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3 मार्च, 2021|4:22|IST

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Covid-19:वैज्ञानिकों ने खोज निकाला जवाब, आखिर क्यों कोरोना वायरस कुछ लोगों पर होता है जानलेवा साबित

coronavirus

शरीर में मौजूद पांच तरह के जीन के कारण कोरोना संक्रमण ज्यादा घातक होता है। ब्रिटेन के एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने मरीजों के डीएन का अध्ययन करके इस बात का पता लगाया है।

इस अध्ययन से इस बात की गुत्थी आंशिक रूप से सुलझ गई है कि आखिर क्यों कोरोना वायरस कुछ लोगों पर जानलेवा साबित होता है जबकि कई मरीज आसानी से ठीक हो जाते हैं। 

एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सलाहकार व शोधकर्ता केनेथ बाल्ली का कहना है कि शरीर में पांच जीन की मौजूदगी के कारण कुछ लोगों पर कोरोना का असर जानलेवा होता है, जबकि कई लोगों पर संक्रमण का असर नहीं होता।

ये जीन टीवाईके2, सीसीआर2, ओएएस1, आईएफएनएआर2 और डीपीपी9 हैं। यह अध्ययन करने के लिए शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन के 208 आईसीयू यूनिट में भर्ती रहे 2700 मरीजों के डीएनए डाटा का विश्लेषण किया। साथ ही, इन मरीजों के डाटा की तुलना ब्रिटेन के अन्य एक लाख लोगों से की।

वैज्ञानिकों ने पाया कि पांच तरह के जीन के कारण शरीर में दो प्रकार के असर होते हैं। पहला असर एंटीवायरल इम्युनिटी और दूसरा असर लंग इंफ्लेमेशन से जुड़ा है।

शोधकर्ताओं ने जिन 2700 मरीजों पर अध्ययन किया, उनमें से 22 फीसदी मरीजों की मौत हो गई। इन मरीजों में सांस न ले पाने की समस्या थी, जिसके कारण उन्हें वेंटिलेटर दिया गया था। 

शोध के मायने : प्रतिष्ठित नेचर पत्रिका में प्रकाशित हुए इस अध्ययन के जरिए वैज्ञानिक पहले से उपलब्ध दवाओं का नैदानिक परीक्षण करके एंटीवायरल इम्युनिटी और लंग इंफ्लेमेशन को लक्षित करते हुए कोरोना संक्रमण की दवा बना सकते हैं। 

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  • Web Title:Covid-19: Scientists get successful to find the answer why corona virus is fatal on some people