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आमेर महल में फिर से हाथी की सवारी शुरू

एजेंसी ,जयपुर Published By: Pratima Jaiswal
Wed, 16 Jun 2021 04:21 PM
आमेर महल में फिर से हाथी की सवारी शुरू

राजस्थान में वैश्विक महामारी कोरोना के कम होने पर पाबंदियों में और छूट मिलने के बाद राजधानी जयपुर के आमेर में आज हाथी सवारी के फिर से शुरु हो जाने पर हाथी गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। करीब दो महीने बाद बुधवार को आमेर महल के लिए हाथी सवारी फिर शुरु हो गई और इसके लिए सुबह महावत सजे-धजे हाथियों को लेकर आमेर महल के हाथी स्टैंड पर पहुंचे। इससे सैलानियों में भी खुशी छा गई। कोरोना की पहली लहर के समय लंबे समय तक हाथी सवारी बंद रहने तथा इसके बाद कोरोना की दूसरी लहर के कारण गत दो महीनों से हाथी सवारी बंद रहने से दुखी हाथी गांव के लोगों में इसके फिर से शुरु होने पर खुशी का ठिकाना नहीं रहा और वे सुबह जल्दी ही उठकर अपने हाथियों को तालाब में नहाने और हाथियों को सजाने में लग गये। इसके बाद वे सजे-धजे हाथियों के साथ आमेर महल के हाथी स्टैंड पर अपना नंबर लगाया और महावतों के चेहरे खिल उठे।  
कोरोना की पहली लहर में पिछले साल आठ-नौ महीने हाथी सवारी बंद रहने के बाद इस वर्ष पिछले सत्रह अप्रैल से हाथी सवारी के बंद रहने से हाथी गांव में रहने वाले महावतों के परिवारों एवं हाथियों का जीवन बसर करना काफी मुश्किल हो गया था। हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना पाबंदियों के चलते आर्थिक संकट से गुजर रहे महावतों के लिए गत 14 जून को मुख्यमंत्री सहायता कोष से डेढ़ हजार रुपए प्रति हाथी प्रति दिन सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लेकर राहत प्रदान की थी। इससे पहले आमेर से विधायक एवं भारतीय जनता पाटीर् (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डा सतीश पूनियां ने लॉकडाउन के दौरान महावतों एवं हाथियों की मदद के लिए गत 20 मई को मुख्यमन्त्री को पत्र लिखकर हाथी पालकों एवं हाथियों के लिये आर्थिक सहायता मुहैया कराये जाने का अनरोध किया था।  वर्ष 2010 में बसे हाथी गांव में करीब सौ महावतों के परिवार एवं करीब सौ हाथी है। इनका कमाई का जरिए सिर्फ हाथी सवारी हैं। हाथी पालने का रोज का खचार् भी काफी होता हैं। बताया जा रहा है कि पिछले साल चार हाथियों की मौत भी हो गई। 

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