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9 मई, 2021|12:26|IST

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आमदनी अच्छी हो तो बढ़ता है आत्मविश्वास, शोध में दावा

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एक नए अध्ययन में सामने आया है कि पैसा वास्तव में आपको खुशी देने में योगदान कर सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि उच्च आय वाले लोग खुद पर गर्व महसूस करते हैं और कम वेतन वाले लोगों की तुलना में अधिक आत्मविश्वासी होते हैं। इसके साथ ही उनमें किसी भी चीज को लेकर डर की भावना भी कम होती है। 

अमेरिका और सिंगापुर के शोधकर्ताओं ने एक व्यापक विश्लेषण के बाद यह दावा किया है। अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने 16 लाख लोगों के डाटा का विश्लेषण किया। इसमें उन्होंने पाया कि अधिक पैसा होने से लोगों को अधिक गर्व, संतोष और आत्मविश्वास महसूस होता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि उच्च आय वाले भी कम दुख, डर और शर्म महसूस करते हैं। अध्ययन के निष्कर्ष इमोशन जर्नल में प्रकाशिक किए गए हैं। 

कम आय वालों पर विपरीत प्रभाव
अमेरिका और सिंगापुर के शोधकर्ताओं ने 162 देशों के आय डाटा का विश्लेषण किया और अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों द्वारा भरी गई प्रश्नावली के परिणामों की जांच की। इन देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस और जापान जैसे देश शामिल थे। शोधकर्ताओं के अनुसार जांच के बाद सामने आया कि उच्च आय वाले लोग आत्मविश्वास, गर्व और दृढ़ संकल्पित होने साथ ही अधिक सकारात्मक आत्म-सम्मान की भावनाएं' महसूस करते हैं। वहीं कम आय का विपरीत प्रभाव देखा गया। इनमें नकारात्मक भावनाओं की अधिकता देखी गई। 

जरूरी नहीं अमीर लोग दयालु हों:
इस अध्ययन में एक और अहम बात सामने आई कि एक बड़ा वेतन पैकेज आपके व्यावहार में परिवर्तन करने वाला भी हो सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, ऐसा जरूरी नहीं है कि उच्च आय वाले लोग 'अधिक दयालु या प्रेम करने वाले। इस संबंध में निष्कर्ष उच्च आय वाले देशों जैसे यूके और यूएस और विकासशील देशों जैसे अंगोला, कंबोडिया और बुर्किना फासो में समान पाए गए।

भावनाओं पर होता है आय का असर:
सिंगापुर के नेशनल यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान की एसोसिएट प्रोफेसर एड्डी एम डब्ल्यू टोंग ने कहा कि हमारे भावनात्मक कल्याण पर आय के प्रभावों को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए। अधिक पैसा होना आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प को प्रेरित कर सकता है जबकि कम कमाई निराशा और चिंता से जुड़ी है। इस व्यापक विश्लेषण में आय डाटा प्रदान करने के साथ-साथ, यह भी बताया कि प्रतिभागियों ने हाल के दिनों और हफ्तों में किस हद तक कई भावनाओं को महसूस किया, जिसमें सकारात्मक और नकारात्मक आत्म-सम्मान की भावनाएं शामिल हैं। 

शोधकर्ताओं ने आत्म-सम्मान को उस हद तक परिभाषित किया, जिस पर लोग खुद को अच्छा या खराब समझते हैं। इनमें आत्मविश्वास, गर्व और दृढ़ संकल्प सहित किसी के स्वयं के अनुकूल विचार सकारात्मक आत्म-भावनाएं शामिल हैं। इसके विपरीत, नकारात्मक आत्म-संबंध की भावनाएं प्रतिकूल आत्म-विचारों से जुड़ी होती हैं। ये भावनाएं ऐसी परिस्थितियों से उत्पन्न होती हैं जिससे व्यक्ति स्वयं के बारे में बुरा महसूस करता है। इन भावनाओं को महसूस करने वाले व्यक्ति अपनी स्थिति को प्राप्त करने या सही काम करने की क्षमता पर सवाल उठा सकते हैं और स्वयं को कमियों से जोड़ सकते हैं।

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  • Web Title:Good income increases confidence claims in research