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27 अक्तूबर, 2020|6:52|IST

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Covid-19:कोविड-19 से होने वाली 15 फीसदी मौतों का संबंध वायु प्रदूषण से, अध्ययन में दावा

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दुनियाभर में कोविड-19 से हुई करीब 15 प्रतिशत मौतों का संबंध लंबे समय तक वायु प्रदूषण वाले माहौल में रहने से है। वैज्ञानिकों ने एक नए अध्ययन में दावा किया है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया है कि यूरोप में कोविड-19 से हुई मौतों में करीब 19 प्रतिशत, उत्तरी अमेरिका में हुई मौतों में से 17 प्रतिशत और पूर्वी एशिया में हुई मौतों के करीब 27 प्रतिशत का संबंध वायु प्रदूषण से है।

जर्मनी के मैक्स प्लांक रसायन विज्ञान संस्थान के शोधकर्ता भी इस अध्ययन में शामिल थे। प्रोफेसर जोस लेलीवेल्ड ने कहा कि चूंकि कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में हर देश में हुईं मौतों में वायु प्रदूषण से संबंधित मौतों की सटीक संख्या देना अभी संभव नहीं है।

हालांकि, एक उदाहरण के रूप में यूके में कोरोना से हुई 44,000 से अधिक मौतों में हमारा अनुमान है कि वायु प्रदूषण से संबंधित मौतें 14 प्रतिशत हैं। यानी 6,100 से अधिक मौतों को वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। वहीं अमेरिका में हुईं 220,000 से अधिक मौतों में वायु प्रदूषण के कारण 18 प्रतिशत (करीब 40,000) मौतें दर्ज की गईं। 

वायु प्रदूषण के कारण बीमारी की गंभीरता बढ़ी
यह अध्ययन कार्डियोवस्कुलर जर्नल में प्रकाशित किया गया है। इसमें कोरोना वायरस से हुई मौतों के संबंध में विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने दुनिया के विभिन्न देशों में वायु प्रदूषण से इन मौतों के संबंध का पता लगाया गया।

अध्ययन करने वाली टीम ने कहा कि इस अध्ययन के दौरान कोविड-19 संक्रमण से हुई मौतों और इसमें वायु प्रदूषण की वजह से आबादी पर बढ़े खतरों का विश्लेषण किया गया। उन्होंने कहा कि निकाला गया अनुपात वायु प्रदूषण और कोविड-19 मृत्यु दर के बीच सीधे जुड़ाव को नहीं दिखाता है। हालांकि, वायु प्रदूषण के कारण बीमारी की गंभीरता बढ़ने और स्वास्थ्य संबंधी अन्य जोखिमों के बीच प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संबंधों को देखा गया।

इस संबंध में व्यापक विश्लेषण की जरूरत 
शोधकर्ताओं ने वायु प्रदूषण और कोविड-19 के संबंध में अमेरिका और चीन के पूर्व के अध्ययनों का इस्तेमाल किया। वर्ष 2003 में सार्स बीमारी से जुड़े आंकड़ों का भी इसमें इस्तेमाल किया गया। अध्ययन करने वाले शोधकर्ताओं ने हवा में पीएम 2.5 जैसे अति सूक्ष्म कणों की मौजूदगी वाले माहौल में ज्यादा समय तक रहने के संबंध में एक मॉडल का विश्लेषण किया। महामारी के बारे में जून 2020 के तीसरे सप्ताह तक के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया और शोधकर्ताओं ने कहा कि महामारी खत्म होने के बाद इस बारे में व्यापक विश्लेषण करने की जरूरत होगी।

दोनों का एक साथ होना ज्यादा घातक 
जर्मनी में जोहान्स गुटेनबर्ग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर थॉमस मुंजेल ने कहा कि जब लोग प्रदूषित हवा में होते हैं, तो पीएम 2.5 के बहुत छोटे प्रदूषणकारी कण फेफड़ों से रक्त और रक्त वाहिकाओं की ओर पलायन करते हैं। इसी तरह कोरोना वायरस भी फेफड़ों के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। अगर कोविड-19 संक्रमण के साथ वायु प्रदूषण एक साथ आते हैं, तो निश्चित ही स्वास्थ्य पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इससे मौत का खतरा और बढ़ जाता है।  

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  • Web Title:Covid-19: shocking research claims that 15 percent of coronavirus deaths are related to air pollution