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16 सितम्बर, 2020|5:42|IST

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कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले युवाओं के पीछे खराब जीवनशैली जिम्मेदार, ज्यादातर युवा थे मोटापे और अस्थमा के शिकार

coronavirus

कोरोना वायरस से संक्रमित जिन युवाओं ने जान गंवाई है, उसका बड़ा कारण खराब जीवनशैली के कारण उम्र से पहले घेरने वाले रोग रहे हैं। अमेरिका की शीर्ष स्वास्थ्य एजेंसी सेंट्रल फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का कहना है कि अगर ये युवा सेहतमंद होते तो उनमें से 75 फीसदी की जान बचाई जा सकती थी।

सीडीसी ने 12 फरवरी से 31 जुलाई के बीच कोरोना संक्रमण के कारण मारे गए अमेरिकी युवाओं पर अध्ययन के बाद यह नतीजा निकाला है। संक्रमण से मारे गए अमेरिकी युवाओं में 70 फीसदी 10 से 20 साल के थे। जबकि बाकी 20 फीसदी एक से नौ साल के थे। दस फीसदी एक साल से कम उम्र के थे। इनमें 28 फीसदी अस्थमा, 27 फीसदी मोटापा, 22 फीसदी तंत्रिका तंत्र संबंधी विसंगतियों और 18 फीसदी हृदय रोगों के शिकार थे।

इन बीमारियों से ग्रसित होने के कारण इन युवाओं को कोरोना संक्रमण से बचाया नहीं जा सका। सिर्फ 25 फीसदी ही अमेरिकी युवा ऐसे थे, जिन्हें पहले से स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या नहीं थी, लेकिन संक्रमण के बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सीडीसी के मुताबिक, अगर संक्रमण की सही ढंग से निगरानी कर जोखिम वाले समूहों पर विशेष ध्यान दिया जाए तो युवाओं को असमय मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सकता है। 

खासकर जब स्कूल-कॉलेज पूरी तरह से खुलने को तैयार हैं तो स्वास्थ्य एजेंसियों को सतर्क हो जाना चाहिए। एजेंसी ने कहा है कि जातीय और नस्लीय अल्पसंख्यक समूहों के नवजात, बच्चे और किशोरों की हालत ज्यादा खराब होने की आशंका है। भाषायी, सांस्कृतिक रूप से मुख्यधारा से अलग होने के कारण उन पर स्वास्थ्य एजेंसियों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। शुरुआती दौर में माना जाता था कि बच्चे और युवाओं के लिए कोविड संक्रमण जानलेवा नहीं है। 

अश्वेतों पर आई आफत-
सीडीसी का कहना है कि मारे गए युवाओं में 45 फीसदी हिस्पैनिक अमेरिकी, 29 फीसदी अश्वेत अमेरिकी और चार भारतीय मूल के अमेरिकी थे। यानी यह साफ था कि गरीबी और पिछड़ेपन के साथ बीमारियों के शिकार हिस्पैनिक, अश्वेतों या भारतीय अमेरिकी युवाओं को संक्रमण की बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। 

पांच लाख से ज्यादा युवा संक्रमण का शिकार-
अमेरिका में जुलाई तक कुल संक्रमितों का आठ फीसदी यानी करीब चार लाख 1 साल से कम उम्र के मरीज थे। अभी यह तादाद करीब पांच-साढ़े पांच लाख के आसपास है। अमेरिका की 26 फीसदी आबादी 21 साल से कम उम्र की है।  

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  • Web Title:covid-19: Poor lifestyle was responsible for the youth who lost their lives due to corona virus mostly person were suffering from obesity and asthma