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जीवन शैलीCovid-19: 6 माह तक दोबारा कोरोना संक्रमण होने का खतरा नहीं , नए शोध में दावा

हिन्दुस्तान ब्यूरो ,नई दिल्लीPublished By: Manju Mamgain
Sun, 22 Nov 2020 04:50 PM
Covid-19: 6 माह तक दोबारा कोरोना संक्रमण होने का खतरा नहीं , नए शोध में दावा

किसी व्यक्ति के शरीर में कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ने वाला एंटीबॉडी तत्व विकसित होने के बाद छह माह तक रहता है। प्रतिष्ठित नेचर पत्रिका में प्रकाशित शोध में यह दावा किया गया है। एंटीबॉडी शरीर का वो तत्व है, जिसका निर्माण हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली वायरस को बेअसर करने के लिए करती है। 

बी सेल करते हैं मदद :
कैलिफोर्निया के इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी के शोधकर्ताओं के अनुसार, एक बार संक्रमित हो जाने के बाद, छह महीने तक गंभीर रूप से संक्रमित होने की आशंका बेहद कम रह जाती है। वायरस के मिलने पर उसे मारने वाले टी सेल के अलावा संक्रमित होने वाले लोग कथित मेमोरी बी सेल बना लेते हैं। जैसे ही बॉडी में दोबारा कोरोना का अटैक होता है, बी सेल्स एंटीबॉडी तैयार करना शुरू कर देती हैं। वायरोलॉजिस्ट फ्लोरियन क्रैमर के मुताबिक, अगर उन्हें दोबारा वायरस मिलता है तो वे इसे याद रखते हैं और तेजी से एंटीबॉडी बनाते हैं। 

दो सौ नमूनों की जांच : 
अध्ययन दल के प्रमुख शेन कार्टी के अनुसार, उन्होंने एंटीबॉडी के बारे में पता लगाने के लिए करीब दो सौ खून के नमूनों को लेकर अध्ययन किया। इसमें करीब 41 नमूनों में छह महीने तक एंटीबॉडीज पाई गईं।

इससे साबित हुआ कि कोरोना संक्रमण होने के बाद शरीर में बनी एंटीबॉडीज लंबे समय तक शरीर को अन्य संक्रमण से बचाती हैं। अब तक माना जा रहा था कि सार्स और मर्स समेत दूसरे कोरोनावायरस की एंटीबॉडीज कुछ हफ्तों तक ही शरीर में रहती है। लेकिन नए अध्ययन में पता चला कि यह छह से सात माह तक मौजूद रहती हैं। 

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