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19 जनवरी, 2021|9:12|IST

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Covid-19: लंबे लोगों की तुलना में छोटे लोगों को कोराना संक्रमण का जोखिम ज्यादा

short tall

छोटे लोगों को कोरोना संक्रमण का अपेक्षाकृत अधिक खतरा हो सकता है। एक नए शोध के आधार पर शोधकर्ताओं ने यह दावा किया है। उनका कहना है कि ऐसे लोग किसी संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकली सूक्ष्म बूंदों (ड्रॉपलेट) के संपर्क में लंबे लोगों के मुकाबले आसानी से आ सकते हैं।

सिंगापुर में शोधकर्ताओं ने कोरोना संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से निकली सूक्ष्म बूंदों के जमीन तक पहुंचने की प्रक्रिया का अध्ययन किया। इसके जरिये उन्होंने यह देखने का प्रयास किया कि कोरोना वायरस एक व्यक्ति से निकलकर दूसरे तक किस तरह पहुंचता है। उन्होंने पाया कि जब कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है तब इसके ठीक बाद उसके मुंह या नाक से संक्रामक सूक्ष्म बूंदें निकलकर आसपास की हवा में पहुंच जाती हैं। फिर वे बूंदें धीरे धीरे जमीन की ओर गिरने लगती हैं।   

शोधकर्ताओं ने कहा, जमीन की ओर गिरने के दौरान ये संक्रामक बूंदें छोटे लोगों में सांस के जरिये अपेक्षाकृत आसानी से प्रवेश कर सकती हैं। उन्होंने आगाह किया कि इसमें बच्चों, किशोरों और महिलाओं समेत उन सभी लोगों को अधिक जोखिम हो सकता है जिनकी लंबाई 5.5 फीट से कम है। उन्होंने कहा, इस तरह से संक्रमित होने का खतरा बच्चों को अधिक हो सकता है। 

लेकिन कई शोध-अध्ययनों ने दिखाया है कि प्राथमिक स्कूल जाने की उम्र वाले बच्चों के कोरोना संक्रमण से प्रभावित होने की संभावना वयस्कों के मुकाबले काफी कम है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा संभवत: अनुवांशिक कारणों से हो सकता है। इसका संबंध बच्चों में उन रिसेप्टर की कम मौजूदगी के कारण हो सकता है जिनका इस्तेमाल कर कोविड-19 मानव कोशिकाओं में प्रवेश करता है। लेकिन किशोर उम्र के बच्चों के संक्रमित होने की संभावना अधिक हो सकती है क्योंकि वे वयस्क होने के करीब होते हैं। 

शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर कहा, किशोर और कम लंबाई वाले वयस्कों को लंबे लोगों के मुकाबले िकसी के संपर्क में आने के दौरान दो मीटर से भी अधिक दूरी बनाए रखनी चाहिए। प्रमुख शोधकर्ता डॉ. हांगयिंग ली ने कहा, किसी के नाक या मुंह से निकले बेहद सूक्ष्म ड्रॉपलेट हवा में लंबे समय तक रह सकते हैं। वे ऊंचाई से नीचे गिरने के दौरान सांस के जरिये किसी के फेफड़े तक पहुंच सकते हैं। इस अध्ययन ने इस जोखिम को स्पष्ट किया है। यह अध्ययन एक कंप्यूटर मॉडल पर आधारित है। इसका प्रकाशन जर्नल ऑफ फिजिक्स ऑफ फ्लूइड में हुआ है।

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  • Web Title:Covid-19: Short people have a higher risk of coronavirus infection than tall people