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29 जनवरी, 2020|11:12|IST

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कम नींद लेने से बच्चों का विकास होता है बाधित, अच्छी सेहत के लिए जानें कितना सोएं

baby sleeping

अब डॉक्टर सिर्फ रक्त परीक्षण कर बता सकते हैं कि बच्चे में नींद की कमी है या नहीं। एक हालिया शोध में यह खुलासा किया गया है। बच्चों को रात में कम से कम नौ घंटे की नींद लेनी चाहिए जब तक वे 16 साल के नहीं हो जाते। नौ घंटे की नींद नहीं लेने से बच्चों के स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है।

मोटापे का खतरा बढ़ जाता है-
कम नींद से बच्चों का विकास बाधित होता है। इससे वे स्कूल और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते और उनमें मोटापे व मधुमेह से ग्रस्त होने का जोखिम बढ़ जाता है। यह बताना बेहद मुश्किल है कि बच्चे को कितनी नींद मिलती है क्योंकि ये बच्चे और उसके माता-पिता पर निर्भर करता है।

अभिभावकों को भी इस बात की सही जानकारी नहीं होती कि बच्चा कितनी देर तक सोता है। लेकिन, वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने एक ऐसा रक्त परीक्षण विकसित कर लिया है जिससे बच्चों के सोने की आदतों के बारे में सही जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

आरएनएज अणु की करता है पहचान-
 इटली के इंस्टीट्यूट ऑफ फूड साइंस ऑफ द नेशनल रिसर्च काउंसिल के शोधकर्ताओं ने इस रक्त परीक्षण को विकसित किया है। यह रक्त परीक्षण खून में मौजूद माइक्रो आरएनएज नामक अणु की पहचान कर नींद के बारे में पता लगाता है। माइक्रो आरएनएज शरीर के सबसे सक्रिय जीन को नियंत्रित करते हैं। वैज्ञानिकों ने नींद के समय के अनुसार माइक्रो आरएनएज में काफी बदलाव देखा।

दो विभिन्न प्रकार के माइक्रो आरएनएज को देखने के बाद उन्होंने बताया कि कौन-सा बच्चा नौ घंटे सोता है और कौन कम सोता है।
 
कितनी नींद लेना जरूरी-
 अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तीन साल से कम उम्र के बच्चों को हर रात 12 घंटे से ज्यादा सोना चाहिए और हर साल नींद में 15 मिनट की कटौती करते हुए 16 की उम्र में नौ घंटे की नींद पर आ जाना चाहिए।

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  • Web Title:Do you know Lack of Sleep can Stunt Your kids Growth