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जीवन शैलीCovid-19 : कोरोना वॉरियर्स के प्लाज्मा पर होगा शोध

प्रमुख संवाददाता ,कानपुरPublished By: Manju Mamgain
Mon, 01 Feb 2021 10:14 AM
Covid-19 : कोरोना वॉरियर्स के प्लाज्मा पर होगा शोध

कोरोना जैसे खतरनाक वायरस को मात दे चुके वॉरियर्स के प्लाज्मा को संरक्षित कर शोध किया जाएगा। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के ट्रासंफ्यूजन मेडिसिन विभाग ने अभी तक कोरोना वॉरियर्स का 11 यूनिट प्लाज्मा संरक्षित किया है।

इसका दोहरा इस्तेमाल किया जाएगा। पॉजिटिव मरीजों को प्लाज्मा की जरूरत होगी तो उन्हें दिया भी जा सकेगा लेकिन उन्हें डोनर के तौर पर वॉरियर्स को लाना होगा। साथ ही प्लाज्मा के जरिए एक साल तक आईजीजी एंटीबॉडी रहने का भी आकलन किया जाएगा।

शहर में कोरोना का ग्राफ लगातार गिर रहा है लेकिन वैक्सीनेशन के बीच आगे संक्रमण की स्थिति होगी, इस पर डॉक्टर भी कोई दावा नहीं कर रहे हैं। प्लाज्मा को एक साल तक संरक्षित कर उसका इस्तेमाल किया जा सकता है इसलिए अब मेडिकल कॉलेज ने प्लाज्मा को माइनस 80 डिग्री सेल्सियस में रखने का काम शुरू कर दिया है।

प्लाज्मा संरक्षित करने के लिए विभाग ने हाल ही में ठीक हो चुके मरीजों से संपर्क शुरू कर दिया है ताकि ऐसे लोग डोनेशन के लिए आगे आएं। 40 दिन पूरा कर चुके कोरोना वॉरियर्स से विभाग के स्टाफ लगातार संपर्क कर रहा है। 


अभी काफी कम वॉरियर्स का प्लाज्मा संरक्षित किया गया है लेकिन जल्द ही और लोग आगे आएंगे। माइनस 80 में प्लाज्मा संरक्षित करने के लिए एक और फ्रीजर की डिमांड प्राचार्य के जरिए शासन से की गई है। शोध के साथ ही प्लाज्मा मरीजों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। एंटीबॉडी कब तक रहती हैं, इसका भी आकलन किया जा सकेगा।
- डॉ. लुबना खान, हेड, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग मेडिकल कॉलेज

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