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गंभीर लक्षण वाले मरीज 3 महीने तक रखें खुद का ख्याल, वायरस आपके इन अंगों को कर सकता है प्रभावित

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Manju Mamgain
Tue, 15 Jun 2021 08:59 AM
गंभीर लक्षण वाले मरीज 3 महीने तक रखें खुद का ख्याल, वायरस आपके इन अंगों को कर सकता है प्रभावित

कोरोना को मात देने वाले मरीजों की मुश्किलें अभी थमने का नाम नहीं ले रहीं। ब्रिटेन में हुए एक नए अध्ययन में सार्स-कोव-2 वायरस की जद में आए दस फीसदी लोगों में संक्रमण खत्म होने के महीनों बाद तक उससे जुड़ी जटिलताएं बनी रहने की बात सामने आई है। वहीं, एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने भी स्पष्ट किया है कि कुछ संक्रमितों को वायरस के दुष्प्रभावों से पूरी तरह से उबरने में लंबा समय लग सकता है। उनमें बुखार, सूखी खांसी, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, कमजोरी या बेचैनी जैसे लक्षण कई महीनों तक बने रह सकते हैं। ऐसे में संक्रमणमुक्त होने के कम से कम तीन महीने बाद तक खुद का विशेष ख्याल रखना बेहद जरूरी है।

कई अंगों को निशाना बनाता है वायरस
सार्स-कोव-2 वायरस सिर्फ फेफड़ों ही नहीं, बल्कि किडनी, लिवर, हृदय और मस्तिष्क सहित कई अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। मरीजों में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, डिप्रेशन, क्लॉटिंग (खून के थक्के जमना) सहित अन्य दिक्कतें उभरना इसका प्रमाण है।

हल्के लक्षण वाले इन बातों का ध्यान दें
-विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना से संक्रमित होने वाले 90 फीसदी मरीज घर रहकर ठीक हो सकते हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं।
-हालांकि, ऐसे मरीजों को थकान, कमजोरी, बदन दर्द, अनिद्रा, घबराहट, भूख न लगने जैसे लक्षणों से निजात पाने में दो से आठ हफ्ते लग सकते हैं।
-इसलिए खाने में प्रोटीन, विटामिन, मिनरल युक्त आहर की मात्रा बढ़ाएं, दिनभर में दस से 12 गिलास पानी जरूर पिएं, पानी गुनगुना हो तो बेहतर रहेगा।
-रोजाना दो बार भाप लेना भी न भूलें, रात में आठ से दस घंटे जरूर सोएं, शरीर के तापमान, ब्लड शुगर, रक्तचाप, ऑक्सीजन के स्तर की लगातार निगरानी करें।
-योग-व्यायाम, खासकर श्वास क्रियाओं के लिए समय जरूर निकालें, इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी, एक साथ ज्यादा काम निपटाने से बचें।

खुद से दवा बंद न करें
-हल्के लक्षणों का सामना करने वाले मरीज ठीक होने के दस से 15 दिन के भीतर सामान्य दिनचर्या में लौट सकते हैं।
-हालांकि, दवा बंद करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें, सिगरेट और शराब के सेवन से परहेज करना भी अहम है।

मध्यम और गंभीर लक्षण वाले क्या करें
-मध्यम और गंभीर संक्रमण से जूझने वालों मरीजों की रिकवरी थोड़ी धीमी होती है, उन्हें पूरी तरह से ठीक होने में एक से तीन महीने का समय लग सकता है।
-ऐसे लोग श्वास क्रियाओं के साथ दिन की शुरुआत करें, हो सके तो शाम को भी हल्का व्यायाम करें, पानी और प्रोटीन युक्त आहार का सेवन बढ़ाना फायदेमंद रहेगा।
-नकारात्मक विचारों को दिमाग पर हावी न होने दें, इसके लिए संगीत सुनें या फिर पसंदीदा काम को कुछ समय दें, ज्यादा मेहनत या ताकत वाले कामों से बचें।
-डॉक्टरों की ओर से सुझाई गई दवाओं को समय पर लेते रहें, शरीर के तापमान, ब्लड शुगर, रक्तचाप, ऑक्सीजन के स्तर पर नजर रखने के साथ नियमित जांच कराएं।

साइफइफेक्ट पर नजर रखें
-कोविड-19 से उबरने वाले कुछ मरीजों में दवा के साइडइफेक्ट स्वस्थ होने के हफ्तों बाद उभरते हैं, इनमें फंगल इंफेक्शन से लेकर किडनी संबंधी विकार तक शामिल हैं।
-इसलिए जरूरी है मरीज कम से कम अगले तीन महीने तक शरीर में होने वाले बदलावों पर नजर रखें, कोई भी अप्रत्याशित परिवर्तन उभरने पर फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।

-कोरोना संक्रमण के दौरान जिन मरीजों में गंभीर लक्षण उभरे थे, उन्हें ठीक होने के बाद भी अधिक सर्तक रहने की जरूरत है। खासकर ऐसे मरीजों जो डायबिटीज, रक्तचाप, अस्थमा या किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। नियमित रूप से ताजी हरी सब्जियां, फल और प्रोटीन युक्त आहार जरूर लें। पानी का सेवन बढ़ाने के साथ योग-व्यायाम करें। ठीक होने के बाद भी चिकित्सकीय सलाह के हिसाब से स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहें। : डॉ. पराग शर्मा, संचालक, आरोग्य हॉस्पिटल

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