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19 नवंबर, 2020|3:46|IST

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खर्राटों की समस्या से निजात दिलाएगा चुंबक, शोधकर्ताओं ने बनाया अनोखा उपकरण

snoring

अगर आपको भी खर्राटे लेने की समस्या है तो आपके लिए एक खुशखबरी है। माउंट जियॉन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने चुंबक की मदद से एक ऐसा उपकरण बनाया है जो खर्राटों की समस्या से निजात दिला सकता है। दो चंबुकों के खींचने की क्षमता की मदद से हवा की नली को रात में सोने के दौरान खुला रखकर खर्राटों की समस्या को ठीक किया जा सकता है। 

इस समस्या से दुनियाभर में लाखों लोग जूझ रहे हैं। इस बीमारी के कारण रात को सोते वक्त हवा की नली संकरी हो जाती है और सांस लेने में अवरोध पैदा होता है। इसके लक्षणों में खर्राटे लेना और मुंह से अजीब आवाजें निकालना भी शामिल है। यह बीमारी 40 साल की उम्र से ऊपर के पुरुषों में ज्यादा होती है। मोटापा, शराब की लत और धूम्रपान इसके जोखिम कारक हैं। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

उपकरण में चुंबक का इस्तेमाल-
मैग्नेटिक एपनोइया प्रीवेंशन (मैगनैप) उपकरण में उस तरह के चुंबक का इस्तेमाल होता है जो कंप्यूटर हार्ड ड्राइव और साइकिल के डायनेमो में पाए जाते हैं। यह उपकरण सांस की नली को खुला रखने में मदद करता है। चुंबक में एक क्षरण-प्रूफ टाइटेनियम कोटिंग है और यह दावा किया जाता है कि इन्हें एक बार प्रतिरोपित करने के बाद सालों तक सुरक्षित रूप से शरीर में छोड़ा जा सकता है।

इस उपकरण का आकार पचास पैसे के सिक्के के जितना है और इसे सर्जरी के द्वारा गले के हायोड बोन में फिट किया जा सकता है। यह हड्डी जीभ के ठीक नीचे गले में होती है। इस चुंबक को फिट करने की सर्जरी को करने में एक घंटे का समय लगेगा। सर्जरी के चार हफ्ते के बाद एक और चुंबक गले में लगाया जाएगा। 

यह दूसरा चुंबक पहले से गले में लगाए गए चुंबक को आकर्षित करेगा जिससे एक हल्का खिंचाव तैयार होगा और हवा की नली खुल जाएगी। मरीज के गले और हवा की नली के आकार के अनुसार विभिन्न आकार के चुंबकों का प्रयोग किया जा सकेगा। अब तक माउंट जियॉन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में छह लोगों के गले में इस उपकरण को प्रतिरोपित किया गया है। उनकी निगरानी की जा रही है ताकि इस उपकरण की उपयोगिता का पता लगाया जा सके।

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  • Web Title:health news:Researchers created a unique tool to get rid of snoring problem with the help of magnet