिए होता है, उससे वे दुनिया और खुद को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। जानें ऐसे बच्चों से कैसे करें डील

दूसरे बच्चों को देखते ही मारने लगता है आपका बच्चा, तो इन तरीकों से करें डील
Pratima Jaiswalलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीWed, 30 Nov 2022 04:26 PM

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कुछ बच्चे ऐसे होते हैं, जो दूसरे बच्चों को देखकर खुश होते हैं, जबकि कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं, जो बच्चों को देखते ही उन्हें मारना शुरू कर देते हैं। ऐसे में बच्चों को दूसरे बच्चों से घुलाना-मिलाना एक रिस्क होता है। बच्चों की ग्रोथ के लिए उन्हें दूसरे बच्चों का साथ भी चाहिए होता है, उससे वे दुनिया और खुद को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। किसी बात पर बच्चों की बहस या झड़ना होना नॉर्मल बात है लेकिन अगर बच्चे दूसरे बच्चों के संपर्क में आते ही उन्हें मारने लगते हैं, तो यह उनके फ्यूचर में बुली बनने का संकेत हो सकता है। ऐसे में पेरेंट की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों के बिहेवियर को नोटिस करें। 

बच्चों से बात करें 
सबसे पहला और आसान तरीका है कि बच्चों से पूछें कि आखिर उन्हें इतना गुस्सा क्यों आता है और वे दूसरे बच्चों को क्यों मारते हैं? इससे आपको पता चलेगा कि बच्चे के मन में क्या चल रहा है और वे ऐसी हरकत क्यों कर रहे हैं। 

बच्चों को प्यार से समझाएं
आपको बच्चों को कई तरह की कहानियों के माध्यम से समझाना चाहिए कि बच्चों को मारना क्यों बुरा होता है। उन्हें प्यार से समझाने की कोशिश करें कि दूसरे बच्चे भी उनकी तरह पेरेंट के लिए बहुत वैल्यू रखते हैं और उन्हें मारने के क्या-क्या नुकसान है। 


बच्चों को डांटकर समझाएं 
बच्चा अगर समझाने पर भी नहीं मानता है, तो उसे डांटकर समझाने की कोशिश करें। उसे बताएं कि अगर वह लगातार ऐसा करेगा, तो आप उसे न ही घुमाने ले जाएंगे और उसकी फेवरेट चीजें दिलाना भी बंद कर देंगे। 

डॉक्टर को दिखाएं 
कई बच्चे कई कारणों से हाइपर एक्टिव होते हैं। वे बात-बात पर अग्रेसिव हो जाते हैं। ऐसे में आपको बच्चों के डॉक्टर से मिलकर उन्हें बच्चों के इस बिहेवियर के बारे में बताना चाहिए। यह बहुत जरूरी है, वरना उम्र के साथ बच्चों का विहेवियर और भी अग्रेसिव होता जाएगा।