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29 नवंबर, 2020|4:21|IST

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कोरोना महामारी का सबसे ज्यादा बुरा असर इस आयु के युवाओं पर पड़ा

coronavirus india update

कोरोना पीढ़ी के नाम से पुकारे जाने लगे 25 साल तक के युवाओं पर महामारी का सबसे बुरा असर पड़ा है। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स ने एक अध्ययन के आधार पर यह दावा किया है। अध्ययन से पता लगा कि शिक्षा, करियर, आर्थिक व सामाजिक स्थिति के मामलों में इन आयुवर्ग के लोगों पर सबसे गहरा असर हुआ है।

बड़ों के मुकाबले नौकरी का खतरा दोगुना
शोध में पाया कि 16 से 25 साल के युवाओं की नौकरी जाने का खतरा इस आयुवर्ग से बड़े उम्र के लोगों की तुलना में दोगुना है। साथ ही हर दस में से छह युवाओं को आमदनी में कमी का सामना करना पड़ रहा है।

निर्धन युवाओं की छूटी पढ़ाई
रिपोर्ट के अनुसार धनी पारिवारिक पृष्ठिभूमि से आने वाले युवाओं की तुलना में गरीब विद्यार्थियों की पढ़ाई पर ज्यादा असर हुआ। तालाबंदी के दौरान 25 लाख बच्चों को किसी भी माध्यम से स्कूल शिक्षकों या ट्यूशन के जरिए पढ़ाई की सुविधा नहीं मिल सकी। उस दौरान सरकारी स्कूल के सिर्फ 38% विद्यार्थियों को शिक्षा की सुविधा मिल पाई जबकि निजी स्कूलों के 74% विद्यार्थी शिक्षा पा सके।

आत्मघाती विचारों से जूझ रहे
एक अन्य रिपोर्ट बताती है कि 18 से 29 साल के युवाओं में तनाव इस कदर हावी हो गया है कि वे आत्मघाती विचारों से जूझ रहे हैं। यह अध्ययन स्कॉटलैंड में स्थित ग्लासगो विश्वविद्यालय ने किया है। यह तनाव सिर्फ करियर से जुड़ा नहीं है, बल्कि तालाबंदी के दौरान अपनों से दूरी के कारण भी वे तनाव में आए। इस दौरान युवाओं के खाने की आदतों में भी बड़ा बदलाव आया, तनाव होने से वे जरूरत से ज्यादा खाने लगे।

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  • Web Title:Covid-19: The corona epidemic has badly affected the youth coming in the category of 25 years old age group